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Bilaspur News: सीएचसी भराड़ी में दंत चिकित्सक न होने से मरीज परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:44 PM IST
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी। संवाद
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एक माह से ठप है दंत उपचार, स्थानांतरण होने से हुई समस्या
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को होती है अधिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भराड़ी में एक माह से दंत चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब एक माह पूर्व यहां कार्यरत दंत चिकित्सक का स्थानांतरण हो गया, लेकिन उसके बाद अभी तक किसी नए दंत चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके चलते दंत रोगों से जूझ रहे मरीजों को मजबूरन अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
सीएचसी भराड़ी आसपास के दर्जनों गांवों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। दंत विभाग भी इस अस्पताल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां दांतों से संबंधित रोगों का इलाज, सफाई, फिलिंग, एक्सट्रैक्शन व अन्य उपचार किए जाते थे। लेकिन दंत चिकित्सक के स्थानांतरण के बाद यह विभाग लगभग बंद पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक दंत चिकित्सक का तबादला हो जाने से मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई ऐसे मरीज हैं जिनका दांतों का उपचार जारी था। किसी के दांतों की फिलिंग अधूरी रह गई तो किसी का रूट कैनाल या अन्य उपचार बीच में ही रुक गया। मरीजों का कहना है कि आधा इलाज होने के बाद चिकित्सक के बदल जाने से न केवल समय और पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि दर्द और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह समस्या और भी गंभीर बन गई है। भराड़ी क्षेत्र के कई गांव दूर-दराज में स्थित हैं, जहां से जिला अस्पताल या अन्य बड़े स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान नहीं है। बुजुर्ग मरीज, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग निजी क्लीनिकों में इलाज करवाने में असमर्थ हैं। ऐसे में उन्हें या तो लंबी दूरी तय कर अस्पतालों में जाना पड़ रहा है या फिर दर्द सहने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि कई बार मौखिक रूप से संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। मरीजों को सिर्फ यही जवाब मिल रहा है कि जल्द ही दंत चिकित्सक की तैनाती कर दी जाएगी, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि सीएचसी भराड़ी में जल्द से जल्द दंत चिकित्सक की स्थायी तैनाती की जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। इस संदर्भ में सीएमओ बिलासपुर डॉ. शशि दत्त ने कहा कि मौजूदा समय में दंत चिकित्सक नहीं है। जैसे ही दंत चिकित्सक मुहैया होंगे तो भराड़ी में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किए जाएंगे।
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ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को होती है अधिक परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भराड़ी में एक माह से दंत चिकित्सक की तैनाती न होने के कारण क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। करीब एक माह पूर्व यहां कार्यरत दंत चिकित्सक का स्थानांतरण हो गया, लेकिन उसके बाद अभी तक किसी नए दंत चिकित्सक की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इसके चलते दंत रोगों से जूझ रहे मरीजों को मजबूरन अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है।
सीएचसी भराड़ी आसपास के दर्जनों गांवों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। दंत विभाग भी इस अस्पताल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां दांतों से संबंधित रोगों का इलाज, सफाई, फिलिंग, एक्सट्रैक्शन व अन्य उपचार किए जाते थे। लेकिन दंत चिकित्सक के स्थानांतरण के बाद यह विभाग लगभग बंद पड़ा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अचानक दंत चिकित्सक का तबादला हो जाने से मरीजों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। कई ऐसे मरीज हैं जिनका दांतों का उपचार जारी था। किसी के दांतों की फिलिंग अधूरी रह गई तो किसी का रूट कैनाल या अन्य उपचार बीच में ही रुक गया। मरीजों का कहना है कि आधा इलाज होने के बाद चिकित्सक के बदल जाने से न केवल समय और पैसा बर्बाद हो रहा है, बल्कि दर्द और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यह समस्या और भी गंभीर बन गई है। भराड़ी क्षेत्र के कई गांव दूर-दराज में स्थित हैं, जहां से जिला अस्पताल या अन्य बड़े स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचना आसान नहीं है। बुजुर्ग मरीज, महिलाएं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग निजी क्लीनिकों में इलाज करवाने में असमर्थ हैं। ऐसे में उन्हें या तो लंबी दूरी तय कर अस्पतालों में जाना पड़ रहा है या फिर दर्द सहने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि कई बार मौखिक रूप से संबंधित अधिकारियों को समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। मरीजों को सिर्फ यही जवाब मिल रहा है कि जल्द ही दंत चिकित्सक की तैनाती कर दी जाएगी, लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों का कहना है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने की बात करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग नजर आ रही है। स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से मांग की है कि सीएचसी भराड़ी में जल्द से जल्द दंत चिकित्सक की स्थायी तैनाती की जाए, ताकि मरीजों को राहत मिल सके। इस संदर्भ में सीएमओ बिलासपुर डॉ. शशि दत्त ने कहा कि मौजूदा समय में दंत चिकित्सक नहीं है। जैसे ही दंत चिकित्सक मुहैया होंगे तो भराड़ी में प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त किए जाएंगे।
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