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Bilaspur News: निहाण पंचायत में युवाओं ने सीखें उद्यमिता के गुर
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जीएमडीआईसी के सहयोग से आयोजित प्रशिक्षण में 40 प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
विशेषज्ञ बोले, नवाचार और बेहतर प्रबंधन से बन सकते हैं सफल उद्यमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत निहाण में जीएमडीआईसी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यशाला का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं और इच्छुक उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें व्यवसाय स्थापित करने और सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान करना था। कार्यशाला में 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन सत्र में विशेषज्ञ वक्ता मनोज ने उद्यमिता के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल व्यवसाय शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे लंबे समय तक सफल बनाने के लिए बेहतर योजना, नेतृत्व क्षमता, जोखिम प्रबंधन, बाजार की समझ और नवाचार अपनाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम स्थापित करने और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया। तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को व्यवसाय की रूपरेखा तैयार करने, पूंजी प्रबंधन, विपणन रणनीति, ग्राहक प्रबंधन और व्यवसाय विस्तार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, वित्तीय संस्थानों की योजनाएं, स्टार्टअप इकोसिस्टम, सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं तथा उद्यम विकास के लिए उपलब्ध संस्थागत सहयोग के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का आत्मविश्वास मिला है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल का प्रभावी उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने तथा रोजगार सृजन के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया गया।
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विशेषज्ञ बोले, नवाचार और बेहतर प्रबंधन से बन सकते हैं सफल उद्यमी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। ग्राम पंचायत निहाण में जीएमडीआईसी के सहयोग से आयोजित तीन दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यशाला का शुक्रवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं और इच्छुक उद्यमियों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें व्यवसाय स्थापित करने और सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं कौशल प्रदान करना था। कार्यशाला में 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
समापन सत्र में विशेषज्ञ वक्ता मनोज ने उद्यमिता के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में केवल व्यवसाय शुरू करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे लंबे समय तक सफल बनाने के लिए बेहतर योजना, नेतृत्व क्षमता, जोखिम प्रबंधन, बाजार की समझ और नवाचार अपनाना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने प्रतिभागियों को स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम स्थापित करने और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए प्रेरित किया। तीन दिनों तक चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को व्यवसाय की रूपरेखा तैयार करने, पूंजी प्रबंधन, विपणन रणनीति, ग्राहक प्रबंधन और व्यवसाय विस्तार से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया, वित्तीय संस्थानों की योजनाएं, स्टार्टअप इकोसिस्टम, सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं तथा उद्यम विकास के लिए उपलब्ध संस्थागत सहयोग के बारे में भी विस्तार से अवगत कराया गया। प्रतिभागियों ने कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का आत्मविश्वास मिला है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। साथ ही उन्हें प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल का प्रभावी उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने तथा रोजगार सृजन के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया गया।
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