{"_id":"69cd08349835b058ad073dc7","slug":"traffic-halted-for-five-hours-at-garamoda-barrier-buses-and-trucks-stranded-passengers-in-distress-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-157127-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: गरामोड़ बैरियर पर पांच घंटे ठप रहा ट्रैफिक, बसें-ट्रक फंसे, यात्री बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: गरामोड़ बैरियर पर पांच घंटे ठप रहा ट्रैफिक, बसें-ट्रक फंसे, यात्री बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:26 PM IST
विज्ञापन
गरामोड़ टोल प्लाजा पर प्रदर्शकारियों ने बंद की सड़क। संवाद
विज्ञापन
प्रवेश शुल्क खत्म करने की मांग पर चक्का जाम, हिमाचल ट्रक चालकों का मिला समर्थन
मौके पर पहुंचे अधिकारी, 10 दिन का अल्टीमेटम देकर हटे प्रदर्शनकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट/गेहड़वीं (बिलासपुर)। प्रवेश शुल्क खत्म करने की मांग को लेकर गरामोड़ा बैरियर पर बुधवार को पंजाब के विभिन्न संगठनों की ओर से चक्का जाम किया गया, जिससे लोगों के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। यह जाम सुबह करीब 8 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन करीब पांच घंटे तक चला, जिससे राष्ट्रीय मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हालात यह रहे कि टनल नंबर-1 तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 1 बजे यातायात बहाल हुआ।
जाम में हिमाचल पथ परिवहन निगम की कई बसें घंटों फंसी रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाली परिवहन निगम की बसें जाम में फंसी रही। बसों में बैठे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान नजर आए। कई यात्री जरूरी कामों के लिए जा रहे थे, लेकिन जाम के चलते समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। वहीं, सीमेंट कंपनियों के दर्जनों ट्रक भी सड़क पर खड़े रहे, जिससे जाम और भी लंबा होता गया। माल ढुलाई पूरी तरह प्रभावित रही। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आए पर्यटक भी इस जाम में फंस गए, जिससे उनका सफर प्रभावित हुआ और हिमाचल यात्रा का अनुभव भी खराब हुआ।
प्रदर्शनकारी हिमाचल में लगाए गए प्रवेश शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की मांग को लेकर अड़े रहे और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद और पंजाब-हिमाचल भाईचारा जिंदाबाद जैसे नारे भी लगाए गए। जाम के चलते स्थानीय लोग भी खासे नाराज दिखे और प्रदर्शनकारियों से सड़क खोलने की अपील करते रहे। धरने को हिमाचल के ट्रक ड्राइवरों का भी समर्थन मिला। हिमाचल के ट्रक ड्राइवरों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि हिमाचल-पंजाब भाई-भाई हैं। वहीं, इस प्रदर्शन को कुछ जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिला है। हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता शुरू की। अधिकारियों ने कहा कि वह लोगों की बात सरकार तक पहुंचाएंगे। हिमाचल की ओर से एसडीएम श्री नयना देवी जी, डीएसपी विक्रांत बोंसरा और पंजाब की ओर से आनंदपुर साहिब के डीएसपी मौके पर मौजूद रहे।
करीब पांच घंटे बाद प्रशासन ने मांगों पर विचार करने के लिए 10 दिन का समय मांगा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिन के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो दोबारा चक्का जाम किया जाएगा। जाम के दौरान कुछ वाहनों ने पुराने हाईवे का सहारा लिया। जाम खुलने के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि अब इस मसले पर पंजाब और हिमाचल सरकार आपस में बात करने के बाद निर्णय लेगी।
कोट
सुबह सूचना मिली थी कि टोल टैक्स के निर्णय को लेकर लोग रोष प्रकट कर रहे हैं। इसके बाद मौके पर पहुंचे। स्थानीय प्रशासन पंजाब प्रशासन के साथ संपर्क में था। लोगों को कहा गया कि उनकी मांग उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद सरकार निर्णय लेगी। 10 दिन का समय इसके लिए कहा गया, जो भी पंजाब और हिमाचल सरकार की बैठक होगी वहां पर यह मांगे रख सकते हैं।
