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Bilaspur News: दो महीने से डिपुओं में नहीं पहुंची दालें, बाजार से महंगे दाम पर खरीद रहे उपभोक्ता
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प्रदेश के करीब 18 लाख उपभोक्ताओं पर असर, रसोई का बजट बिगड़ा, इसी सप्ताह सप्लाई शुरू होने की उम्मीद
गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाली दालों की आपूर्ति पिछले दो महीनों से प्रभावित होने के कारण करीब 18 लाख उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपुओं में दालें उपलब्ध नहीं होने से उपभोक्ताओं को बाजार से महंगे दाम पर दालें खरीदनी पड़ रही हैं। इससे खासकर गृहिणियों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। लंबे समय से डिपुओं में दालों का इंतजार कर रहे उपभोक्ताओं को अब प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम को जुलाई में ही दालों की खरीद की अनुमति मिल गई थी। इसके बाद अब सरकार की ओर से प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है। निगम ने प्रदेशभर के डिपुओं के लिए करीब 94 हजार क्विंटल दालों की आपूर्ति इसी सप्ताह शुरू करने का दावा किया है। आपूर्ति शुरू होने के बाद डिपुओं में दालों की उपलब्धता सामान्य होने की उम्मीद है। पीडीएस के तहत डिपुओं में मिलने वाली दालें बाजार की तुलना में उपभोक्ताओं को कम कीमत पर उपलब्ध होती हैं। ऐसे में पिछले दो महीने से डिपुओं में दाल नहीं मिलने के कारण परिवारों का घरेलू खर्च बढ़ गया है। गृहिणियों का कहना है कि दाल रोजमर्रा के भोजन का जरूरी हिस्सा है। डिपुओं में सस्ती दाल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में बाजार से खरीदारी करनी पड़ रही है। गृहिणियों दीपा शर्मा, मनीषा, वनीता, रीता शर्मा और वंदना ने बताया कि डिपुओं में दालें नहीं मिल रही हैं। बाजार में दालों के दाम अधिक होने के कारण महीने का राशन बजट प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से डिपुओं में मिलने वाली दालों की आपूर्ति जल्द बहाल की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 4.12 लाख उपभोक्ताओं को 253 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन उपलब्ध करवाया जाता है। जिले में उपभोक्ताओं के लिए करीब 35 मीट्रिक टन दालों की सप्लाई की जाती है। हालांकि, पिछले दो महीनों से दालों की आपूर्ति नहीं पहुंचने के कारण डिपुओं में उपभोक्ताओं को दालें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक शीतल ने बताया कि जिले में अभी तक दालों की सप्लाई नहीं पहुंची है। निगम की ओर से आपूर्ति शुरू होने के बाद जिले के डिपुओं में भी दालें पहुंचाई जाएंगी। दालों की नई आपूर्ति शुरू होने के बाद चना और मलका दाल के पुराने दाम ही लागू रहेंगे, जबकि उर्द की दाल तीन रुपये प्रति किलो महंगी मिलेगी। पीडीएस के तहत अभी तक चना दाल बीपीएल उपभोक्ताओं को 61 रुपये और एपीएल उपभोक्ताओं को 67 रुपये प्रति किलो मिलती थी। इसी तरह मलका दाल बीपीएल के लिए 67 रुपये और एपीएल के लिए 72 रुपये प्रति किलो उपलब्ध होती थी। उर्द दाल बीपीएल उपभोक्ताओं को 89 रुपये और एपीएल उपभोक्ताओं को 94 रुपये प्रति किलो मिलती थी। अब उर्द दाल के दाम में तीन रुपये की बढ़ोतरी होगी, जबकि चना और मलका दाल पुराने मूल्य पर ही उपलब्ध करवाने की बात कही गई है। संवाद
18 लाख उपभोक्ताओं को होती है आपूर्ति
प्रदेश में पीडीएस के तहत करीब 18 लाख उपभोक्ताओं को दालों की आपूर्ति की जाती है। दो महीने से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण उपभोक्ता बाजार पर निर्भर हैं। अब निगम की ओर से नई खेप भेजे जाने से डिपुओं में दालों की उपलब्धता बहाल होने की उम्मीद है। जिले में 4.12 लाख उपभोक्ताओं को 253 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन दिया जाता है। दालों की करीब 35 मीट्रिक टन आपूर्ति जिले के उपभोक्ताओं के लिए की जाती है।
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कोट
प्रदेश के लिए दालों की आपूर्ति इसी सप्ताह शुरू हो जाएगी। निगम की ओर से करीब 94 हजार क्विंटल दालों की आपूर्ति की जाएगी। चना दाल और मलका दाल के मूल्य पूर्ववत रहेंगे, जबकि उर्द दाल तीन रुपये महंगी मिलेगी।
