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Chamba News: साहो क्षेत्र में फसलों को बर्बाद कर रहे बंदर
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 30 Mar 2026 10:57 PM IST
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किसानों को दिन-रात करनी पड़ रही है फसलों की रखवाली
किसान बोले- खेतों में पहरा दे रहे तो घरों में घुस रहे हैं बंदर
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। साहो क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या खेतों और बगीचों के लिए खतरा बन गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ों बंदर फसलों और फलदार पौधों को बर्बाद कर रहे हैं। पूर्व में सरकार ने बंदरों को पकड़ने और नियंत्रित करने की कई मुहिम चलाई थी लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ। बंदरों की नसबंदी की जाए और जंगलों में फलदार पौधे तैयार किए जाएं। किसानों ने बताया कि युवाओं में नगदी फसलों और फल उत्पादन की ओर रुझान बढ़ा था लेकिन बंदर सब्जियों और फलदार पौधों दोनों को नष्ट कर रहे हैं।
किसानों में भगत राम, हेम राज, जर्म सिंह, प्रकाश चंद, जगदीश कुमार, धर्म चंद, महेश कुमार और संजीव कुमार ने बताया कि कीड़ी, अठलूई, सराहन, रजिंडू, मंगरोल,, सरोल, खलनेरा, लग्गा, पधरूंई, ओसल सहित अन्य गांवों में बंदरों ने परेशान कर दिया है। दिन-रात किसानों को खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। खेतों की रखवाली कर रहे हैं तो बंदर घरों में घुस रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द उपाय नहीं करती है तो खेतों से युवाओं का पलायन बढ़ेगा और पहाड़ी क्षेत्रों में खाद्य संकट गहरा जाएगा।
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किसान बोले- खेतों में पहरा दे रहे तो घरों में घुस रहे हैं बंदर
संवाद न्यूज एजेंसी
साहो (चंबा)। पहाड़ी क्षेत्रों के किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। साहो क्षेत्र में बंदरों की बढ़ती संख्या खेतों और बगीचों के लिए खतरा बन गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सैकड़ों बंदर फसलों और फलदार पौधों को बर्बाद कर रहे हैं। पूर्व में सरकार ने बंदरों को पकड़ने और नियंत्रित करने की कई मुहिम चलाई थी लेकिन इसका भी कोई असर नहीं हुआ। बंदरों की नसबंदी की जाए और जंगलों में फलदार पौधे तैयार किए जाएं। किसानों ने बताया कि युवाओं में नगदी फसलों और फल उत्पादन की ओर रुझान बढ़ा था लेकिन बंदर सब्जियों और फलदार पौधों दोनों को नष्ट कर रहे हैं।
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किसानों में भगत राम, हेम राज, जर्म सिंह, प्रकाश चंद, जगदीश कुमार, धर्म चंद, महेश कुमार और संजीव कुमार ने बताया कि कीड़ी, अठलूई, सराहन, रजिंडू, मंगरोल,, सरोल, खलनेरा, लग्गा, पधरूंई, ओसल सहित अन्य गांवों में बंदरों ने परेशान कर दिया है। दिन-रात किसानों को खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। खेतों की रखवाली कर रहे हैं तो बंदर घरों में घुस रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार जल्द उपाय नहीं करती है तो खेतों से युवाओं का पलायन बढ़ेगा और पहाड़ी क्षेत्रों में खाद्य संकट गहरा जाएगा।