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Bilaspur News: बिलासपुर में पेंशनरों ने किया धरना प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:44 PM IST
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बिलासपुर में पेंशनर संघ उपायुक्त राहुल कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजते हुए। स्
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चेतावनी, मांगें न मानीं तो 30 मार्च को शिमला में करेंगे विधानसभा घेराव
लंबित देनदारियों के भुगतान की उठाई मांग
डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति जिला बिलासपुर के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। जिला संयोजक चेत राम वर्मा की अगुवाई में पेंशनरों ने मुख्यालय स्थित परिधि गृह परिसर में तीन घंटे तक धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इसके बाद पेंशनरों ने उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर उपायुक्त राहुल कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
इस दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से पेंशनरों की करोड़ों रुपये की लंबित देनदारियां अब तक जारी नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग का एरियर भी अभी तक नहीं मिला है, जबकि करोड़ों रुपये के चिकित्सा बिलों का भुगतान भी लंबित है। एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त हुए करीब 50 हजार पेंशनर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। 13 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तें भी लंबित हैं, जिससे पेंशनरों को हर महीने चार हजार से लेकर बारह हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मांगों के लंबित रहने के कारण अब तक करीब 800 पेंशनरों का निधन भी हो चुका है। चेत राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद पेंशनरों की आर्थिक देनदारियों का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार आर्थिक संकट का हवाला दे रही है जबकि विभिन्न बोर्ड, निगमों और पदों पर नियुक्तियों पर भारी खर्च किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि एचआरटीसी और कॉर्पोरेट सेक्टर के कई पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही और भुगतान में दो-दो महीने की देरी हो रही है। समिति ने सरकार से मांग की है कि आगामी बजट में पेंशनरों की लंबित देनदारियों और आर्थिक लाभों के भुगतान के लिए प्रावधान किया जाए। साथ ही संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को सुरेश ठाकुर की अगुवाई में वार्ता के लिए बुलाकर समस्याओं का समाधान किया जाए। चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो 30 मार्च को शिमला में प्रदेश स्तरीय रोष रैली निकालकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में ओम प्रकाश गर्ग जेके नड्डा, रविंद्र भट्टा, जय कृष्ण शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, रविंद्र ठाकुर, त्रिलोक शर्मा, प्रेम लाल ठाकुर, किशोरी लाल शर्मा, तिलक राज शर्मा, प्रकाश चंद ठाकुर, होशियार सिंह चंदेल, सदा राम शर्मा, अमर नाथ धीमान, सरवन कुमार समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। वहीं महिला पेंशनरों में रूमा चंदेल, संदेश शर्मा, कृष्णा शर्मा, शशि बाला और शकुंतला वर्मा सहित अन्य उपस्थित रहीं। संचालन जिला महामंत्री सुशील पुंडीर ने किया।
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लंबित देनदारियों के भुगतान की उठाई मांग
डीसी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति जिला बिलासपुर के बैनर तले सोमवार को सैकड़ों पेंशनरों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। जिला संयोजक चेत राम वर्मा की अगुवाई में पेंशनरों ने मुख्यालय स्थित परिधि गृह परिसर में तीन घंटे तक धरना दिया और प्रदेश सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। इसके बाद पेंशनरों ने उपायुक्त कार्यालय तक रैली निकालकर उपायुक्त राहुल कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
इस दौरान विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में पेंशनरों ने भाग लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई वर्षों से पेंशनरों की करोड़ों रुपये की लंबित देनदारियां अब तक जारी नहीं की गई हैं। उन्होंने कहा कि छठे वेतन आयोग का एरियर भी अभी तक नहीं मिला है, जबकि करोड़ों रुपये के चिकित्सा बिलों का भुगतान भी लंबित है। एक जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 तक सेवानिवृत्त हुए करीब 50 हजार पेंशनर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। 13 प्रतिशत महंगाई भत्ते की किस्तें भी लंबित हैं, जिससे पेंशनरों को हर महीने चार हजार से लेकर बारह हजार रुपये तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनका कहना है कि मांगों के लंबित रहने के कारण अब तक करीब 800 पेंशनरों का निधन भी हो चुका है। चेत राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद पेंशनरों की आर्थिक देनदारियों का समाधान नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार आर्थिक संकट का हवाला दे रही है जबकि विभिन्न बोर्ड, निगमों और पदों पर नियुक्तियों पर भारी खर्च किया जा रहा है।
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उन्होंने यह भी कहा कि एचआरटीसी और कॉर्पोरेट सेक्टर के कई पेंशनरों को समय पर पेंशन नहीं मिल रही और भुगतान में दो-दो महीने की देरी हो रही है। समिति ने सरकार से मांग की है कि आगामी बजट में पेंशनरों की लंबित देनदारियों और आर्थिक लाभों के भुगतान के लिए प्रावधान किया जाए। साथ ही संघर्ष समिति के पदाधिकारियों को सुरेश ठाकुर की अगुवाई में वार्ता के लिए बुलाकर समस्याओं का समाधान किया जाए। चेतावनी दी कि यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो 30 मार्च को शिमला में प्रदेश स्तरीय रोष रैली निकालकर विधानसभा का घेराव किया जाएगा। धरना प्रदर्शन में ओम प्रकाश गर्ग जेके नड्डा, रविंद्र भट्टा, जय कृष्ण शर्मा, ओम प्रकाश शर्मा, रविंद्र ठाकुर, त्रिलोक शर्मा, प्रेम लाल ठाकुर, किशोरी लाल शर्मा, तिलक राज शर्मा, प्रकाश चंद ठाकुर, होशियार सिंह चंदेल, सदा राम शर्मा, अमर नाथ धीमान, सरवन कुमार समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। वहीं महिला पेंशनरों में रूमा चंदेल, संदेश शर्मा, कृष्णा शर्मा, शशि बाला और शकुंतला वर्मा सहित अन्य उपस्थित रहीं। संचालन जिला महामंत्री सुशील पुंडीर ने किया।