राजेश्वर गोयल, प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम
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गोपाल शर्मा
जुखाला (बिलासपुर)। प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाली दालों की आपूर्ति पिछले दो महीनों से प्रभावित होने के कारण करीब 18 लाख उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डिपुओं में दालें उपलब्ध नहीं होने से उपभोक्ताओं को बाजार से महंगे दाम पर दालें खरीदनी पड़ रही हैं। इससे खासकर गृहिणियों की रसोई का बजट बिगड़ गया है। लंबे समय से डिपुओं में दालों का इंतजार कर रहे उपभोक्ताओं को अब प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम की ओर से राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश नागरिक आपूर्ति निगम को जुलाई में ही दालों की खरीद की अनुमति मिल गई थी। इसके बाद अब सरकार की ओर से प्रशासनिक मंजूरी भी मिल चुकी है। निगम ने प्रदेशभर के डिपुओं के लिए करीब 94 हजार क्विंटल दालों की आपूर्ति इसी सप्ताह शुरू करने का दावा किया है। आपूर्ति शुरू होने के बाद डिपुओं में दालों की उपलब्धता सामान्य होने की उम्मीद है। पीडीएस के तहत डिपुओं में मिलने वाली दालें बाजार की तुलना में उपभोक्ताओं को कम कीमत पर उपलब्ध होती हैं। ऐसे में पिछले दो महीने से डिपुओं में दाल नहीं मिलने के कारण परिवारों का घरेलू खर्च बढ़ गया है। गृहिणियों का कहना है कि दाल रोजमर्रा के भोजन का जरूरी हिस्सा है। डिपुओं में सस्ती दाल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें मजबूरी में बाजार से खरीदारी करनी पड़ रही है। गृहिणियों दीपा शर्मा, मनीषा, वनीता, रीता शर्मा और वंदना ने बताया कि डिपुओं में दालें नहीं मिल रही हैं। बाजार में दालों के दाम अधिक होने के कारण महीने का राशन बजट प्रभावित हो रहा है। उनका कहना है कि सरकार की ओर से डिपुओं में मिलने वाली दालों की आपूर्ति जल्द बहाल की जानी चाहिए, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 4.12 लाख उपभोक्ताओं को 253 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन उपलब्ध करवाया जाता है। जिले में उपभोक्ताओं के लिए करीब 35 मीट्रिक टन दालों की सप्लाई की जाती है। हालांकि, पिछले दो महीनों से दालों की आपूर्ति नहीं पहुंचने के कारण डिपुओं में उपभोक्ताओं को दालें उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक शीतल ने बताया कि जिले में अभी तक दालों की सप्लाई नहीं पहुंची है। निगम की ओर से आपूर्ति शुरू होने के बाद जिले के डिपुओं में भी दालें पहुंचाई जाएंगी। दालों की नई आपूर्ति शुरू होने के बाद चना और मलका दाल के पुराने दाम ही लागू रहेंगे, जबकि उर्द की दाल तीन रुपये प्रति किलो महंगी मिलेगी। पीडीएस के तहत अभी तक चना दाल बीपीएल उपभोक्ताओं को 61 रुपये और एपीएल उपभोक्ताओं को 67 रुपये प्रति किलो मिलती थी। इसी तरह मलका दाल बीपीएल के लिए 67 रुपये और एपीएल के लिए 72 रुपये प्रति किलो उपलब्ध होती थी। उर्द दाल बीपीएल उपभोक्ताओं को 89 रुपये और एपीएल उपभोक्ताओं को 94 रुपये प्रति किलो मिलती थी। अब उर्द दाल के दाम में तीन रुपये की बढ़ोतरी होगी, जबकि चना और मलका दाल पुराने मूल्य पर ही उपलब्ध करवाने की बात कही गई है। संवाद
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18 लाख उपभोक्ताओं को होती है आपूर्ति
प्रदेश में पीडीएस के तहत करीब 18 लाख उपभोक्ताओं को दालों की आपूर्ति की जाती है। दो महीने से आपूर्ति प्रभावित होने के कारण उपभोक्ता बाजार पर निर्भर हैं। अब निगम की ओर से नई खेप भेजे जाने से डिपुओं में दालों की उपलब्धता बहाल होने की उम्मीद है। जिले में 4.12 लाख उपभोक्ताओं को 253 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से राशन दिया जाता है। दालों की करीब 35 मीट्रिक टन आपूर्ति जिले के उपभोक्ताओं के लिए की जाती है।
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प्रदेश के लिए दालों की आपूर्ति इसी सप्ताह शुरू हो जाएगी। निगम की ओर से करीब 94 हजार क्विंटल दालों की आपूर्ति की जाएगी। चना दाल और मलका दाल के मूल्य पूर्ववत रहेंगे, जबकि उर्द दाल तीन रुपये महंगी मिलेगी।
राजेश्वर गोयल, प्रबंध निदेशक, हिमाचल प्रदेश राज्य नागरिक आपूर्ति निगम