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जीवन में ब्रह्मज्ञान के बाद होती है भक्ति की शुरुआत : महात्मा भीम
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 25 Jan 2026 09:51 PM IST
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चंबा। संत निरंकारी सत्संग भवन मुगला में महात्मा भीम राज वर्धन की अध्यक्षता में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान महात्मा भीम राज वर्धन ने कहा कि परमात्मा को जानने की इच्छा रखने वाले जिज्ञासु के जीवन में भक्ति की शुरुआत ही ब्रह्मज्ञान के बाद होती है। जब हम इन बातों का अभ्यास अपने जीवन में करते चलें जाते हैं तो हमारे जीवन में एक बदलाव आना शुरु हो जाता है।
हमारे हृदय में प्रेम के फूल खिलने शुरू हो जाते हैं, संपूर्ण मानवता में हमें निरंकार प्रभु के दर्शन होने लगते हैं। फिर हम जाति-पाती,अमीर-गरीब, गोरा-काला और धार्मिक भेदभावों से ऊपर उठते हैं। वहीं, मीडिया सहायक विनोद कुमार ने बताया कि सत्संग का शुभारंभ आरती वंदना से किया गया। इस मौके पर दूरदराज के गांवों से आए श्रद्धालु भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। साहो, जडेरा, राख, जांगी, मैहला, मंगला आदि क्षेत्रों से आए संतों महात्माओं ने सदगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज की शिक्षाओं को अपने विचारों और भजनों द्वारा व्यक्त किया।
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