धर्मपाल, एसडीएम, श्री नयना देवी जी
Trending Videos
मौके पर पहुंचे अधिकारी, 10 दिन का अल्टीमेटम देकर हटे प्रदर्शनकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
स्वारघाट/गेहड़वीं (बिलासपुर)। प्रवेश शुल्क खत्म करने की मांग को लेकर गरामोड़ा बैरियर पर बुधवार को पंजाब के विभिन्न संगठनों की ओर से चक्का जाम किया गया, जिससे लोगों के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ी। यह जाम सुबह करीब 8 बजे से शुरू हुआ यह प्रदर्शन करीब पांच घंटे तक चला, जिससे राष्ट्रीय मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। हालात यह रहे कि टनल नंबर-1 तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब 1 बजे यातायात बहाल हुआ।
जाम में हिमाचल पथ परिवहन निगम की कई बसें घंटों फंसी रहीं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाली परिवहन निगम की बसें जाम में फंसी रही। बसों में बैठे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं परेशान नजर आए। कई यात्री जरूरी कामों के लिए जा रहे थे, लेकिन जाम के चलते समय पर गंतव्य तक नहीं पहुंच सके। वहीं, सीमेंट कंपनियों के दर्जनों ट्रक भी सड़क पर खड़े रहे, जिससे जाम और भी लंबा होता गया। माल ढुलाई पूरी तरह प्रभावित रही। इसके अलावा बाहरी राज्यों से आए पर्यटक भी इस जाम में फंस गए, जिससे उनका सफर प्रभावित हुआ और हिमाचल यात्रा का अनुभव भी खराब हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदर्शनकारी हिमाचल में लगाए गए प्रवेश शुल्क को पूरी तरह समाप्त करने की मांग को लेकर अड़े रहे और प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद और पंजाब-हिमाचल भाईचारा जिंदाबाद जैसे नारे भी लगाए गए। जाम के चलते स्थानीय लोग भी खासे नाराज दिखे और प्रदर्शनकारियों से सड़क खोलने की अपील करते रहे। धरने को हिमाचल के ट्रक ड्राइवरों का भी समर्थन मिला। हिमाचल के ट्रक ड्राइवरों ने भी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि हिमाचल-पंजाब भाई-भाई हैं। वहीं, इस प्रदर्शन को कुछ जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिला है। हालात को देखते हुए प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता शुरू की। अधिकारियों ने कहा कि वह लोगों की बात सरकार तक पहुंचाएंगे। हिमाचल की ओर से एसडीएम श्री नयना देवी जी, डीएसपी विक्रांत बोंसरा और पंजाब की ओर से आनंदपुर साहिब के डीएसपी मौके पर मौजूद रहे।
करीब पांच घंटे बाद प्रशासन ने मांगों पर विचार करने के लिए 10 दिन का समय मांगा, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम समाप्त कर दिया और यातायात बहाल कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 दिन के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो दोबारा चक्का जाम किया जाएगा। जाम के दौरान कुछ वाहनों ने पुराने हाईवे का सहारा लिया। जाम खुलने के बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हुई और लोगों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि अब इस मसले पर पंजाब और हिमाचल सरकार आपस में बात करने के बाद निर्णय लेगी।
कोट
सुबह सूचना मिली थी कि टोल टैक्स के निर्णय को लेकर लोग रोष प्रकट कर रहे हैं। इसके बाद मौके पर पहुंचे। स्थानीय प्रशासन पंजाब प्रशासन के साथ संपर्क में था। लोगों को कहा गया कि उनकी मांग उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी। इसके बाद सरकार निर्णय लेगी। 10 दिन का समय इसके लिए कहा गया, जो भी पंजाब और हिमाचल सरकार की बैठक होगी वहां पर यह मांगे रख सकते हैं।
धर्मपाल, एसडीएम, श्री नयना देवी जी

गरामोड़ टोल प्लाजा पर प्रदर्शकारियों ने बंद की सड़क। संवाद

गरामोड़ टोल प्लाजा पर प्रदर्शकारियों ने बंद की सड़क। संवाद

गरामोड़ टोल प्लाजा पर प्रदर्शकारियों ने बंद की सड़क। संवाद