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Chamba News: सड़क पर फूटा मरीज की मौत पर भड़का गुस्सा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 09 Apr 2026 11:10 PM IST
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चंबा मेडिकल कॉलेज में हुई मारपीट की घटना को लेकर धरना प्रदर्शन और चक्का जाम के दौरान कर्मचारी।स
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डॉक्टर और निजी सुरक्षा कर्मचारियों से मारपीट को लेकर चक्का जाम, जमकर की नारेबाजी
आरोपियो को जल्द गिरफ्तार करने की मांग, पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ दर्ज की प्राथमिकी
सीसीटीवी फुटेज देख एसडीएम से शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर खत्म किया धरना
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जिंदगी बचाने वाली जगह पर जब जान बचाना ही चुनौती बन जाए तो हालात की गंभीरता खुद ही बयां हो जाती है।
चंबा के पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मौत के बाद भड़का गुस्सा इतनी तेजी से हिंसा में बदल गया कि डॉक्टर, सुरक्षा कर्मी और पूरा सिस्टम कुछ देर के लिए मानो बंधक बन गया। रात की दहशत सुबह सड़कों पर गूंजती रही। इंसाफ की मांग को लेकर अस्पताल आंदोलन का केंद्र बन गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : वीरवार, समय : सुबह 10 बजे, स्थान : पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, निजी सुरक्षा कर्मी सहित आउट सोर्स कर्मचारियों ने सड़क पर चक्का जाम किया है। डॉक्टर सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ उनके समर्थन में खड़ा है। सड़क पर नारे लगाए जा रहे हैं कि गुंडागर्दी नहीं चलेगी। डॉक्टर और निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। पक्काटाला और बाजार से वाया अस्पताल होकर गुजरने वाले वाहनों को आगे जाने से रोका जा रहा है। सुबह 11 बजे पुलिस की टीम चक्का जाम खुलवाने के लिए पहुंची। धरने पर बैठे कर्मचारियों को बताया कि मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। धरने से उठ जाओ। कर्मचारी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हैं। 11:30 बजे आउट सोर्स यूनियन के प्रधान राजेंद्र राजू धरने को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रात को जिस प्रकार से 15 लोगों ने मिलकर निजी सुरक्षा कर्मियों पर जानलेवा हमला किया उससे सभी कर्मचारी घबरा गए हैं। आरोपी ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टड्पर हमला करना चाहते थे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोके रखा। दो सुरक्षा कर्मी बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। दोपहर 12 बजे चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में पीड़ित महिला डॉक्टर, प्राचार्य, पुलिस सहित अन्य डॉक्टरों की बैठक शुरू हुई। धरने पर बैठे कर्मचारी गिरफ्तारी और जिला प्रशासन को मौके पर आने की मांग पर अड़े हैं। 12:30 बजे एसडीएम प्रियांशु खाती मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने एमएस कार्यालय में रात को हुई घटना की सीसीटीवी फुटेज देखी। उन्होंने तुरंत पुलिस को निर्देश दिए कि मारपीट करने वाले आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद उन्होंने धरने पर बैठे कर्मचारियों से बात की और आश्वस्त किया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही कर्मचारियों ने धरना खत्म किया।
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छाती-पेट दर्द होने पर लाया था मरीज, इलाज के दौरन तोड़ा दममेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि बुधवार रात को 62 वर्षीय मरीज को मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यह सुल्तानपुर वार्ड से था। मरीज की छाती और पेट में दर्द था। पसीना भी आ रहा था। ब्लड प्रेशर भी काफी कम था। इस दौरान वहां तैनात महिला चिकित्सक ने मरीज को हरसंभव इलाज दिया लेकिन मरीज ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। हालांकि, डॉक्टर के बुलाने पर वहां रात 12:00 बजे एमडी मेडिसन डॉ. उमर जलाली भी पहुंच गए थे।
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मामले में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्हें पूछताछ के लिए थाने में तलब किया है। यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
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हड़ताल जारी रहने तक नहीं बनी मरीजों की पर्ची
