चंबा। पांच सीटें हासिल करने के बाद कांग्रेस भले ही निर्दलीय विजेता पार्षद को अपने खेमे में शामिल करने में कामयाब रही है लेकिन असली अग्निपरीक्षा कांग्रेस की अब शुरू होने जा रही है। निर्दलीय विजेता पार्षद की एंट्री से कांग्रेस की नगर परिषद बनने की राह खुली है। बताया जा रहा है कि नगर परिषद चंबा के उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय की ताजपोशी हो सकती है। इसके लिए लगभग कांग्रेस तैयार है लेकिन वरिष्ठ पार्षद अंदरखाते नाराज हैं। लिहाजा, इस ताजपोशी से जहां निर्दलीय पार्षद को समर्थन देने के लिए सम्मान माना जा रहा है तो वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस समर्थित पार्षदों की निराशा भी झेलनी पड़ सकती है। क्याेंकि, कांग्रेस समर्थित पार्षदों में कुछ पार्षद दो से छह बार पार्षद का चुनाव जीत चुके हैं। लिहाजा, अध्यक्ष पद से ज्यादा कांग्रेस उपाध्यक्ष पद को लेकर खासी खींचतान हो सकती है। बैठकों का दौर जारी है। देर रात तक विधायक के द्वार में नगर परिषद चंबा को कांग्रेसी रंग में रंगने के लिए रणनीति बनती रही। हालांकि, छह सीटों का बहुमत अब कांग्रेस ने भले ही पूरा कर लिया है, लेकिन किस पार्षद की ताजपोशी करनी है, इसके लिए खासी माथापच्ची के साथ साथ अन्य पार्षदों को भी एक साथ लाना होगा। सूत्र यह भी खुलासा करते हैं कि जहां तक कांग्रेस नगर परिषद को अपना बनाने के लिए प्रयास कर रही है तो वहीं, दूसरी तरफ भाजपा भी अंदरखाते छह कांग्रेस समर्थित पार्षदों में से एक पार्षद को अपनी ओर खींचने के लिए जोड़तोड़ कर रही है। इसके लिए कांग्रेस समर्थित पार्षदों को भाजपा में आने पर उपाध्यक्ष का पद भी ऑफर किया जा रहा है। कुल मिलाकर बराबर समर्थन मिलने के बाद भी चंबा नगर परिषद किसकी बनेगी, इसकी तस्वीर स्पष्ट नहीं हो रही है। लिहाजा, जोड़तोड़ आगामी दिनों तक चलने की पूरी संभावना है।