{"_id":"6a736a772303b6058b09d03e","slug":"at-times-debris-and-stones-and-at-others-a-gorge-spelled-doom-chamba-news-c-88-1-ssml1004-192270-2026-08-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: कभी मलबा और पत्थर तो कभी खाई बनी काल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: कभी मलबा और पत्थर तो कभी खाई बनी काल
Wed, 05 Aug 2026 10:23 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 05 Aug 2026 10:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले की राहों पर मौत का साया, ढाई महीने के भीतर गई 40 लोगों की जान
पहाड़ियों से गिरते पत्थर और मलबा लोगों के लिए साबित हो रहे हैं जानलेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में बारिश केवल पहाड़ ही नहीं तोड़ रही, बल्कि परिवार भी उजाड़ रही है। ढाई महीने के भीतर सड़क हादसों और भूस्खलन ने 40 लोगों की जान ले ली।
बकाणी पुल के पास पत्थर गिरने से श्रद्धालु की मौत ने संवेदनशील मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं मानवीय लापरवाही तो कहीं पहाड़ियों से गिरते पत्थर और मलबा लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। बीते ढाई महीने में विभिन्न हादसों में 40 लोगों की जान जा चुकी है।
ताजा मामले में भरमौर-पठानकोट हाईवे पर बकाणी पुल के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से दोस्तों के साथ मणिमहेश के लिए निकले होशियारपुर के 40 वर्षीय माखन सिंह की मौत हो गई। इससे पहले 27-28 जुलाई 2026 की रात भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहड़ के पास हुए हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान चली गई थी।
26 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले से लौट रहे दो युवकों की बाइक बालू-साहो मार्ग पर साल खड्ड में जा गिरी थी। शुभम को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि बाइक चालक सक्षम का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। 24 जुलाई को पांगी के उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर कडू नाला में पहाड़ी से गिरी चट्टान और मलबे की चपेट में एक टाटा सूमो आ गई थी। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। 18 जून को छतरूंड के पास मुंडन संस्कार से लौट रही बोलेरो करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। इसमें सात लोगों की जान चली गई। 31 मई को साच पास मार्ग पर पर्यटक टैक्सी दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन
इससे पहले 11 मई को ककीरा के समीप पर्यटकों से भरी गाड़ी खाई में गिरने से गुजरात के पांच पर्यटकों सहित छह लोगों की जान चली गई थी। इधर, जिले में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा, संवेदनशील मार्गों के रखरखाव और बरसात के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
-- एसपी बोले, बरसात में बेहद जरूरी होने पर ही करें यात्रा
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे मानवीय लापरवाही सामने आती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, यातायात नियमों का पालन करें और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।
--
विज्ञापन
पहाड़ियों से गिरते पत्थर और मलबा लोगों के लिए साबित हो रहे हैं जानलेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में बारिश केवल पहाड़ ही नहीं तोड़ रही, बल्कि परिवार भी उजाड़ रही है। ढाई महीने के भीतर सड़क हादसों और भूस्खलन ने 40 लोगों की जान ले ली।
बकाणी पुल के पास पत्थर गिरने से श्रद्धालु की मौत ने संवेदनशील मार्गों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कहीं मानवीय लापरवाही तो कहीं पहाड़ियों से गिरते पत्थर और मलबा लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। बीते ढाई महीने में विभिन्न हादसों में 40 लोगों की जान जा चुकी है।
ताजा मामले में भरमौर-पठानकोट हाईवे पर बकाणी पुल के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से दोस्तों के साथ मणिमहेश के लिए निकले होशियारपुर के 40 वर्षीय माखन सिंह की मौत हो गई। इससे पहले 27-28 जुलाई 2026 की रात भरमौर-पठानकोट राष्ट्रीय राजमार्ग पर लाहड़ के पास हुए हादसे में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की जान चली गई थी।
विज्ञापन
26 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले से लौट रहे दो युवकों की बाइक बालू-साहो मार्ग पर साल खड्ड में जा गिरी थी। शुभम को सुरक्षित बचा लिया गया जबकि बाइक चालक सक्षम का अब तक कोई सुराग नहीं लगा है। 24 जुलाई को पांगी के उदयपुर-किलाड़ मार्ग पर कडू नाला में पहाड़ी से गिरी चट्टान और मलबे की चपेट में एक टाटा सूमो आ गई थी। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। 18 जून को छतरूंड के पास मुंडन संस्कार से लौट रही बोलेरो करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी। इसमें सात लोगों की जान चली गई। 31 मई को साच पास मार्ग पर पर्यटक टैक्सी दुर्घटना में आठ लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन
इससे पहले 11 मई को ककीरा के समीप पर्यटकों से भरी गाड़ी खाई में गिरने से गुजरात के पांच पर्यटकों सहित छह लोगों की जान चली गई थी। इधर, जिले में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने सड़क सुरक्षा, संवेदनशील मार्गों के रखरखाव और बरसात के दौरान सुरक्षा प्रबंधन को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं के पीछे मानवीय लापरवाही सामने आती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करें। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, यातायात नियमों का पालन करें और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें।