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Chamba News: ग्रेच्युटी ब्याज भुगतान में देरी पर वन मंडल अधिकारी को नोटिस
Fri, 07 Aug 2026 10:55 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 07 Aug 2026 10:55 PM IST
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श्रम विभाग ने 29 अगस्त तक लिखित जवाब दाखिल करने के दिए निर्देश
दावेदार करम ने अपीलीय प्राधिकारी के फैसले को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ग्रेच्युटी पर उचित ब्याज का भुगतान न करना वन मंडल अधिकारी को महंगा पड़ गया। जिला श्रम अधिकारी ने वन मंडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस करम सिंह पुत्र आलम निवासी गांव सनोथा डाकघर कोहाल तहसील चुराह की बकाया ग्रेच्युटी पर उचित ब्याज का भुगतान न करने पर जारी किया है।
प्राधिकारी ने 31 जनवरी, 2020 को करम सिंह के पक्ष में 49,846 रुपये की ग्रेच्युटी राशि 1 सितंबर 2015 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ जारी करने के निर्देश दिए थे। आदेश को नियोक्ता (वन विभाग) ने 376 दिन की देरी के बाद अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दी थी। अपीलीय प्राधिकारी ने ब्याज दर को घटाकर 9 प्रतिशत कर दिया था। इसके तहत पीड़ित को 7,492 रुपये ब्याज सहित 57,338 रुपये का भुगतान किया गया। इसके पश्चात दावेदार करम सिंह ने अपीलीय प्राधिकारी के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने 25 जून 2026 को अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वन विभाग की ओर से अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष 376 दिन की देरी से दायर की गई अपील कानूनन मान्य नहीं थी। न्यायालय ने अपीलीय प्राधिकरण के 29 जुलाई 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद आवेदक ने 29 जुलाई को आवेदन प्रस्तुत कर 1 सितंबर 2015 से पूरे 10 प्रतिशत की दर से शेष ब्याज राशि के भुगतान की मांग की है। जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने वन मंडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 29 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिए हैं। उधर, जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए वन मंडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूछा है कि आवेदक के बकाया ब्याज की राशि 35,567 रुपये को भू-राजस्व के बकाया की तरह वसूलने के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट क्यों न जारी किया जाए। 29 अगस्त को उनका पक्ष सुनने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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दावेदार करम ने अपीलीय प्राधिकारी के फैसले को हाईकोर्ट में दी थी चुनौती
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ग्रेच्युटी पर उचित ब्याज का भुगतान न करना वन मंडल अधिकारी को महंगा पड़ गया। जिला श्रम अधिकारी ने वन मंडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस करम सिंह पुत्र आलम निवासी गांव सनोथा डाकघर कोहाल तहसील चुराह की बकाया ग्रेच्युटी पर उचित ब्याज का भुगतान न करने पर जारी किया है।
प्राधिकारी ने 31 जनवरी, 2020 को करम सिंह के पक्ष में 49,846 रुपये की ग्रेच्युटी राशि 1 सितंबर 2015 से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 10 प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज के साथ जारी करने के निर्देश दिए थे। आदेश को नियोक्ता (वन विभाग) ने 376 दिन की देरी के बाद अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष चुनौती दी थी। अपीलीय प्राधिकारी ने ब्याज दर को घटाकर 9 प्रतिशत कर दिया था। इसके तहत पीड़ित को 7,492 रुपये ब्याज सहित 57,338 रुपये का भुगतान किया गया। इसके पश्चात दावेदार करम सिंह ने अपीलीय प्राधिकारी के फैसले को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। उच्च न्यायालय ने 25 जून 2026 को अपने आदेश में स्पष्ट किया कि वन विभाग की ओर से अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष 376 दिन की देरी से दायर की गई अपील कानूनन मान्य नहीं थी। न्यायालय ने अपीलीय प्राधिकरण के 29 जुलाई 2025 के आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद आवेदक ने 29 जुलाई को आवेदन प्रस्तुत कर 1 सितंबर 2015 से पूरे 10 प्रतिशत की दर से शेष ब्याज राशि के भुगतान की मांग की है। जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने वन मंडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर 29 अगस्त 2026 को सुबह 11:30 बजे व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर लिखित जवाब दाखिल करने का निर्देश दिए हैं। उधर, जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए वन मंडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पूछा है कि आवेदक के बकाया ब्याज की राशि 35,567 रुपये को भू-राजस्व के बकाया की तरह वसूलने के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट क्यों न जारी किया जाए। 29 अगस्त को उनका पक्ष सुनने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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