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Bilaspur News: बजट पर सियासी संग्राम तेज, आमने-सामने सत्तापक्ष और विपक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Sat, 21 Mar 2026 11:13 PM IST
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अंजना धीमान
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बजट विशेष
कांग्रेस ने बताया जनहितैषी और विकासोन्मुख रहा सरकार का चौथा बजट
भाजपा बोली- अधूरी घोषणाओं और आर्थिक संकट को छिपाने की कोशिश
ग्रामीण अर्थव्यवस्था, एमएसपी और आत्मनिर्भर हिमाचल पर सरकार का फोकस
कर्मचारियों की वेतन कटौती को लेकर विपक्ष का बड़ा हमला
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश सरकार के चौथे बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सत्तापक्ष ने इसे हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया संतुलित और जनहितैषी बजट बता रहा है, जबकि विपक्ष ने इसे जनविरोधी, आर्थिक संकट को दर्शाने वाला और अधूरी घोषणाओं का दस्तावेज करार दिया है। खासकर ग्रुप ए और बी कर्मचारियों की तीन प्रतिशत वेतन कटौती के मुद्दे ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। प्रदेश का चौथा बजट सियासी टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां कांग्रेस इसे विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं भाजपा इसे अधूरी घोषणाओं, आर्थिक दबाव और कर्मचारियों पर बोझ डालने वाला बजट बता रही है।
इनसेट
पिछली घोषणाएं पूरी नहीं, नई कर दी जारी : त्रिलोक
सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने बजट पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार का चौथा बजट है, लेकिन पिछले तीन बजटों में की गई अधिकांश घोषणाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। सरकार केवल घोषणाएं कर जनता को गुमराह कर रही है और जमीनी स्तर पर कोई काम नजर नहीं आ रहा। प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है, लेकिन बजट में इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर केवल कागजी योजनाएं बना रही है और जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल रही है।
इनसेट
सरकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर : रणधीर
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि सरकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और अब यह बात छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रुप ए और बी कर्मचारियों के वेतन में तीन प्रतिशत कटौती इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिससे साफ हो जाता है कि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने तक के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं बचे हैं। सरकार लगातार कर्ज पर निर्भर होती जा रही है और जनता पर नए-नए कर और सेस लगाकर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। यह बजट आम जनता, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों के लिए निराशाजनक है।
इनसेट
प्रदेश को कर्ज के जाल में और फंसाने वाला है बजट : कटवाल
भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि यह बजट प्रदेश को कर्ज के जाल में और गहराई तक धकेलने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावी गारंटियों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है और अब नए वादों के जरिए जनता को भ्रमित किया जा रहा है। कर्मचारियों पर वेतन कटौती का बोझ डालना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है और इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए भी बजट में कोई ठोस राहत नहीं दी गई है।
इनसेट
बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान : अंजना
जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर की अध्यक्ष अंजना धीमान ने बजट को सराहनीय बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। किसानों, बागवानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को गति मिलेगी।
इनसेट
बजट में हजारों करोड़ रुपये की कटौती, विकास कार्य प्रभावित होंगे : गर्ग
भाजपा के पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बजट को जनविरोधी, दिशाहीन और विकास विरोधी बताते हुए कहा कि इसमें हजारों करोड़ रुपये की कटौती की गई है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कर्ज लेकर प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही है और कर्मचारियों की वेतन कटौती जैसे फैसले सरकार की नाकामी को उजागर करते हैं। महंगाई पहले ही चरम पर है और यह बजट आम जनता पर और अधिक आर्थिक बोझ डालने वाला साबित होगा। यह भी कहा कि चुनावी गारंटियों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है और बजट में उन्हें पूरा करने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है।
इनसेट
किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए उपयोगी बजट : विवेक
झंडूता के कांग्रेस नेता विवेक कुमार ने बजट को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह बजट हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है और प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। मछुआरों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। पहले 15 प्रतिशत रॉयल्टी निर्धारित थी, जिसे पहले साढ़े सात प्रतिशत किया गया और अब इसे घटाकर मात्र 1 प्रतिशत कर दिया गया है। यह निर्णय मछुआरों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।
इनसेट
किसानों, बागवानों और पशुपालकों के लिए विशेष प्रावधान : सुनील
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक एवं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव सुनील शर्मा ने 54,928 करोड़ के बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि किसानों, बागवानों और पशुपालकों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इनसेट
सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार का बजट बेहतर : संदीप
