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Bilaspur News: चिट्टा मुक्त समाज, स्वच्छता व जल संरक्षण को चुनावी मुद्दा बनाएगी संस्कार सोसाइटी

संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Fri, 01 May 2026 11:18 PM IST
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Sanskar Society will make Chitta free society, cleanliness and water conservation an election issue.
चिट्टा मुक्त समाज, स्वच्छता व जल संरक्षण को चुनावी एजेंडा बनाने के लिए संस्कार सोसायटी का प्रत्
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हर प्रत्याशी से तीन सामाजिक विषयों को एजेंडे में शामिल करने का आग्रह, अभियान शुरू
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संवाद न्यूज एजेंसी

घुमारवीं (बिलासपुर)। आगामी पंचायत एवं नगर परिषद चुनावों के बीच घुमारवीं की समाजसेवी संस्था संस्कार सोसाइटी ने चिट्टा मुक्त समाज, स्वच्छता और जल संरक्षण को चुनावी एजेंडा बनाने के लिए अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। संस्था प्रत्येक पंचायत और क्षेत्र में जाकर चुनावी प्रत्याशियों से इन तीन प्रमुख सामाजिक मुद्दों को प्राथमिकता देने का आग्रह करेगी।

संस्था के संस्थापक महेंद्र धर्माणी ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि चुनावों के दौरान प्रत्याशी सीधे जनता के बीच पहुंचते हैं और संवाद स्थापित करते हैं। ऐसे में यह सबसे उपयुक्त समय है कि समाज से जुड़े गंभीर विषयों को चुनावी एजेंडे में शामिल कराया जाए। कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास और प्रशासन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई हैं, जिनके माध्यम से जनसमस्याओं का सीधा समाधान संभव होता है। यदि प्रत्याशी इन मुद्दों को अपने एजेंडे में शामिल करेंगे तो निर्वाचित होने के बाद इनके समाधान की दिशा में ठोस पहल हो सकेगी। बताया कि संस्कार सोसाइटी वर्ष 2008 से संस्कार और सरोकार के उद्देश्य के साथ सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में कार्य कर रही है। संस्था लगातार नशा मुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जनजागरण अभियान चला रही है। कहा कि पहला और सबसे गंभीर मुद्दा सिंथेटिक ड्रग चिट्टा का है, जो युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहा है। दूसरा मुद्दा स्वच्छता का है, जहां बढ़ते कचरे और अव्यवस्था से पर्यावरण और स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ रहा है। वहीं तीसरा और महत्वपूर्ण विषय जल संरक्षण का है, क्योंकि क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोत लगातार सूखते जा रहे हैं। उन्होंने घुमारवीं की जीवन रेखा मानी जाने वाली सीर खड्ड का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भी उपेक्षा का शिकार है और यदि समय रहते संरक्षण के उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में जल संकट गहरा सकता है। संस्था के अनुसार, उसके सदस्य क्षेत्र के हर चुनावी प्रत्याशी से मिलकर इन मुद्दों को अपने चुनावी वादों में शामिल करने और जीत के बाद प्राथमिकता से लागू करने का संकल्प दिलाने का प्रयास करेंगे।
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