{"_id":"6a7df8ab335c5ea4e609facf","slug":"ndrf-personnel-will-take-charge-of-operations-from-dal-lake-to-sundarasi-chamba-news-c-88-1-ssml1006-193175-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: डल झील से सुंदरासी तक मोर्चा संभालेंगे एनडीआरफ के जवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: डल झील से सुंदरासी तक मोर्चा संभालेंगे एनडीआरफ के जवान
Thu, 13 Aug 2026 10:32 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रद्धालु की मौत होने पर शव नीचे लाने के लिए अलग से बनाई जाएगी टीमें
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। प्रशासन ने इस बार मणिमहेश यात्रा में बचाव कार्यों को जिम्मा तीन सेक्टरों में अलग-अलग टीमों को सौंपा है। एनडीआरएफ की 40 सदस्यीय टीम डल झील से सुंदरासी तक बचाव कार्य का जिम्मा संभालेगी।
सुंदरासी से छन्छौ तक पर्वतारोहण केंद्र भरमौर के 60 सदस्य मोर्चा संभालेंगे जबकि धन्छौ से हड़सर तक एसडीआरएफ के 30 जवान तैनात रहेंगे। यहां पर जो भी श्रद्धालु घायल होगा, उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का जिम्मा इन टीमों का रहेगा। वहीं, इस बार शवों को लाने के लिए अलग से टीम गठित की जाएगी। इससे पहले शवों को लाने का जिम्मा भी इन टीमों पर रहता था। इस कारण बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न होती रहती थी। यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने इन टीमों को सिर्फ बचाव कार्य के लिए रखा है।
यात्रा में किसी कारणवश श्रद्धालु की अगर मौत होती है तो उसका शव नीचे लाने के लिए अलग टीमें बनाई जाएंगी। अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी विकास शर्मा ने बताया कि इस बार मणिमहेश यात्रा के हरेक प्रबंधों पर प्रशासन पूरी जिम्मेदारी से व्यवस्था कर रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
भरमौर (चंबा)। प्रशासन ने इस बार मणिमहेश यात्रा में बचाव कार्यों को जिम्मा तीन सेक्टरों में अलग-अलग टीमों को सौंपा है। एनडीआरएफ की 40 सदस्यीय टीम डल झील से सुंदरासी तक बचाव कार्य का जिम्मा संभालेगी।
सुंदरासी से छन्छौ तक पर्वतारोहण केंद्र भरमौर के 60 सदस्य मोर्चा संभालेंगे जबकि धन्छौ से हड़सर तक एसडीआरएफ के 30 जवान तैनात रहेंगे। यहां पर जो भी श्रद्धालु घायल होगा, उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने का जिम्मा इन टीमों का रहेगा। वहीं, इस बार शवों को लाने के लिए अलग से टीम गठित की जाएगी। इससे पहले शवों को लाने का जिम्मा भी इन टीमों पर रहता था। इस कारण बचाव कार्य में बाधा उत्पन्न होती रहती थी। यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने इन टीमों को सिर्फ बचाव कार्य के लिए रखा है।
विज्ञापन
यात्रा में किसी कारणवश श्रद्धालु की अगर मौत होती है तो उसका शव नीचे लाने के लिए अलग टीमें बनाई जाएंगी। अतिरिक्त जिलादंडाधिकारी विकास शर्मा ने बताया कि इस बार मणिमहेश यात्रा के हरेक प्रबंधों पर प्रशासन पूरी जिम्मेदारी से व्यवस्था कर रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
विज्ञापन