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Chamba News: डॉक्टर की पर्ची के बिना स्टेरॉयडइंजेक्शन लगाने पर क्लीनिक सील
Mon, 17 Aug 2026 10:40 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 17 Aug 2026 10:40 PM IST
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दोबारा इंजेक्शन न लगाने का जवाब देने पर सात दिन बाद मिलेगी क्लीनिक खोलने की अनुमति
कोविड मरीजों पर जब असर नहीं करती थी कोई दवाई, तब दिया जाता था यह इंजेक्शन
प्रवीण कुमार
चंबा। डॉक्टर की पर्ची बिना मरीजों को स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाने वाले केमिस्ट की क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। सात दिन बाद क्लीनिक को खोलने की अनुमति दी जाएगी।
इससे पहले केमिस्ट को विभाग को लिखित में देना होगा कि वह दोबारा मरीजों को यह इंजेक्शन नहीं लगाएगा। चिकित्सीय विशेषज्ञ भी जिस स्टेरॉयड इंजेक्शन को किसी मरीज को लगाने से पहले दस बार सोचते हैं। उस इंजेक्शन को केमिस्ट अपने निजी क्लीनिक में बिना डॉक्टर की पर्ची मरीजों को धड़ाधड़ लगा रहा था। इसका कहीं न कहीं मरीजों की सेहत पर बुरा असर भी पड़ सकता था।
कोरोना काल में जब कोविड मरीजों पर कोई दवा असर नहीं कर रही थी तो उन मरीजों को चिकित्सक यह इंजेक्शन लगा रहे थे। हालांकि, सबसे पहले उन मरीजों को सामान्य दवाई देकर स्वस्थ बनाने का प्रयास किया जाता था। इसके अलावा बड़ी बीमारी के इलाज में यह इंजेक्शन मरीजों को लगाया जाता है लेकिन जिला मुख्यालय के साथ लगते पुखरी क्षेत्र में संचालित एक निजी क्लीनिक में दर्द से पीड़ित सभी मरीजों को यही इंजेक्शन लगाया जा रहा था। मरीज भी इसके दुष्प्रभाव से अंजान अपने दर्द से राहत पाने के लिए बार-बार वहीं जा रहे थे। लेकिन, अब स्वास्थ्य विभाग ने केमिस्ट को डॉक्टर की पर्ची के बिना इंजेक्शन नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।
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मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि यह इंजेक्शन केवल बड़ी बीमारी में ही मरीजों को लगाया जाता है। सामान्य मरीजों को इंजेक्शन लगाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। हड्डीयां गलने लगती है, मधुमेह और लीवर को भी नुक्सान पहुंच सकता है।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि डॉक्टर की पर्ची के बिना मरीजों को स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाने वाले क्लीनिक को सात दिनों के लिए सील किया गया है। संबंधित केमिस्ट को नोटिस जारी किया गया है। इस प्रकार के कार्य करने वाले अन्य क्लीनिकों पर भी विभाग जल्द कार्रवाई करेगा।
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कोविड मरीजों पर जब असर नहीं करती थी कोई दवाई, तब दिया जाता था यह इंजेक्शन
प्रवीण कुमार
चंबा। डॉक्टर की पर्ची बिना मरीजों को स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाने वाले केमिस्ट की क्लीनिक को स्वास्थ्य विभाग ने सील कर दिया है। सात दिन बाद क्लीनिक को खोलने की अनुमति दी जाएगी।
इससे पहले केमिस्ट को विभाग को लिखित में देना होगा कि वह दोबारा मरीजों को यह इंजेक्शन नहीं लगाएगा। चिकित्सीय विशेषज्ञ भी जिस स्टेरॉयड इंजेक्शन को किसी मरीज को लगाने से पहले दस बार सोचते हैं। उस इंजेक्शन को केमिस्ट अपने निजी क्लीनिक में बिना डॉक्टर की पर्ची मरीजों को धड़ाधड़ लगा रहा था। इसका कहीं न कहीं मरीजों की सेहत पर बुरा असर भी पड़ सकता था।
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कोरोना काल में जब कोविड मरीजों पर कोई दवा असर नहीं कर रही थी तो उन मरीजों को चिकित्सक यह इंजेक्शन लगा रहे थे। हालांकि, सबसे पहले उन मरीजों को सामान्य दवाई देकर स्वस्थ बनाने का प्रयास किया जाता था। इसके अलावा बड़ी बीमारी के इलाज में यह इंजेक्शन मरीजों को लगाया जाता है लेकिन जिला मुख्यालय के साथ लगते पुखरी क्षेत्र में संचालित एक निजी क्लीनिक में दर्द से पीड़ित सभी मरीजों को यही इंजेक्शन लगाया जा रहा था। मरीज भी इसके दुष्प्रभाव से अंजान अपने दर्द से राहत पाने के लिए बार-बार वहीं जा रहे थे। लेकिन, अब स्वास्थ्य विभाग ने केमिस्ट को डॉक्टर की पर्ची के बिना इंजेक्शन नहीं लगाने के निर्देश दिए हैं।
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मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. मानिक सहगल ने बताया कि यह इंजेक्शन केवल बड़ी बीमारी में ही मरीजों को लगाया जाता है। सामान्य मरीजों को इंजेक्शन लगाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। हड्डीयां गलने लगती है, मधुमेह और लीवर को भी नुक्सान पहुंच सकता है।
राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि डॉक्टर की पर्ची के बिना मरीजों को स्टेरॉयड इंजेक्शन लगाने वाले क्लीनिक को सात दिनों के लिए सील किया गया है। संबंधित केमिस्ट को नोटिस जारी किया गया है। इस प्रकार के कार्य करने वाले अन्य क्लीनिकों पर भी विभाग जल्द कार्रवाई करेगा।