वीरवार सुबह साढ़े नौ से साढ़े 12 बजे तक भले ही ओपीडी में डॉक्टर बैठे रहे लेकिन पंजीकरण और फीस काउंटर पर कोई कर्मचारी न होने से मरीजों की पर्ची नहीं बनी। इसके चलते ओपीडी में मरीजों का इलाज हड़ताल खत्म होने के बाद ही शुरू हो पाया। इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।
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सीसीटीवी फुटेज देख एसडीएम से शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर खत्म किया धरना
जिंदगी बचाने वाली जगह पर जब जान बचाना ही चुनौती बन जाए तो हालात की गंभीरता खुद ही बयां हो जाती है।
चंबा के पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में एक मरीज की मौत के बाद भड़का गुस्सा इतनी तेजी से हिंसा में बदल गया कि डॉक्टर, सुरक्षा कर्मी और पूरा सिस्टम कुछ देर के लिए मानो बंधक बन गया। रात की दहशत सुबह सड़कों पर गूंजती रही। इंसाफ की मांग को लेकर अस्पताल आंदोलन का केंद्र बन गया।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। दिन : वीरवार, समय : सुबह 10 बजे, स्थान : पंडित जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, निजी सुरक्षा कर्मी सहित आउट सोर्स कर्मचारियों ने सड़क पर चक्का जाम किया है। डॉक्टर सहित अन्य पैरामेडिकल स्टाफ उनके समर्थन में खड़ा है। सड़क पर नारे लगाए जा रहे हैं कि गुंडागर्दी नहीं चलेगी। डॉक्टर और निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट करने वालों को गिरफ्तार किया जाए। पक्काटाला और बाजार से वाया अस्पताल होकर गुजरने वाले वाहनों को आगे जाने से रोका जा रहा है। सुबह 11 बजे पुलिस की टीम चक्का जाम खुलवाने के लिए पहुंची। धरने पर बैठे कर्मचारियों को बताया कि मारपीट करने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। धरने से उठ जाओ। कर्मचारी आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग पर अड़े हैं। 11:30 बजे आउट सोर्स यूनियन के प्रधान राजेंद्र राजू धरने को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रात को जिस प्रकार से 15 लोगों ने मिलकर निजी सुरक्षा कर्मियों पर जानलेवा हमला किया उससे सभी कर्मचारी घबरा गए हैं। आरोपी ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टड्पर हमला करना चाहते थे। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोके रखा। दो सुरक्षा कर्मी बुरी तरह से जख्मी हो गए हैं। पुलिस को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। दोपहर 12 बजे चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय में पीड़ित महिला डॉक्टर, प्राचार्य, पुलिस सहित अन्य डॉक्टरों की बैठक शुरू हुई। धरने पर बैठे कर्मचारी गिरफ्तारी और जिला प्रशासन को मौके पर आने की मांग पर अड़े हैं। 12:30 बजे एसडीएम प्रियांशु खाती मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने एमएस कार्यालय में रात को हुई घटना की सीसीटीवी फुटेज देखी। उन्होंने तुरंत पुलिस को निर्देश दिए कि मारपीट करने वाले आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इसके बाद उन्होंने धरने पर बैठे कर्मचारियों से बात की और आश्वस्त किया कि आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद ही कर्मचारियों ने धरना खत्म किया।
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छाती-पेट दर्द होने पर लाया था मरीज, इलाज के दौरन तोड़ा दममेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि बुधवार रात को 62 वर्षीय मरीज को मेडिकल कॉलेज लाया गया था। यह सुल्तानपुर वार्ड से था। मरीज की छाती और पेट में दर्द था। पसीना भी आ रहा था। ब्लड प्रेशर भी काफी कम था। इस दौरान वहां तैनात महिला चिकित्सक ने मरीज को हरसंभव इलाज दिया लेकिन मरीज ने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। हालांकि, डॉक्टर के बुलाने पर वहां रात 12:00 बजे एमडी मेडिसन डॉ. उमर जलाली भी पहुंच गए थे।
मामले में चार आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। उन्हें पूछताछ के लिए थाने में तलब किया है। यदि उन्होंने सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा। - विजय सकलानी, पुलिस अधीक्षक
हड़ताल जारी रहने तक नहीं बनी मरीजों की पर्ची
वीरवार सुबह साढ़े नौ से साढ़े 12 बजे तक भले ही ओपीडी में डॉक्टर बैठे रहे लेकिन पंजीकरण और फीस काउंटर पर कोई कर्मचारी न होने से मरीजों की पर्ची नहीं बनी। इसके चलते ओपीडी में मरीजों का इलाज हड़ताल खत्म होने के बाद ही शुरू हो पाया। इमरजेंसी सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहीं।