फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Chamba News ›   I lost my mother's hand on the way to my grandmother's house.

Chamba News: नानी के घर की राह में छूट गया मां का हाथ

Sat, 08 Aug 2026 10:41 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Sat, 08 Aug 2026 10:41 PM IST
विज्ञापन
I lost my mother's hand on the way to my grandmother's house.
बस में बैठकर नानी के घर की प्लानिंग कर रही थीं चारों बहनें, चलुंज मोड़ पर हादसे ने छीन ली मां
विज्ञापन

मां की मौत से बेखबर बेटियां मेडिकल कॉलेज चंबा में भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। बस में चारों बहनें नानी के घर पहुंचने के सपने बुन रही थीं... किसी को नानी से मिलना था, किसी को वहां जाकर मस्ती करनी थी। मां नीलमा देवी भी अपने माता-पिता से मिलने की खुशी में थीं।
कुछ ही देर बाद वही सफर ऐसा मोड़ लेगा जहां चार बेटियों का मां से हमेशा के लिए साथ छूट जाएगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।
देवीकोठी निवासी मोती राम की पत्नी नीलमा देवी शनिवार को चार बेटियों 11 वर्षीय काव्या, 10 वर्षीय नेहा, पांच वर्षीय प्रियंका और चार वर्षीय हर्षिता के साथ मायके जा रही थीं। बैरागढ़ से कुछ किलोमीटर आगे चलुंज मोड़ के पास बस हादसे का शिकार हो गई।
विज्ञापन

हादसे के बाद चीख-पुकार मच गई। चारों बच्चियां गंभीर रूप से घायल हो गईं जबकि उनकी मां नीलमा देवी की मौके पर ही मौत हो गई। कुछ ही मिनटों में नानी के घर जाने की चारों बच्चियों की खुशियां मातम में बदल गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन

--
मां को तलाश रही हैं चारों बहनें, लेकिन सच से हैं अनजान
हादसे के बाद बच्चियों को पहले तीसा अस्पताल ले जाया गया। वहां से मेडिकल कॉलेज चंबा रेफर कर दिया गया। चारों बच्चियां उपचाराधीन हैं। उनके साथ रिश्तेदार मौजूद हैं। जिन बच्चियों के लिए मां ही सबसे बड़ा सहारा थीं, उन्हें अभी यह भी नहीं पता कि हादसे ने उनसे मां का साथ हमेशा के लिए छीन लिया है। इलाज के बीच उनके मन में शायद यही सवाल होगा कि मां कहां हैं और कब उनके पास आएंगी।

--
मोती राम के सामने जिंदगी का सबसे कठिन फैसला
हादसे ने पिता मोती राम को ऐसी स्थिति में खड़ा कर दिया जहां कोई भी रास्ता आसान नहीं था। एक तरफ घटनास्थल पर पत्नी नीलमा देवी का शव था। दूसरी तरफ मेडिकल कॉलेज में चारों बेटियां भर्ती थीं। पत्नी को आखिरी बार देखने और शव लेने घटनास्थल जाएं या घायल बेटियों के पास रहकर उनका इलाज करवाएं, मोती राम के सामने यही सबसे बड़ा सवाल था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed