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Chamba News: अंकुश के सुरों से सजी मिंजर की शाम, गुलाबी आंखें... गीत पर झूमा पंडाल
Fri, 31 Jul 2026 10:59 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 31 Jul 2026 10:59 AM IST
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चंबा मिंजर मेले की पांचवी सांस्कृतिक संध्या के दौरान पंडाल में बैठ कार्यक्रम का आनंद लेते लोग।स
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चंबा। अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले की पांचवीं सांस्कृतिक संध्या सुरों, संस्कृति और उत्साह के नाम रही। शाम ढलते ही मेला परिसर संगीत के रंग में रंग गया और जब मंच पर गायक अंकुश भारद्वाज ने अपनी आवाज का जादू बिखेरा तो दर्शक उनकी धुनों में खो गए। उनके गीत गुलाबी आंखें जो तेरी देखी की प्रस्तुति के साथ ही पूरा पंडाल झूम उठा। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट और नाचते कदमों से कलाकार का स्वागत किया।
अंकुश भारद्वाज ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां देकर माहौल को यादगार बना दिया। उनके पहाड़ी गीत कुंजू-चंचलों और भावपूर्ण गीत घर कब आओगे ने दर्शकों के दिलों को छू लिया। उनकी आवाज में पहाड़ की मिट्टी की खुशबू और संगीत की मिठास साफ झलकी। दर्शकों ने हर प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया।
इससे पहले मंच पर पहुंचीं नेहा दीक्षित, जिन्होंने भक्ति संगीत की मधुर धारा बहाई। शिव कैलाशों के वासी और ओम देवा-देवा जैसे भजनों से उन्होंने माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शक भी सुरों के साथ झूमते नजर आए। बॉलीवुड सिंगर भुवनेश भारत ने अपनी दमदार आवाज से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने केसरिया तेरा और काली एक्टिवा जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर युवाओं में जोश भर दिया। उनके गीतों पर दर्शक देर तक नाचते रहे और पूरा पंडाल उत्साह से भर गया।
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सांस्कृतिक संध्या से पहले आयोजित ट्रेडिशनल शो में चंबा की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। जिले की पारंपरिक वेशभूषा में प्रतिभागियों ने रैंप पर उतरकर हिमाचली परंपराओं और लोक विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। दोपहर 1 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में नन्हें कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों के बाद कुंजड़ी मल्हार के पारंपरिक गायन ने लोक संस्कृति की मिठास बिखेरी। वहीं, शिव एंड पार्टी ने भी शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों से खूब प्रशंसा हासिल की।
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अंकुश भारद्वाज ने एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां देकर माहौल को यादगार बना दिया। उनके पहाड़ी गीत कुंजू-चंचलों और भावपूर्ण गीत घर कब आओगे ने दर्शकों के दिलों को छू लिया। उनकी आवाज में पहाड़ की मिट्टी की खुशबू और संगीत की मिठास साफ झलकी। दर्शकों ने हर प्रस्तुति का भरपूर आनंद लिया।
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इससे पहले मंच पर पहुंचीं नेहा दीक्षित, जिन्होंने भक्ति संगीत की मधुर धारा बहाई। शिव कैलाशों के वासी और ओम देवा-देवा जैसे भजनों से उन्होंने माहौल को भक्तिमय बना दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान दर्शक भी सुरों के साथ झूमते नजर आए। बॉलीवुड सिंगर भुवनेश भारत ने अपनी दमदार आवाज से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उन्होंने केसरिया तेरा और काली एक्टिवा जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर युवाओं में जोश भर दिया। उनके गीतों पर दर्शक देर तक नाचते रहे और पूरा पंडाल उत्साह से भर गया।
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सांस्कृतिक संध्या से पहले आयोजित ट्रेडिशनल शो में चंबा की समृद्ध संस्कृति की झलक देखने को मिली। जिले की पारंपरिक वेशभूषा में प्रतिभागियों ने रैंप पर उतरकर हिमाचली परंपराओं और लोक विरासत को खूबसूरती से प्रस्तुत किया। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। दोपहर 1 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में नन्हें कलाकारों ने अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों के बाद कुंजड़ी मल्हार के पारंपरिक गायन ने लोक संस्कृति की मिठास बिखेरी। वहीं, शिव एंड पार्टी ने भी शानदार प्रस्तुति देकर दर्शकों से खूब प्रशंसा हासिल की।