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Chamba News: ओलों की बारिश ने झाड़ दिया भरोसा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 08 Apr 2026 11:04 PM IST
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बारिश से सेब के पौधे से झड़े फूल: जागरूक पाठक
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जिले के सेब बहुल इलाकों में ओलावृष्टि, बारिश से सेब पर खिले फूलों को नुकसान
साल भर की मेहनत बर्बाद होने का डर, बोले- अनिश्चित हो गई फल बनने की प्रकिया
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। कुछ दिन पहले तक जिन बागों में खुशहाली खिल रही थी, वहां आज झड़ चुके सेब के फूलों के साथ बागवानों के अरमान बिखरे हैं। आसमान से बरसे ओले बागवानों की उम्मीदों को भी तोड़ गए। ओलों की मार ने फूलों को झाड़कर एक पल में ही बागवानों की साल भर की मेहनत को उजाड़ दिया है।
जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बारिश ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सेब के फूल झड़ते नजर आ रहे हैं। इससे बागवानों को लाखों का नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। भरमौर, साहो, चुराह, होली, सलूणी, मसरूंड, तेलका आदि क्षेत्रों के सेब बगीचों में लगातार ओलावृष्टि हो रही है। बागवानों ने बताया कि मौसम के बदले मिजाज ने सेब के फूलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे फल बनने की प्रक्रिया अनिश्चित हो गई है।
बागवानों में तिलक राज, रोशन लाल, महेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हरिंद्र कुमार, दौलत राम और कर्म सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले खिले फूलों को देखकर खुशी होती थी। अब वही फूल झड़कर बिखर गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सेब बेचना तो दूर, खुद के लिए भी पर्याप्त सेब नहीं बचेगा, मौसम ने उम्मीदें तोड़ दी हैं। जिले के लगभग डेढ़ लाख बागवान इस मौसम से प्रभावित हैं। उन्हें करोड़ों रुपये का संभावित आर्थिक नुकसान हो सकता है। तापमान में गिरावट और ओलावृष्टि के कारण फूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम ने सिर्फ उनकी उम्मीदें ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर संकट ला दिया है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि अप्रैल में हो रही ओलावृष्टि सेब के पौधों के लिए नुकसानदायक है। इससे फूल झड़ रहे हैं। इससे सेब की पैदावार कम हो सकती है। बागवानों को नुकसान हो रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। कुछ दिन पहले तक जिन बागों में खुशहाली खिल रही थी, वहां आज झड़ चुके सेब के फूलों के साथ बागवानों के अरमान बिखरे हैं। आसमान से बरसे ओले बागवानों की उम्मीदों को भी तोड़ गए। ओलों की मार ने फूलों को झाड़कर एक पल में ही बागवानों की साल भर की मेहनत को उजाड़ दिया है।
जिले के सेब उत्पादक क्षेत्रों में ओलावृष्टि और बारिश ने बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सेब के फूल झड़ते नजर आ रहे हैं। इससे बागवानों को लाखों का नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। भरमौर, साहो, चुराह, होली, सलूणी, मसरूंड, तेलका आदि क्षेत्रों के सेब बगीचों में लगातार ओलावृष्टि हो रही है। बागवानों ने बताया कि मौसम के बदले मिजाज ने सेब के फूलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे फल बनने की प्रक्रिया अनिश्चित हो गई है।
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बागवानों में तिलक राज, रोशन लाल, महेंद्र सिंह, दीपक कुमार, हरिंद्र कुमार, दौलत राम और कर्म सिंह ने कहा कि कुछ दिन पहले खिले फूलों को देखकर खुशी होती थी। अब वही फूल झड़कर बिखर गए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार सेब बेचना तो दूर, खुद के लिए भी पर्याप्त सेब नहीं बचेगा, मौसम ने उम्मीदें तोड़ दी हैं। जिले के लगभग डेढ़ लाख बागवान इस मौसम से प्रभावित हैं। उन्हें करोड़ों रुपये का संभावित आर्थिक नुकसान हो सकता है। तापमान में गिरावट और ओलावृष्टि के कारण फूल क्षतिग्रस्त हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मौसम ने सिर्फ उनकी उम्मीदें ही नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिति पर भी गंभीर संकट ला दिया है।
उद्यान विभाग के उपनिदेशक डॉ. प्रमोद शाह ने कहा कि अप्रैल में हो रही ओलावृष्टि सेब के पौधों के लिए नुकसानदायक है। इससे फूल झड़ रहे हैं। इससे सेब की पैदावार कम हो सकती है। बागवानों को नुकसान हो रहा है।