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Bilaspur: सड़क नहीं तो वोट नहीं, भड़ोली खुर्द के लोगों ने किया पंचायत चुनावों का बहिष्कार
बिलासपुर के झंडूता उपमंडल की ग्राम पंचायत भड़ोलीकलां के वार्ड नंबर-1 भड़ोली खुर्द के ग्रामीणों ने सड़क सुविधा की मांग को लेकर पंचायत चुनावों का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीणों के विरोध का असर मतदान पर साफ देखने को मिला, जहां करीब 250 मतदाताओं वाले बूथ पर केवल 6 वोट ही पड़े। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 35 वर्ष से गांव को जोड़ने वाला सड़क मार्ग कच्चा पड़ा हुआ है। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क को पक्का करने की मांग उठाई गई, लेकिन आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। इसी से नाराज होकर लोगों ने पंचायत चुनाव में मतदान न करने का फैसला लिया। स्थानीय निवासी विक्रम ने बताया कि गांव तक जाने वाला रास्ता बरसात के दिनों में पूरी तरह खराब हो जाता है। कीचड़ और फिसलन के कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार मरीजों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को पालकी या ट्रैक्टर के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।।ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर उपायुक्त सहित कई अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन वर्षों बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि चुनावों के दौरान बड़े-बड़े विकास के दावे किए जाते हैं, लेकिन उनके गांव की मूलभूत समस्या की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया। ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक सड़क मार्ग को पक्का नहीं किया जाता, तब तक वे पंचायत चुनावों के साथ-साथ विधानसभा और लोकसभा चुनावों का भी बहिष्कार जारी रखेंगे। ग्रामीणों के इस फैसले से क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में विकास कार्यों के दावे तो किए जाते हैं, लेकिन भड़ोली खुर्द आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। लोगों का कहना है कि सड़क न होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों के इलाज और किसानों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ रहा है। कहा कि हमने कई बार प्रशासन और नेताओं के सामने सड़क की मांग रखी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मजबूर होकर हमें चुनाव बहिष्कार का फैसला लेना पड़ा।
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