चंबा। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने वाहन और टैक्सी चालकों को परेशानी में डाल दिया है। चालकों मनोज, विनोद, नीरज, कमल, रोशन, रवि, कुशल और विरेंद्र ने कहा कि तेल की कीमतें लगातार बढ़ने से निजी बस ऑपरेटर और टैक्सी चालकों की परेशानी बढ़ गई है। अभी कुछ दिन पहले ही सरकार ने तेल के दामों में दो रुपये 95 पैसे की बढ़ोतरी की थी। ऐसे में दो दिनों के भीतर ही 85 पैसे की बढ़ोतरी और कर दी गई है। कुल मिलाकर एक हफ्ते में ही पेट्रोल के दामों में 3.80 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है। इस बढ़ोतरी के चलते आम जन को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक हुए इजाफे ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर में पेट्रोल और डीजल के नए दाम लागू हो गए हैं। इसका असर परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों पर पड़ रहा है। एक हफ्ता पहले जहां पेट्रोल 95.38 रुपये प्रति लीटर मिल रहा था जो अब बढ़कर 99.18 रुपये प्रति लीटर हो गया है। जबकि डीजल पहले 87.43 रुपये था और अब 91.15 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से मिल रहा है। पेट्राेल अपने शतक से मात्र 82 पैसे दूर है। वहीं, प्रीमियम पेट्रोल के दाम पहले 104.63 रुपये थे जो अब बढ़कर 108.43 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो पेट्रोल में एक हफ्ते में 3.80 रुपये और डीजल में 3.72 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका सारा बोझ ऑपरेटरों पर पड़ रहा है। हालांकि, इसकी आंच आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगी। ऑपरेटरों को अब ये समझ नही आ रहा है कि वे किराये में बढ़ोतरी करें या न करें। ऑपरेटरों का कहना है कि सरकार ने तेल के दामों में बढ़ोतरी कर अपना काम तो कर दिया है लेकिन, किराया बढ़ोतरी के लिए भी आदेश करे तो नुकसान नहीं होगा।