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Chamba News: सगाई के दिन घर में सफेद कफन में लौटी बेटी
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 18 Jun 2026 11:00 PM IST
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चंबा चलूंज मार्ग पर मसरूंड के पास हुए हादसे के बाद शवों को सड़क तक पहुंचाने में जुटे ग्रामीण।सं
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जेबीटी की परीक्षा देकर लौटी थीं अनीता, वीरवार को होनी थी सगाई
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिस घर में वीरवार को बेटी की सगाई की तैयारियां होनी थीं, वहां मातम पसरा है। वाहन दुर्घटना में काल का ग्रास बनीं 20 वर्षीय अनीता कुमारी पुत्री धर्म सिंह गांव मेहल डाकघर कोहाल अपने जीवन के नए सफर की दहलीज पर खड़ी थीं। परिवार ने उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजो रखे थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था। सगाई से कुछ घंटों पहले ही अनीता हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गई।
सपरोट पंचायत के उपप्रधान किशन चंद ने बताया कि अनीता कुमारी ने जमा दो उत्तीर्ण करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। वह पढ़ाई में मेधावी थी और अपने पैरों पर खड़ा होकर माता-पिता का सहारा बनना चाहती थीं। बुधवार को वह चंबा शहर में जेबीटी की परीक्षा देकर सीधे रिश्तेदारी में आयोजित मुंडन संस्कार में शामिल होने पहुंची थीं। मुंडन संस्कार की खुशियों के बीच किसी ने नहीं सोचा था कि यह रात उनके जीवनभर की दर्द बन जाएगी। देर रात अनीता अपने ताऊ चुनी लाल, देवी सिंह, मोती राम, ताई बबली देवी और कुंता देवी सहित अन्य परिजनों के साथ नुआले की धाम खाने के बाद बोलेरो गाड़ी में सवार होकर घर लौट रही थीं। सभी लोग हंसी-खुशी अपने घर की ओर जा रहे थे लेकिन रास्ते में हुई दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
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बेटी का शव देखकर बेसुध हो गईं मां, पिता की आंखों से भी छलके आंसू
धर्म सिंह और उनकी पत्नी खेती-बाड़ी के साथ मेहनत-मजदूरी कर बेटी को पढ़ा रहे थे। बेटी के सुनहरे भविष्य के लिए उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना किया था। हादसे ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया। उनकी मौत के बाद परिवार में अब माता-पिता और छोटा भाई ही रह गए हैं। जिस बेटी की सगाई के लिए घर में खुशी का माहौल था, उसका शव जब सफेद कफन में लिपटा घर पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मां बार-बार बेटी का चेहरा देखकर बेसुध हो रही थीं जबकि पिता की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अनीता की असमय मौत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। यह हादसा माता-पिता के उन सपनों को भी अपने साथ ले गया जिन्हें उन्होंने वर्षों की मेहनत और उम्मीदों से संजोया था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिस घर में वीरवार को बेटी की सगाई की तैयारियां होनी थीं, वहां मातम पसरा है। वाहन दुर्घटना में काल का ग्रास बनीं 20 वर्षीय अनीता कुमारी पुत्री धर्म सिंह गांव मेहल डाकघर कोहाल अपने जीवन के नए सफर की दहलीज पर खड़ी थीं। परिवार ने उसके भविष्य को लेकर कई सपने संजो रखे थे। नियति को कुछ और ही मंजूर था। सगाई से कुछ घंटों पहले ही अनीता हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गई।
सपरोट पंचायत के उपप्रधान किशन चंद ने बताया कि अनीता कुमारी ने जमा दो उत्तीर्ण करने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। वह पढ़ाई में मेधावी थी और अपने पैरों पर खड़ा होकर माता-पिता का सहारा बनना चाहती थीं। बुधवार को वह चंबा शहर में जेबीटी की परीक्षा देकर सीधे रिश्तेदारी में आयोजित मुंडन संस्कार में शामिल होने पहुंची थीं। मुंडन संस्कार की खुशियों के बीच किसी ने नहीं सोचा था कि यह रात उनके जीवनभर की दर्द बन जाएगी। देर रात अनीता अपने ताऊ चुनी लाल, देवी सिंह, मोती राम, ताई बबली देवी और कुंता देवी सहित अन्य परिजनों के साथ नुआले की धाम खाने के बाद बोलेरो गाड़ी में सवार होकर घर लौट रही थीं। सभी लोग हंसी-खुशी अपने घर की ओर जा रहे थे लेकिन रास्ते में हुई दर्दनाक दुर्घटना ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
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बेटी का शव देखकर बेसुध हो गईं मां, पिता की आंखों से भी छलके आंसू
धर्म सिंह और उनकी पत्नी खेती-बाड़ी के साथ मेहनत-मजदूरी कर बेटी को पढ़ा रहे थे। बेटी के सुनहरे भविष्य के लिए उन्होंने अनेक कठिनाइयों का सामना किया था। हादसे ने उनके सपनों को चकनाचूर कर दिया। उनकी मौत के बाद परिवार में अब माता-पिता और छोटा भाई ही रह गए हैं। जिस बेटी की सगाई के लिए घर में खुशी का माहौल था, उसका शव जब सफेद कफन में लिपटा घर पहुंचा तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। मां बार-बार बेटी का चेहरा देखकर बेसुध हो रही थीं जबकि पिता की आंखों में आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अनीता की असमय मौत ने न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। यह हादसा माता-पिता के उन सपनों को भी अपने साथ ले गया जिन्हें उन्होंने वर्षों की मेहनत और उम्मीदों से संजोया था।