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Chamba News: पालकी पर ठहरी जिंदगी...विकास की उम्मीदें खत्म
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मरीज को पालकी में डाल कर स्वास्थ्य केंद्र की ओर पैदल लेजाते जटकरी पंचायत के ग्रामीण। फाइल फोटो
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चंबा। जिले की जटकरी पंचायत में आज भी जिंदगी पालकी के सहारे चल रही है। महज छह किलोमीटर दूर शहर होने के बावजूद सड़क न होने से करीब तीन हजार लोग बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं, जहां बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए भी पालकी ही एकमात्र सहारा है।
जटकरी पंचायत के 13 गांव जटकरी, नगाली, हुरेड़, भगियार, धपेई, ताराभूई, जटेड़, डाडरा, छपरोटा, पनैली, टिकर, थनौड़ा और मनखंडा सड़क सुविधा से वंचित हैं। पंचायत के दूरदराज के गांव भगियार, डाडरा और छपरोटा में अगर कोई बीमार हो जाए तो उन्हें सड़क तक पहुंचाने का एकमात्र साधन पालकी ही है। कई बार मरीज उपचार मिलने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों में रोष है कि शासन-प्रशासन और सरकारें आज तक उनके गांव को भाग्य रेखा से जोड़ने में नाकाम रही हैं। जमा दो तक पढ़ाई करने के बाद बच्चे रोजाना ऊबड़-खाबड़ और जंगल से होकर तीन से छह किलोमीटर का सफर तय कर चंबा पहुंचने के लिए मजबूर हैं। नतीजतन, ग्रामीणों ने अब सामूहिक निर्णय लिया है कि उनके गांवों के सड़क सुविधा से न जुड़ने की सूरत में वे विस चुनाव में खाली मतपेटियां वापस भेजेंगे।
पंचायत में ग्रामीण विभिन्न सब्जियां मटर, फ्रासबीन, टमाटर, बंदगोभी-फूलगोभी, मक्की, गेंहू और फल उगाकर खच्चरों के माध्यम से शहर की मंडियों तक पहुंचाने के लिए विवश हैं।
- लांघा से आगे तीन से छह किमी सड़क न होने से पंचायत के 13 गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं। सड़क के अभाव में पंचायत के गांव विकास की धारा से अछूते रह रहे हैं। -राज सिंह ठाकुर, ग्रामीण।
- इंसान चांद पर जा पहुंचा है लेकिन, शहर से सटी जटकरी पंचायत सड़क की आज भी राह ताक रही है। नेतागण भी महज वोट बैंक के तौर पर ग्रामीणों का आज तक इस्तेमाल करते आ रहे हैं। -ऋषि कुमार, ग्रामीण
- गांव में अगर कोई बीमार हो जाता है तो उसके लिए पालकी ही एकमात्र सहारा है। नतीजतन, कई बार मरीज बीच राह ही दम तोड़ देते हैं। -सोनू कुमार, ग्रामीण
- सड़क सुविधा से पंचायत को पूरी तरह नहीं जोड़ा गया तो आगामी समय में विस चुनाव में ग्रामीण खाली मतपेटियां वापस भेजेंगे। -अनु कुमार, ग्रामीण
पंचायत के गांवों को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ने के प्रयास रहेंगे। बशर्ते सड़क की राह में आने वाली जमीन ग्रामीण विभाग के नाम समय पर करें। -नीरज नैय्यर, सदर विधायक चंबा
लांघा तक सड़क मेरे कार्यकाल में बनाई गई। कोरोना काल के चलते पूरी पंचायत सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई। वर्तमान सरकार पैसों का रोना ही राेती रहती है। सड़क के बिना विकास अधूरा है। -पवन नैय्यर, पूर्व विधायक।
इसके बारे में अधिशासी अभियंता से अपडेट लेकर कर आगामी कदम उठाए जाएंगे। -जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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जटकरी पंचायत के 13 गांव जटकरी, नगाली, हुरेड़, भगियार, धपेई, ताराभूई, जटेड़, डाडरा, छपरोटा, पनैली, टिकर, थनौड़ा और मनखंडा सड़क सुविधा से वंचित हैं। पंचायत के दूरदराज के गांव भगियार, डाडरा और छपरोटा में अगर कोई बीमार हो जाए तो उन्हें सड़क तक पहुंचाने का एकमात्र साधन पालकी ही है। कई बार मरीज उपचार मिलने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं। ग्रामीणों में रोष है कि शासन-प्रशासन और सरकारें आज तक उनके गांव को भाग्य रेखा से जोड़ने में नाकाम रही हैं। जमा दो तक पढ़ाई करने के बाद बच्चे रोजाना ऊबड़-खाबड़ और जंगल से होकर तीन से छह किलोमीटर का सफर तय कर चंबा पहुंचने के लिए मजबूर हैं। नतीजतन, ग्रामीणों ने अब सामूहिक निर्णय लिया है कि उनके गांवों के सड़क सुविधा से न जुड़ने की सूरत में वे विस चुनाव में खाली मतपेटियां वापस भेजेंगे।
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पंचायत में ग्रामीण विभिन्न सब्जियां मटर, फ्रासबीन, टमाटर, बंदगोभी-फूलगोभी, मक्की, गेंहू और फल उगाकर खच्चरों के माध्यम से शहर की मंडियों तक पहुंचाने के लिए विवश हैं।
- लांघा से आगे तीन से छह किमी सड़क न होने से पंचायत के 13 गांव सड़क सुविधा से महरूम हैं। सड़क के अभाव में पंचायत के गांव विकास की धारा से अछूते रह रहे हैं। -राज सिंह ठाकुर, ग्रामीण।
- इंसान चांद पर जा पहुंचा है लेकिन, शहर से सटी जटकरी पंचायत सड़क की आज भी राह ताक रही है। नेतागण भी महज वोट बैंक के तौर पर ग्रामीणों का आज तक इस्तेमाल करते आ रहे हैं। -ऋषि कुमार, ग्रामीण
- गांव में अगर कोई बीमार हो जाता है तो उसके लिए पालकी ही एकमात्र सहारा है। नतीजतन, कई बार मरीज बीच राह ही दम तोड़ देते हैं। -सोनू कुमार, ग्रामीण
- सड़क सुविधा से पंचायत को पूरी तरह नहीं जोड़ा गया तो आगामी समय में विस चुनाव में ग्रामीण खाली मतपेटियां वापस भेजेंगे। -अनु कुमार, ग्रामीण
पंचायत के गांवों को जल्द सड़क सुविधा से जोड़ने के प्रयास रहेंगे। बशर्ते सड़क की राह में आने वाली जमीन ग्रामीण विभाग के नाम समय पर करें। -नीरज नैय्यर, सदर विधायक चंबा
लांघा तक सड़क मेरे कार्यकाल में बनाई गई। कोरोना काल के चलते पूरी पंचायत सड़क सुविधा से नहीं जुड़ पाई। वर्तमान सरकार पैसों का रोना ही राेती रहती है। सड़क के बिना विकास अधूरा है। -पवन नैय्यर, पूर्व विधायक।
इसके बारे में अधिशासी अभियंता से अपडेट लेकर कर आगामी कदम उठाए जाएंगे। -जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग

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