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Bilaspur News: जिले में 184 आंगनबाड़ी केंद्रों में चलेगा समर मेला अभियान-2026
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 10 Jun 2026 11:43 PM IST
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बच्चों की स्कूल तैयारी होगी मजबूत, 11 से 25 जून तक लगेंगे पहले चरण के मेले
खेल-खेल में सीखेंगे भाषा, गणित और जीवन कौशल
अभिभावकों की भागीदारी पर जोर, अगस्त में होगा अभियान का दूसरा चरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की विद्यालयी तैयारी को सुदृढ़ बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से समर मेला अभियान-2026 कमाल की तैयारी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के चयनित 184 आंगनबाड़ी केंद्रों में 11 से 25 जून तक समर मेलों का आयोजन किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को स्कूल में प्रवेश से पहले आवश्यक बुनियादी कौशलों से लैस करना और प्रारंभिक शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरिंदर कुमार ने बताया कि समर मेला अभियान बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक भाषा ज्ञान, गणितीय समझ, संज्ञानात्मक विकास, शारीरिक गतिविधियों तथा सामाजिक और भावनात्मक कौशलों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती वर्षों में बच्चों की सीखने की क्षमता सबसे अधिक होती है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान केवल बच्चों पर ही नहीं, बल्कि माताओं और अभिभावकों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। अभिभावकों को यह जानकारी दी जाएगी कि वे घर पर बच्चों के साथ सरल गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की प्रक्रिया को कैसे मजबूत बना सकते हैं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा।
नरिंदर कुमार ने कहा कि समर मेला अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना भी है। अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में गतिविधि आधारित शिक्षण स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा। चित्र पहचान, कहानी सुनाना, रंग भरना, संख्या ज्ञान, रचनात्मक गतिविधियां और समूह खेल जैसे कार्यक्रम बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे। अभियान का पहला चरण 11 से 25 जून तक चलेगा। इसके बाद 26 जून से 31 जुलाई तक घर-आधारित गतिविधियों और अभिभावक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे। वहीं, 1 अगस्त से 15 अगस्त तक दूसरे चरण के समर मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पहले चरण के अनुभवों के आधार पर और अधिक प्रभावी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिले के चयनित 184 आंगनबाड़ी केंद्रों में अभियान के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की नियमित भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पहले आवश्यक कौशल प्राप्त हो सकें और उनकी शैक्षणिक यात्रा की मजबूत शुरुआत हो सके।
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खेल-खेल में सीखेंगे भाषा, गणित और जीवन कौशल
अभिभावकों की भागीदारी पर जोर, अगस्त में होगा अभियान का दूसरा चरण
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में तीन से छह वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की विद्यालयी तैयारी को सुदृढ़ बनाने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से समर मेला अभियान-2026 कमाल की तैयारी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत जिले के चयनित 184 आंगनबाड़ी केंद्रों में 11 से 25 जून तक समर मेलों का आयोजन किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य बच्चों को स्कूल में प्रवेश से पहले आवश्यक बुनियादी कौशलों से लैस करना और प्रारंभिक शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाना है। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरिंदर कुमार ने बताया कि समर मेला अभियान बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसके माध्यम से बच्चों में प्रारंभिक भाषा ज्ञान, गणितीय समझ, संज्ञानात्मक विकास, शारीरिक गतिविधियों तथा सामाजिक और भावनात्मक कौशलों को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शुरुआती वर्षों में बच्चों की सीखने की क्षमता सबसे अधिक होती है और इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान केवल बच्चों पर ही नहीं, बल्कि माताओं और अभिभावकों की भागीदारी पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। अभिभावकों को यह जानकारी दी जाएगी कि वे घर पर बच्चों के साथ सरल गतिविधियों के माध्यम से उनकी सीखने की प्रक्रिया को कैसे मजबूत बना सकते हैं। इसके साथ ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की सीखने की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया जाएगा।
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नरिंदर कुमार ने कहा कि समर मेला अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के महत्व के प्रति समाज में जागरूकता पैदा करना भी है। अभियान के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों में गतिविधि आधारित शिक्षण स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर मिलेगा। चित्र पहचान, कहानी सुनाना, रंग भरना, संख्या ज्ञान, रचनात्मक गतिविधियां और समूह खेल जैसे कार्यक्रम बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगे। अभियान का पहला चरण 11 से 25 जून तक चलेगा। इसके बाद 26 जून से 31 जुलाई तक घर-आधारित गतिविधियों और अभिभावक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, ताकि बच्चों की सीखने की प्रक्रिया निरंतर जारी रहे। वहीं, 1 अगस्त से 15 अगस्त तक दूसरे चरण के समर मेलों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पहले चरण के अनुभवों के आधार पर और अधिक प्रभावी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जिले के चयनित 184 आंगनबाड़ी केंद्रों में अभियान के सफल संचालन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। विभाग ने संबंधित अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की नियमित भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पहले आवश्यक कौशल प्राप्त हो सकें और उनकी शैक्षणिक यात्रा की मजबूत शुरुआत हो सके।