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Chamba News: रेत के बदले हर दिन दांव पर सांसें
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 27 Apr 2026 11:06 PM IST
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राजपुरा में जान जोखिम में डालकर रावी नदी से रेत लेकर गुजरता ट्रैक्टर।
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चंबा में राजपुरा के पास सुबह से शाम तक रावी नदी में उतरते रहते हैं ट्रैक्टर
गर्मी के मौसम में बढ़ जाता है जलस्तर, रेत के लिए जोखिम में डाल रहे जान
पहले भी नदी में फंसा था एक ट्रैक्टर चालक, बड़ी मुश्किल से बची थी जान
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रावी नदी इन दिनों एक खामोश जुए की मेज बन गई है। यहां दांव रेत का नहीं, जिंदगी का लगता है। राजपुरा के पास सुबह से शाम तक ट्रैक्टर नदी के सीने को चीरते हुए ऐसे गुजरते हैं मानो हर चक्कर किस्मत की परीक्षा हो।
तेज बहाव, बढ़ता जलस्तर और हर पल पलटने का खतरा, सब कुछ सामने दिखता है, फिर भी पेट की आग इन खतरों को पीछे छोड़ देती है। यहां रेत नहीं, बल्कि हर दिन जिंदगी दांव पर लगाई जा रही है। एक गलत कदम हादसे में बदल सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। रावी नदी से रेत निकालने के लिए ट्रैक्टर चालक जान जोखिम में डाल रहे हैं। राजपुरा के पास सुबह से शाम तक यह खेल चलता है। ट्रैक्टर चालक रावी नदी के दूसरे किनारे पर जाकर पहले रेत भरते हैं। फिर रावी के बीच से होकर लौटते हैं। कई बार ट्रैक्टर पलटने की स्थिति भी पैदा हो जाती है। हैरानी इस बात की है कि मौत से भरे इस खेल को बंद करवाने के लिए न तो प्रशासन आगे आ रहा है और न ही खनन विभाग दिलचस्पी दिखा रहा है। यही वजह है कि ट्रैक्टर चालक पैसे कमाने के चक्कर में रोजाना जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। कई बार पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर रावी नदी के बीच में चले जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शी सुनील कुमार, हंसराज, संजय शर्मा, योगराज, केवल, देसराज, शम्मी कुमार, महिंद्र सिंह और विनोद कुमार ने बताया कि जिस प्रकार राजपुरा में ट्रैक्टर रावी नदी के बीच में घुसे रहते हैं, उसे देख यही लगता है कि यहां कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। पिछले साल भी एक ट्रैक्टर चालक नदी का जलस्तर बढ़ने से फंस गया था। उसे रात को रेस्क्यू अभियान चलाकर निकालना पड़ा। ऐसी परिस्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि इस संदर्भ में संबंधित विभाग और पुलिस को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।
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रावी नदी इन दिनों एक खामोश जुए की मेज बन गई है। यहां दांव रेत का नहीं, जिंदगी का लगता है। राजपुरा के पास सुबह से शाम तक ट्रैक्टर नदी के सीने को चीरते हुए ऐसे गुजरते हैं मानो हर चक्कर किस्मत की परीक्षा हो।
तेज बहाव, बढ़ता जलस्तर और हर पल पलटने का खतरा, सब कुछ सामने दिखता है, फिर भी पेट की आग इन खतरों को पीछे छोड़ देती है। यहां रेत नहीं, बल्कि हर दिन जिंदगी दांव पर लगाई जा रही है। एक गलत कदम हादसे में बदल सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। रावी नदी से रेत निकालने के लिए ट्रैक्टर चालक जान जोखिम में डाल रहे हैं। राजपुरा के पास सुबह से शाम तक यह खेल चलता है। ट्रैक्टर चालक रावी नदी के दूसरे किनारे पर जाकर पहले रेत भरते हैं। फिर रावी के बीच से होकर लौटते हैं। कई बार ट्रैक्टर पलटने की स्थिति भी पैदा हो जाती है। हैरानी इस बात की है कि मौत से भरे इस खेल को बंद करवाने के लिए न तो प्रशासन आगे आ रहा है और न ही खनन विभाग दिलचस्पी दिखा रहा है। यही वजह है कि ट्रैक्टर चालक पैसे कमाने के चक्कर में रोजाना जिंदगी दांव पर लगा रहे हैं। कई बार पुलिस ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया लेकिन वे पुलिस को चकमा देकर रावी नदी के बीच में चले जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शी सुनील कुमार, हंसराज, संजय शर्मा, योगराज, केवल, देसराज, शम्मी कुमार, महिंद्र सिंह और विनोद कुमार ने बताया कि जिस प्रकार राजपुरा में ट्रैक्टर रावी नदी के बीच में घुसे रहते हैं, उसे देख यही लगता है कि यहां कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। पिछले साल भी एक ट्रैक्टर चालक नदी का जलस्तर बढ़ने से फंस गया था। उसे रात को रेस्क्यू अभियान चलाकर निकालना पड़ा। ऐसी परिस्थिति दोबारा पैदा न हो, इसके लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने की जरूरत है। उधर, उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि इस संदर्भ में संबंधित विभाग और पुलिस को उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाएंगे।

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