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Chamba News: छत से गुजरती आफत में सपने बुन रहा बचपन
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 21 Mar 2026 10:50 PM IST
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द्रबला विद्यालय की छत्त से होकरगुजरती बिजली की तारेंं। संवाद
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द्रबला स्कूल की टिन की छत से गुजरते बिजली के तार रोज ले रहे बच्चों का इम्तिहान
खतरे के साये में हो रही पढ़ाई, शिक्षक बोले- मांग उठाने पर भी बोर्ड ने नहीं हटाए तार
अभिभावकों ने दी चेतावनी, समस्या हल नहीं हुई तो घेरेंगे बोर्ड अधिकारी का कार्यालय
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। पहाड़ों की शांत वादियों में एक छोटा सा स्कूल खौफ की खामोशी से घिरा है। यहां किताबों से ज्यादा खतरे का साया मंडरा रहा है। एक ऐसा खतरा जो हर पल नन्हें विद्यार्थियों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।
टिन की छत के ऊपर से गुजरती बिजली की लाइन ने स्कूल को शिक्षा के मंदिर से ज्यादा एक जोखिम भरी जगह बना दिया है। कुरैणा पंचायत के अधीन राजकीय प्राथमिक पाठशाला द्रबला में 35 विद्यार्थी मौत के साये में शिक्षा हासिल करने को मजबूर हैं।
स्कूल के अध्यापकों, पूर्व वार्ड सदस्य, एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों का कहना है कि कई बार बिजली बोर्ड प्रबंधन से बिजली के तारों को हटाने की मांग उठाई गई है लेकिन इन्हें अभी तक नहीं हटाया जा सका है। इस कारण बच्चे डर-डरकर पढ़ाई करने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बिजली बोर्ड प्रबंधन के अधिशासी अभियंता से मांग की है कि बिजली के तारों को यहां से हटाया जाए। अन्यथा वे बोर्ड कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पूर्व वार्ड सदस्य सुरेखा देवी, ग्रामीणों में चैन लाल, जय कुमार, अमर सिंह, शशि कुमार, भिंद्रो राम, कैलाशो राम, अशोक कुमार, शक्ति प्रसाद, गजिंद्र कुमार और एसएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला द्रबला में कुरैणा पंचायत के अधीन आने वाले द्रबला, सौंथल, कुंडोह, काली, बनगोटू, बटकर, रूंडला गांवों से बच्चे शिक्षा हासिल करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन स्कूल की छत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार उनकी मुसीबत बढ़ा रहे हैं।
जेबीटी मनोज कुमार ने बताया कि कई बार विद्युत बोर्ड प्रबंधन से बिजली के तार हटाने की मांग उठाई गई है। बावजूद इसके उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है।
विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर राजीव ठाकुर ने बताया कि अधीनस्थ अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तु स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए जाएंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। पहाड़ों की शांत वादियों में एक छोटा सा स्कूल खौफ की खामोशी से घिरा है। यहां किताबों से ज्यादा खतरे का साया मंडरा रहा है। एक ऐसा खतरा जो हर पल नन्हें विद्यार्थियों की जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।
टिन की छत के ऊपर से गुजरती बिजली की लाइन ने स्कूल को शिक्षा के मंदिर से ज्यादा एक जोखिम भरी जगह बना दिया है। कुरैणा पंचायत के अधीन राजकीय प्राथमिक पाठशाला द्रबला में 35 विद्यार्थी मौत के साये में शिक्षा हासिल करने को मजबूर हैं।
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स्कूल के अध्यापकों, पूर्व वार्ड सदस्य, एसएमसी पदाधिकारियों और अभिभावकों का कहना है कि कई बार बिजली बोर्ड प्रबंधन से बिजली के तारों को हटाने की मांग उठाई गई है लेकिन इन्हें अभी तक नहीं हटाया जा सका है। इस कारण बच्चे डर-डरकर पढ़ाई करने को विवश हैं। ग्रामीणों ने बिजली बोर्ड प्रबंधन के अधिशासी अभियंता से मांग की है कि बिजली के तारों को यहां से हटाया जाए। अन्यथा वे बोर्ड कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
पूर्व वार्ड सदस्य सुरेखा देवी, ग्रामीणों में चैन लाल, जय कुमार, अमर सिंह, शशि कुमार, भिंद्रो राम, कैलाशो राम, अशोक कुमार, शक्ति प्रसाद, गजिंद्र कुमार और एसएमसी अध्यक्ष मनोज कुमार ने बताया कि राजकीय प्राथमिक पाठशाला द्रबला में कुरैणा पंचायत के अधीन आने वाले द्रबला, सौंथल, कुंडोह, काली, बनगोटू, बटकर, रूंडला गांवों से बच्चे शिक्षा हासिल करने के लिए पहुंचते हैं लेकिन स्कूल की छत के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार उनकी मुसीबत बढ़ा रहे हैं।
जेबीटी मनोज कुमार ने बताया कि कई बार विद्युत बोर्ड प्रबंधन से बिजली के तार हटाने की मांग उठाई गई है। बावजूद इसके उनकी मांग पूरी नहीं हो पाई है।
विद्युत बोर्ड के अधीक्षण अभियंता इंजीनियर राजीव ठाकुर ने बताया कि अधीनस्थ अधिकारियों को मौके पर जाकर वास्तु स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए जाएंगे।