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Bilaspur News: बीएससी-एलएलबी रीता सहगल के सामने साधारण पृष्ठभूमि की शीला देवी
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 13 May 2026 11:59 PM IST
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रीता सहगल
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नवगठित जगदंबा वार्ड में इस बार पहली बार हो रहे हैं चुनाव
महिला आरक्षित इस वार्ड में आमने-सामने की है टक्कर
वार्ड परिसीमन के बाद इस वार्ड से चुनाव लड़ने उतरी हैं पूर्व अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के नवगठित जगदंबा वार्ड में इस बार चुनाव केवल राजनीतिक अनुभव और समर्थन का नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता का भी बनता दिख रहा है। महिला आरक्षित इस वार्ड में आमने-सामने की टक्कर में एक ओर उच्च शिक्षित और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रीता सहगल हैं, जबकि दूसरी ओर पहली बार चुनाव लड़ रहीं भाजपा समर्थित शीला देवी मैदान में हैं।
करीब 25 वर्ष से नगर परिषद की राजनीति में सक्रिय रीता सहगल इस चुनाव में अपने अनुभव के साथ शिक्षा को भी अपनी मजबूत पहचान मान रही हैं। हलफनामे के अनुसार वह बीएससी और बीए एलएलबी तक शिक्षित हैं। नगर परिषद की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक समझ को लेकर उनके समर्थक इसे बड़ा प्लस प्वाइंट मान रहे हैं। इससे पहले वह कल्याण वार्ड से चुनाव लड़ती रही हैं, लेकिन परिसीमन के बाद बने नए जगदंबा वार्ड से इस बार मैदान में उतरी हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थित उम्मीदवार शीला देवी पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रख रही हैं। उनके हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता संबंधी कोई विशेष जानकारी दर्ज नहीं है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली शीला देवी खुद को जमीन से जुड़ा उम्मीदवार बता रही हैं और भाजपा समर्थन के सहारे चुनावी मुकाबले को रोचक बना रही हैं। वार्ड के मतदाताओं के बीच भी इस बार चर्चा केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पढ़े-लिखे प्रतिनिधि और स्थानीय जुड़ाव जैसे मुद्दे भी सामने आ रहे हैं। हलफनामे के अनुसार रीता सहगल के पास करीब 1.10 लाख रुपये नकद, लगभग 30 लाख रुपये की एफडी, दो स्कूटियां, करीब साढ़े आठ लाख रुपये के आभूषण हैं। इसके अलावा करीब साढ़े तीन बीघा जमीन और पति-पत्नी के नाम लगभग 70 लाख रुपये कीमत के दो मकान भी दर्शाए गए हैं। हालांकि उनके ऊपर करीब 23 लाख रुपये का कर्ज भी बताया गया है।
भाजपा समर्थित उम्मीदवार शीला देवी ने हलफनामे में अपनी चल-अचल संपत्ति में 26 हजार रुपये नकद, बैंक में 4 हजार रुपये जमा, सहकारी सभा में 500 रुपये का एक शेयर दर्शाया है। इसके अलावा करीब 32 लाख रुपये के गहने, दो बीघा जमीन और लगभग 50 लाख रुपये कीमत का एक मकान भी बताया गया है। एक वर्ग जहां प्रशासनिक समझ और अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं दूसरा वर्ग नए चेहरे और सरल छवि को महत्व देता नजर आ रहा है। नए वार्ड में केवल दो उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला सीधा हो गया है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जगदंबा वार्ड के मतदाता उच्च शिक्षित और अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताते हैं या पहली बार मैदान में उतरी नई उम्मीदवार को मौका देते हैं।
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वार्ड परिसीमन के बाद इस वार्ड से चुनाव लड़ने उतरी हैं पूर्व अध्यक्ष
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं(बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं के नवगठित जगदंबा वार्ड में इस बार चुनाव केवल राजनीतिक अनुभव और समर्थन का नहीं, बल्कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता का भी बनता दिख रहा है। महिला आरक्षित इस वार्ड में आमने-सामने की टक्कर में एक ओर उच्च शिक्षित और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रीता सहगल हैं, जबकि दूसरी ओर पहली बार चुनाव लड़ रहीं भाजपा समर्थित शीला देवी मैदान में हैं।
करीब 25 वर्ष से नगर परिषद की राजनीति में सक्रिय रीता सहगल इस चुनाव में अपने अनुभव के साथ शिक्षा को भी अपनी मजबूत पहचान मान रही हैं। हलफनामे के अनुसार वह बीएससी और बीए एलएलबी तक शिक्षित हैं। नगर परिषद की कार्यप्रणाली और प्रशासनिक समझ को लेकर उनके समर्थक इसे बड़ा प्लस प्वाइंट मान रहे हैं। इससे पहले वह कल्याण वार्ड से चुनाव लड़ती रही हैं, लेकिन परिसीमन के बाद बने नए जगदंबा वार्ड से इस बार मैदान में उतरी हैं। वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थित उम्मीदवार शीला देवी पहली बार चुनावी राजनीति में कदम रख रही हैं। उनके हलफनामे में शैक्षणिक योग्यता संबंधी कोई विशेष जानकारी दर्ज नहीं है। साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाली शीला देवी खुद को जमीन से जुड़ा उम्मीदवार बता रही हैं और भाजपा समर्थन के सहारे चुनावी मुकाबले को रोचक बना रही हैं। वार्ड के मतदाताओं के बीच भी इस बार चर्चा केवल राजनीतिक दलों तक सीमित नहीं है, बल्कि पढ़े-लिखे प्रतिनिधि और स्थानीय जुड़ाव जैसे मुद्दे भी सामने आ रहे हैं। हलफनामे के अनुसार रीता सहगल के पास करीब 1.10 लाख रुपये नकद, लगभग 30 लाख रुपये की एफडी, दो स्कूटियां, करीब साढ़े आठ लाख रुपये के आभूषण हैं। इसके अलावा करीब साढ़े तीन बीघा जमीन और पति-पत्नी के नाम लगभग 70 लाख रुपये कीमत के दो मकान भी दर्शाए गए हैं। हालांकि उनके ऊपर करीब 23 लाख रुपये का कर्ज भी बताया गया है।
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भाजपा समर्थित उम्मीदवार शीला देवी ने हलफनामे में अपनी चल-अचल संपत्ति में 26 हजार रुपये नकद, बैंक में 4 हजार रुपये जमा, सहकारी सभा में 500 रुपये का एक शेयर दर्शाया है। इसके अलावा करीब 32 लाख रुपये के गहने, दो बीघा जमीन और लगभग 50 लाख रुपये कीमत का एक मकान भी बताया गया है। एक वर्ग जहां प्रशासनिक समझ और अनुभव को प्राथमिकता दे रहा है, वहीं दूसरा वर्ग नए चेहरे और सरल छवि को महत्व देता नजर आ रहा है। नए वार्ड में केवल दो उम्मीदवार मैदान में होने से मुकाबला सीधा हो गया है। ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि जगदंबा वार्ड के मतदाता उच्च शिक्षित और अनुभवी चेहरे पर भरोसा जताते हैं या पहली बार मैदान में उतरी नई उम्मीदवार को मौका देते हैं।

रीता सहगल