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Chamba News: मंच तलाशते रहे बच्चे, ज्यूरी ने संभाल लिया माइक
Sat, 01 Aug 2026 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 01 Aug 2026 10:41 PM IST
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ऑडिशन देने के बाद भी बच्चों को नहीं आया मंच पर प्रस्तुति के लिए फोन
आरोप- खुद मंच पर प्रस्तुति दे रहे निर्णायक मंडल की भूमिका निभाने वाले सदस्य
पंकज सलारिया
चंबा। मंच पर जगह पाने के लिए कई बच्चों ने ऑडिशन दिया लेकिन मिंजर की सांस्कृतिक संध्या में वही चेहरे चमकते नजर आए जो चयन करने वाली ज्यूरी में शामिल थे।
नई प्रतिभाओं को मौका देने के दावों के बीच ऑडिशन देने वाले कई कलाकार अब भी फोन का इंतजार कर रहे हैं जबकि निर्णायक मंडल के सदस्य खुद मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं। छह दिन से मिंजर मेले में प्रस्तुति देने के लिए इंतजार कर रही बच्ची को अभी तक फोन नहीं आया है।
हैरानी की बात है कि सांस्कृतिक संध्या के चयन के लिए निर्णायक मंडल की भूमिका निभाने वाले सदस्य खुद मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं। ऑडिशन देने के बावजूद इस बच्ची को प्रस्तुति देने या न देने संबंधित कोई सूचना नहीं मिली है। ऑडिशन में भरोसा दिया था कि चयन होने पर प्रस्तुति के लिए फोन किया जाएगा लेकिन छह दिन बाद भी कई प्रतिभागियों को कोई सूचना नहीं मिली। सबसे अधिक निराशा 11 वर्षीय बच्ची और उसके परिवार को है जिसने पूरे उत्साह के साथ ऑडिशन दिया था। अभिभावकों का आरोप है कि यदि मंच पर प्रस्तुति ज्यूरी सदस्यों को ही देनी थी तो स्थानीय और उभरते कलाकारों से ऑडिशन लेने का औचित्य क्या था।
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उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि इस बारे में जानकारी मिली है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। ज्यूरी सदस्यों के मंच पर प्रस्तुति देने की जांच करवाई जाएगी।
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मिंजर मेले में बच्चों को ज्यादा अवसर मिलने चाहिए ताकि उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास बढ़ सके लेकिन खुद ज्यूरी सदस्य सिंगर बनकर प्रस्तुति दे रहे हैं। - खेम राज, अभिभावक
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प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो बच्चे मिंजर मेले में ऑडिशन देते हैं उन बच्चों को जरूर मिंजर मेले में आमंत्रित करना चाहिए। - भविंद्र कुमार, अभिभावक
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पहली बार देख रहे हैं कि ज्यूरी सदस्य मिंजर मेले में प्राइम टाइम में प्रस्तुति दे रहे हैं। नए बच्चों को प्रस्तुति का मौका प्रशासन को देना चाहिए। - पवन कुमार, अभिभावक
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ऑडिशन के बाद भी बच्चों को कोई सूचना न देना प्रशासन की गलती है। ऑडिशन के बाद ही बच्चों को चयनित होने या न होने की सूचना देनी चाहिए। इससे बच्चे प्रस्तुति के लिए इंतजार नहीं करेंगे। - अशोक कुमार, अभिभावक
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आरोप- खुद मंच पर प्रस्तुति दे रहे निर्णायक मंडल की भूमिका निभाने वाले सदस्य
पंकज सलारिया
चंबा। मंच पर जगह पाने के लिए कई बच्चों ने ऑडिशन दिया लेकिन मिंजर की सांस्कृतिक संध्या में वही चेहरे चमकते नजर आए जो चयन करने वाली ज्यूरी में शामिल थे।
नई प्रतिभाओं को मौका देने के दावों के बीच ऑडिशन देने वाले कई कलाकार अब भी फोन का इंतजार कर रहे हैं जबकि निर्णायक मंडल के सदस्य खुद मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं। छह दिन से मिंजर मेले में प्रस्तुति देने के लिए इंतजार कर रही बच्ची को अभी तक फोन नहीं आया है।
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हैरानी की बात है कि सांस्कृतिक संध्या के चयन के लिए निर्णायक मंडल की भूमिका निभाने वाले सदस्य खुद मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं। ऑडिशन देने के बावजूद इस बच्ची को प्रस्तुति देने या न देने संबंधित कोई सूचना नहीं मिली है। ऑडिशन में भरोसा दिया था कि चयन होने पर प्रस्तुति के लिए फोन किया जाएगा लेकिन छह दिन बाद भी कई प्रतिभागियों को कोई सूचना नहीं मिली। सबसे अधिक निराशा 11 वर्षीय बच्ची और उसके परिवार को है जिसने पूरे उत्साह के साथ ऑडिशन दिया था। अभिभावकों का आरोप है कि यदि मंच पर प्रस्तुति ज्यूरी सदस्यों को ही देनी थी तो स्थानीय और उभरते कलाकारों से ऑडिशन लेने का औचित्य क्या था।
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उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि इस बारे में जानकारी मिली है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी। ज्यूरी सदस्यों के मंच पर प्रस्तुति देने की जांच करवाई जाएगी।
मिंजर मेले में बच्चों को ज्यादा अवसर मिलने चाहिए ताकि उनकी प्रतिभा और आत्मविश्वास बढ़ सके लेकिन खुद ज्यूरी सदस्य सिंगर बनकर प्रस्तुति दे रहे हैं। - खेम राज, अभिभावक
प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो बच्चे मिंजर मेले में ऑडिशन देते हैं उन बच्चों को जरूर मिंजर मेले में आमंत्रित करना चाहिए। - भविंद्र कुमार, अभिभावक
पहली बार देख रहे हैं कि ज्यूरी सदस्य मिंजर मेले में प्राइम टाइम में प्रस्तुति दे रहे हैं। नए बच्चों को प्रस्तुति का मौका प्रशासन को देना चाहिए। - पवन कुमार, अभिभावक
ऑडिशन के बाद भी बच्चों को कोई सूचना न देना प्रशासन की गलती है। ऑडिशन के बाद ही बच्चों को चयनित होने या न होने की सूचना देनी चाहिए। इससे बच्चे प्रस्तुति के लिए इंतजार नहीं करेंगे। - अशोक कुमार, अभिभावक