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Bilaspur News: स्मार्ट मीटर से नहीं प्रभावित होगी मुफ्त बिजली की सुविधा

Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jan 2026 11:25 PM IST
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Smart meters will not affect the free electricity facility
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सब्सिडी और मुफ्त बिजली पर कोई असर नहीं
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भ्रामक प्रचार पर ध्यान न दें बिजली उपभोक्ता

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड ने स्मार्ट मीटरों को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही भ्रांतियों पर स्थिति साफ की है। बोर्ड ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि स्मार्ट मीटर केवल बिजली की खपत मापने का एक आधुनिक उपकरण है, ठीक वैसे ही जैसे पारंपरिक मीटर होते हैं। इसका बिजली की दरों या वर्तमान बिलिंग नीतियों से कोई संबंध नहीं है।

बिजली बोर्ड ने कहा कि राज्य में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने से उपभोक्ताओं को मिलने वाली 125 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। यह धारणा पूरी तरह गलत है कि स्मार्ट मीटर लगने से बिजली के बिल बढ़ जाएंगे। सोशल मीडिया पर जो विरोध किया जा रहा है, वह जानकारी की कमी और तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने का परिणाम है। बोर्ड ने तकनीकी बदलाव के फायदों पर जोर देते हुए बताया कि पुराने मीटरों में कई बार उपभोक्ताओं को औसत रीडिंग के आधार पर बिल भेज दिए जाते थे, भले ही उन्होंने बिजली का उपयोग न किया हो। स्मार्ट मीटर इस समस्या को खत्म कर देगा।
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खपत का विवरण सीधे सेंट्रल डेटा सेंटर को जाएगा। उपभोक्ता जितनी बिजली इस्तेमाल करेगा, बिल केवल उतना ही आएगा। उपभोक्ता हर 15 मिनट के अंतराल पर अपनी बिजली खपत को देख सकेंगे। उपभोक्ताओं के भरोसे के लिए बोर्ड ने एक विशेष व्यवस्था की है। यदि किसी को स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर संदेह है, तो वे अपने पुराने मीटर के साथ ही नया स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति ले सकते हैं। इस सेटअप से उपभोक्ता दोनों मीटरों की तुलना खुद कर सकेंगे। यदि कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित बिजली सब-डिवीजन कार्यालय में इसकी शिकायत की जा सकती है।

पारदर्शिता के लिए उठाया कदम
बोर्ड ने कहा कि यह बदलाव केवल उपकरण बदलना नहीं है, बल्कि मैनुअल सिस्टम को हटाकर रियल-टाइम डाटा आधारित पारदर्शी सिस्टम को अपनाना है। उपभोक्ता इच्छा के अनुसार प्रीपेड मीटर का विकल्प भी चुन सकते हैं। बोर्ड ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास करने के बजाय केवल प्रमाणित और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।
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