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने बजट को आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क और रोजगार जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। कहा कि अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्राकृतिक गेहूं का एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये, मक्की का एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किया है। इससे किसानों की आय में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश सरकार के चौथे बजट को लेकर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। सत्तापक्ष ने इसे हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया संतुलित और जनहितैषी बजट बता रहा है, जबकि विपक्ष ने इसे जनविरोधी, आर्थिक संकट को दर्शाने वाला और अधूरी घोषणाओं का दस्तावेज करार दिया है। खासकर ग्रुप ए और बी कर्मचारियों की तीन प्रतिशत वेतन कटौती के मुद्दे ने राजनीतिक विवाद को और तेज कर दिया है। प्रदेश का चौथा बजट सियासी टकराव का बड़ा मुद्दा बन गया है। जहां कांग्रेस इसे विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बता रही है, वहीं भाजपा इसे अधूरी घोषणाओं, आर्थिक दबाव और कर्मचारियों पर बोझ डालने वाला बजट बता रही है।
इनसेट
पिछली घोषणाएं पूरी नहीं, नई कर दी जारी : त्रिलोक
सदर विधायक त्रिलोक जमवाल ने बजट पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सरकार का चौथा बजट है, लेकिन पिछले तीन बजटों में की गई अधिकांश घोषणाएं आज तक धरातल पर नहीं उतर पाई हैं। सरकार केवल घोषणाएं कर जनता को गुमराह कर रही है और जमीनी स्तर पर कोई काम नजर नहीं आ रहा। प्रदेश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, बेरोजगारी गंभीर समस्या बनी हुई है और कानून व्यवस्था की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है, लेकिन बजट में इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस योजना नजर नहीं आती। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विकास के नाम पर केवल कागजी योजनाएं बना रही है और जनता को राहत देने में पूरी तरह विफल रही है।
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सरकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर : रणधीर
भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने बजट को जनविरोधी बताते हुए कहा कि सरकार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर हो चुकी है और अब यह बात छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रुप ए और बी कर्मचारियों के वेतन में तीन प्रतिशत कटौती इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिससे साफ हो जाता है कि सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन और पेंशन देने तक के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं बचे हैं। सरकार लगातार कर्ज पर निर्भर होती जा रही है और जनता पर नए-नए कर और सेस लगाकर आर्थिक बोझ बढ़ाया जा रहा है। यह बजट आम जनता, कर्मचारियों और छोटे व्यापारियों के लिए निराशाजनक है।
इनसेट
प्रदेश को कर्ज के जाल में और फंसाने वाला है बजट : कटवाल
भाजपा विधायक जीत राम कटवाल ने कहा कि यह बजट प्रदेश को कर्ज के जाल में और गहराई तक धकेलने वाला है। उन्होंने कहा कि सरकार चुनावी गारंटियों को पूरा करने में पूरी तरह विफल रही है और अब नए वादों के जरिए जनता को भ्रमित किया जा रहा है। कर्मचारियों पर वेतन कटौती का बोझ डालना सरकार की सबसे बड़ी विफलता है और इससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि किसानों, युवाओं और छोटे व्यापारियों के लिए भी बजट में कोई ठोस राहत नहीं दी गई है।
इनसेट
बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान : अंजना
जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर की अध्यक्ष अंजना धीमान ने बजट को सराहनीय बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट में समाज के हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। किसानों, बागवानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं, जिससे प्रदेश के समग्र विकास को गति मिलेगी।
इनसेट
बजट में हजारों करोड़ रुपये की कटौती, विकास कार्य प्रभावित होंगे : गर्ग
भाजपा के पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग ने बजट को जनविरोधी, दिशाहीन और विकास विरोधी बताते हुए कहा कि इसमें हजारों करोड़ रुपये की कटौती की गई है, जिससे विकास कार्य प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कर्ज लेकर प्रदेश को आर्थिक संकट की ओर धकेल रही है और कर्मचारियों की वेतन कटौती जैसे फैसले सरकार की नाकामी को उजागर करते हैं। महंगाई पहले ही चरम पर है और यह बजट आम जनता पर और अधिक आर्थिक बोझ डालने वाला साबित होगा। यह भी कहा कि चुनावी गारंटियों को लेकर सरकार गंभीर नहीं है और बजट में उन्हें पूरा करने के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया है।
इनसेट
किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए उपयोगी बजट : विवेक
झंडूता के कांग्रेस नेता विवेक कुमार ने बजट को सराहनीय बताते हुए कहा कि यह बजट हर वर्ग के हितों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने विशेष ध्यान दिया है और प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पादों के एमएसपी में बढ़ोतरी किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी। मछुआरों को भी सरकार ने बड़ी राहत दी है। पहले 15 प्रतिशत रॉयल्टी निर्धारित थी, जिसे पहले साढ़े सात प्रतिशत किया गया और अब इसे घटाकर मात्र 1 प्रतिशत कर दिया गया है। यह निर्णय मछुआरों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा।
इनसेट
किसानों, बागवानों और पशुपालकों के लिए विशेष प्रावधान : सुनील
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक के निदेशक एवं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव सुनील शर्मा ने 54,928 करोड़ के बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि किसानों, बागवानों और पशुपालकों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी से किसानों की आय में सुधार होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
इनसेट
सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार का बजट बेहतर : संदीप
प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मीडिया कॉर्डिनेटर संदीप सांख्यान ने बजट को आत्मनिर्भर हिमाचल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, सड़क और रोजगार जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है। कहा कि अदरक का एमएसपी 30 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्राकृतिक गेहूं का एमएसपी 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये, मक्की का एमएसपी 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये किया है। इससे किसानों की आय में निश्चित रूप से वृद्धि होगी।

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