सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   A drug tester is handling the work of a clerk.

Chamba News: दवाओं की परख करने वाला संभाल रहा क्लर्क का काम

संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Thu, 16 Apr 2026 10:54 PM IST
विज्ञापन
A drug tester is handling the work of a clerk.
चंबा आयुर्वेदिक अस्पताल में खाली पड़ी जिला आयुष अधिकारी की कुर्सी। संवाद
विज्ञापन
लाइव रिपोर्ट
Trending Videos


--------
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बालू में इलाज नहीं, अनुपस्थिति ड्यूटी पर है। सिस्टम की मौजूदगी सिर्फ नामपट्टों तक सीमित है। हर खाली कुर्सी जैसे एक जिम्मेदारी के पलायन की कहानी सुनाती है और हर खुला कमरा इस सच को उजागर करता है कि यहां ढांचा तो खड़ा है, मगर व्यवस्था भीतर से ढह चुकी है। मरीज आते हैं उम्मीद लेकर लेकिन सबसे पहले उन्हें इस खामोश तंत्र से सामना करना पड़ता है। बिना स्टाफ चल रहे अस्पताल की न सरकार सुध ले रही है और न ही प्रशासन और सरकार के नुमाइंदे समस्या जानने का प्रयास कर रहे हैं। जिला आयुष अधिकारी से लेकर कई विशेषज्ञों की कुर्सियां खाली पड़ी हैं।

----
दवाओं की परख करने वाला संभाल रहा क्लर्क का काम
दो दिन की छुट्टी के बाद जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में खाली दिखीं अफसरों की कुर्सियां
मरीज बोले- कागजों में 50 बिस्तरों के अस्पताल में 20 बेड ही मरीजों के लिए हैं उपलब्ध
संवाद न्यूज एजेंसी

चंबा। दिन : वीरवार, समय : सुबह 11 बजे, स्थान : जिला आयुर्वेदिक अस्पताल बालू, दो दिन की छुट्टी के बाद जिला आयुष अधिकारी के कार्यालय का कमरा तो खुला है लेकिन कुर्सी पर कोई अधिकारी नहीं है। बाहर बैठे कर्मचारी से पूछने पर पता नहीं का जवाब मिला। चीफ फार्मेसी अफसर के कमरे पर भी ताला लटका है। उनके बारे में पता किया गया तो जानकारी मिली कि वह क्लर्क का कार्य संभाल रही हैं जबकि उनका मुख्य कार्य दवाइयों से जुड़ा है। अस्पताल में क्लर्क न होने के कारण अपना कार्य छोड़कर दूसरा कार्य संभालना पड़ रहा है। 11:30 बजे टीम अधीक्षक के कार्यालय में पहुंची तो वहां भी कुर्सी खाली नजर आई। कर्मचारियों को भी उनके बारे में जानकारी नहीं थी। शायद वह किसी कार्य के चलते छुट्टी पर ही गए हों। दोपहर 12 बजे टीम वार्ड में पहुंची। वार्ड में मरीज भर्ती हैं। इनकी देखभाल के लिए एक नर्स है। रात को वार्ड में मरीजों की देखभाल करने के लिए अस्पताल के पास एक भी स्टाफ नर्स नहीं है। इस कारण केवल सामान्य मरीजों को ही रात में भर्ती किया जा रहा है। डॉक्टर ऑन कॉल ड्यूटी पर रहते हैं। 12:15 बजे टीम ओपीडी में पहुंची तो वहां तीन आयुर्वेदिक मेडिकल अफसर ओपीडी में मरीजों की जांच कर रहे हैं। वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी एक भी नहीं है। सरकार ने दो पद स्वीकृत कर रखे हैं। 12:30 बजे किहार से ताजदीन बीमारी का इलाज करवाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि कहने के लिए यह जिला आयुर्वेदिक अस्पताल है लेकिन यहां मरीजों को उसके समान स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही हैं। भरमौर से आए केवल शर्मा ने बताया कि कागजों में 50 बिस्तरों का अस्पताल होने के बावजूद यहां 15 से 20 बिस्तर ही मरीजों के लिए उपलब्ध हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


--

पूर्व विधायक पवन नैय्यर ने बताया कि सरकार की लचर व्यवस्था के कारण अस्पताल का यह हाल है। उनकी सरकार के समय में यहां सभी पद भरे हुए थे। मरीजों को बेहतर आयुर्वेदिक चिकित्सीय सेवाएं मिल रही थीं।

--

सदर के विधायक नीरज नैय्यर ने बताया कि अस्पताल में खाली पदों को भरने के लिए जल्द ही मुख्यमंत्री से मांग उठाई जाएगी। सरकार चंबा में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है।


--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed