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Chamba News: देसी बीजों और उन्नत फलदार पौधों का ज्ञान बटोर रहे किसान

Mon, 27 Jul 2026 11:07 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Mon, 27 Jul 2026 11:07 PM IST
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Farmers are gathering knowledge about indigenous seeds and improved fruit-bearing plants.
मिंजर मेले में क़ृषि विभाग की ओर से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा के लिए लगाई प्रदशनी : संवाद
किसानों के लिए नवाचार और प्राकृतिक खेती का मंच बनी मिंजर मेले में लगी प्रदर्शनी
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सलूणी, मैहला, तीसा और भटियात क्षेत्र के किसानों की प्राकृतिक खेती बनी आकर्षण

संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में कृषि एवं उद्यान विभाग की प्रदर्शनी किसानों के लिए सीख, नवाचार और प्राकृतिक खेती का मंच बन गई है। इसमें देसी बीजों से लेकर उन्नत फलदार पौधों की जानकारी दी जा रही है।
प्राकृतिक खेती से तैयार फसलों के प्रदर्शन से किसानों को लाभकारी खेती का संदेश दिया जा रहा है। कृषि विभाग ने प्रदर्शनी में देसी सफेद मक्की को प्रमुखता से स्थान दिया है। विभाग का मानना है कि सफेद मक्का फसल में कीटों का प्रकोप अपेक्षाकृत कम होता है। इससे रासायनिक दवाइयों का उपयोग घटता है। उत्पादन लागत कम होती है और बेहतर गुणवत्ता की पैदावार होती है। किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों और प्राकृतिक खेती के वैज्ञानिक पहलुओं से भी अवगत कराया जा रहा है।
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सलूणी, मैहला, तीसा और भटियात के किसानों ने प्राकृतिक खेती से उगाईं विभिन्न फसलों को भी प्रदर्शित किया है। इनके माध्यम से संदेश दिया जा रहा है कि बिना रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों के प्रयोग के बिना भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। किसान इन स्टॉलों पर पहुंचकर प्राकृतिक खेती के मॉडल को समझ रहे हैं। विशेषज्ञों से जानकारी भी ले रहे हैं। उद्यान विभाग भी बागवानों को आधुनिक बागवानी के लिए प्रेरित कर रहा है। स्टॉल पर सेब, कीवी, प्लम, आड़ू सहित विभिन्न फलदार पौधों की नई और पारंपरिक किस्मों का प्रदर्शन किया गया है।
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कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि प्रदर्शनी लगाने का उद्देश्य प्राकृतिक खेती को जन-जन तक पहुंचाना है। प्राकृतिक खेती न केवल मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इससे किसानों की उत्पादन लागत कम होती है और उनकी आय में भी वृद्धि की संभावना बढ़ती है।
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