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Bilaspur News: हिमाचल और केरल के पारंपरिक व्यंजन किए तैयार
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ऋषिकेश स्कूल में एक भारत श्रेष्ठ भारत गतिविधि आयोजित
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऋषिकेश में एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत पारंपरिक व्यंजन विनिमय गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति, खानपान और परंपराओं से परिचित कराना तथा विविधता में एकता की भावना को सुदृढ़ करना था।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने हिमाचल और केरल के बबरू, भल्ले, सीरा, सिडु, खीर, हलवा, नारियल की चटनी, बिलासपुरी धाम के व्यंजन, पटांडे, मद्रा, चना का खट्टा, माह की दाल, मीठा भात, चटनी सहित अन्य पारंपरिक व्यंजन तैयार कर प्रदर्शित किए। हिमाचली व्यंजनों को पारंपरिक रूप से टौर के पत्तों पर और केरल के व्यंजनों को केले के पत्तों पर परोसा गया। इससे दोनों राज्यों की समृद्ध खानपान संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। इस दौरान विद्यार्थियों ने व्यंजनों की विशेषताओं और उनके पोषण संबंधी महत्व की भी जानकारी साझा की।
प्रधानाचार्य निर्मल सिंह चंदेल ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, भाषा, खानपान और परंपराओं को समझना तथा उनका सम्मान करना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार, पुष्पा देवी, अब्दुल मजीद, हरिचरण सिंह, मनोज कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला ऋषिकेश में एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम के तहत पारंपरिक व्यंजन विनिमय गतिविधि का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति, खानपान और परंपराओं से परिचित कराना तथा विविधता में एकता की भावना को सुदृढ़ करना था।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने हिमाचल और केरल के बबरू, भल्ले, सीरा, सिडु, खीर, हलवा, नारियल की चटनी, बिलासपुरी धाम के व्यंजन, पटांडे, मद्रा, चना का खट्टा, माह की दाल, मीठा भात, चटनी सहित अन्य पारंपरिक व्यंजन तैयार कर प्रदर्शित किए। हिमाचली व्यंजनों को पारंपरिक रूप से टौर के पत्तों पर और केरल के व्यंजनों को केले के पत्तों पर परोसा गया। इससे दोनों राज्यों की समृद्ध खानपान संस्कृति और परंपराओं की सुंदर झलक देखने को मिली। इस दौरान विद्यार्थियों ने व्यंजनों की विशेषताओं और उनके पोषण संबंधी महत्व की भी जानकारी साझा की।
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प्रधानाचार्य निर्मल सिंह चंदेल ने कहा कि एक भारत श्रेष्ठ भारत कार्यक्रम का उद्देश्य देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति, भाषा, खानपान और परंपराओं को समझना तथा उनका सम्मान करना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों में राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना को भी सुदृढ़ करना है। इस अवसर पर उप-प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार, पुष्पा देवी, अब्दुल मजीद, हरिचरण सिंह, मनोज कुमार सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
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