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Bilaspur News: सिकरोहा-गलौड सड़क बनी मुसीबत, खस्ताहाल मार्ग पर थमी रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 18 Mar 2026 11:49 PM IST
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सिकरोहा-गलौड खस्ताहाल सड़क। संवाद
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स्कूल, पंचायत घर तक पहुंचना दूभर, दूध संग्रहण वाहन भी गांव से दूर
मनरेगा कार्य अटका, खुले में पड़ी टाइल्स चोरी का खतरा; ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
मलोखर (बिलासपुर)। सिकरोहा मुख्य सड़क से ग्राम पंचायत घर और सरकारी स्कूल तक जाने वाली सड़क गांव गलौड के पास पिछले कई महीनों से जर्जर हालत में पड़ी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है, जिससे स्कूली बच्चों, अभिभावकों, अध्यापकों और स्थानीय ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के अधिकांश लोग पशुपालन पर निर्भर हैं। पहले दूध एकत्र करने आने वाले वाहन गांव तक आसानी से पहुंच जाते थे, लेकिन अब सड़क की खराब स्थिति के कारण कई महीनों से वाहन गांव में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों की आय पर भी असर पड़ा है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
लोगों का कहना है कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही पंचायत ने लाखों रुपये खर्च कर बनाई थी, लेकिन घटिया निर्माण के कारण अब यह जगह-जगह से उखड़ चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। करीब तीन महीने पहले सड़क पर पेवर ब्लॉक बिछाने के लिए सीमेंटेड टाइल्स लाकर अलग-अलग स्थानों पर डाल दी गई थीं, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाया। खुले में पड़ी इन टाइल्स के चोरी होने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बीडीओ सदर और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर सड़क की हालत सुधारने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि कम से कम बड़े गड्ढों को तुरंत भरा जाए, ताकि आवाजाही सुचारू हो सके और किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
पंचायत सचिव कश्मीर सिंह ने बताया कि इस सड़क का कार्य मनरेगा के तहत प्रस्तावित है, जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने अभी तक काम के लिए अपने नाम दर्ज नहीं करवाए हैं, जिसके चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीण पंकज शर्मा, सुनील कुमार और बाबूराम ने बताया कि उन्हें दिन में कई बार पंचायत घर और स्कूल तक आना-जाना पड़ता है। साथ ही उनके खेत भी इसी मार्ग के आसपास हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अध्यापकों को भी अपने वाहन मुख्य सड़क पर खड़े कर पैदल स्कूल जाना पड़ता है।
स्कूल के छात्र-छात्राओं में तनीषा, भूमिका, सृष्टि, सुशांत, लक्ष्य, दृति और गार्विक ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण वे कई बार स्कूल देर से पहुंचते हैं। आपातकालीन स्थिति में अभिभावकों का स्कूल तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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मनरेगा कार्य अटका, खुले में पड़ी टाइल्स चोरी का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी
मलोखर (बिलासपुर)। सिकरोहा मुख्य सड़क से ग्राम पंचायत घर और सरकारी स्कूल तक जाने वाली सड़क गांव गलौड के पास पिछले कई महीनों से जर्जर हालत में पड़ी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े गड्ढों के कारण दोपहिया और छोटे वाहनों की आवाजाही लगभग बंद हो गई है, जिससे स्कूली बच्चों, अभिभावकों, अध्यापकों और स्थानीय ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र के अधिकांश लोग पशुपालन पर निर्भर हैं। पहले दूध एकत्र करने आने वाले वाहन गांव तक आसानी से पहुंच जाते थे, लेकिन अब सड़क की खराब स्थिति के कारण कई महीनों से वाहन गांव में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। इससे ग्रामीणों की आय पर भी असर पड़ा है और उन्हें आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।
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लोगों का कहना है कि यह सड़क कुछ वर्ष पहले ही पंचायत ने लाखों रुपये खर्च कर बनाई थी, लेकिन घटिया निर्माण के कारण अब यह जगह-जगह से उखड़ चुकी है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं और किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। करीब तीन महीने पहले सड़क पर पेवर ब्लॉक बिछाने के लिए सीमेंटेड टाइल्स लाकर अलग-अलग स्थानों पर डाल दी गई थीं, लेकिन आज तक कार्य शुरू नहीं हो पाया। खुले में पड़ी इन टाइल्स के चोरी होने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बीडीओ सदर और प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर सड़क की हालत सुधारने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि कम से कम बड़े गड्ढों को तुरंत भरा जाए, ताकि आवाजाही सुचारू हो सके और किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
पंचायत सचिव कश्मीर सिंह ने बताया कि इस सड़क का कार्य मनरेगा के तहत प्रस्तावित है, जिसमें स्थानीय लोगों की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि गांव के लोगों ने अभी तक काम के लिए अपने नाम दर्ज नहीं करवाए हैं, जिसके चलते निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीण पंकज शर्मा, सुनील कुमार और बाबूराम ने बताया कि उन्हें दिन में कई बार पंचायत घर और स्कूल तक आना-जाना पड़ता है। साथ ही उनके खेत भी इसी मार्ग के आसपास हैं, लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अध्यापकों को भी अपने वाहन मुख्य सड़क पर खड़े कर पैदल स्कूल जाना पड़ता है।
स्कूल के छात्र-छात्राओं में तनीषा, भूमिका, सृष्टि, सुशांत, लक्ष्य, दृति और गार्विक ने बताया कि सड़क खराब होने के कारण वे कई बार स्कूल देर से पहुंचते हैं। आपातकालीन स्थिति में अभिभावकों का स्कूल तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी झेलनी पड़ती है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क की मरम्मत और निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

सिकरोहा-गलौड खस्ताहाल सड़क। संवाद