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Chamba News: सड़कें बनीं, सुरक्षा छूट गई... सिस्टम की अनदेखी ने डेढ़ साल में छीन लीं 92 जिंदगियां
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 18 Jun 2026 10:57 PM IST
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जिले की सड़कों में क्रैश बैरियर और ब्लैक स्पॉट में सुधार की कमी से हो रहीं दुर्घटनाएं
हर बार हादसे वाले स्थान पर सामने आती है क्रैश बैरियर और पैरापिट न होने की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की सड़कों में क्रैश बैरियर और ब्लैक स्पॉट में सुधार की कमी से डेढ़ साल में 92 लोगों की मौत हो चुकी है। 162 लोगों को गहरे जख्म मिले हैं। हर माह जिले में कोई न कोई ऐसी बड़ी वाहन दुर्घटना होती है जिसमें पांच से छह लोगों की मौत की खबर सुनने को मिलती है। हर बार दुर्घटना वाले स्थान पर क्रैश बैरियर या पैरापिट की कमी सामने आती है। कुछ जगह ब्लैक स्पॉट भी हादसे का कारण बनते हैं। डेढ़ साल में 98 वाहन दुर्घटनाएं जिले में हुईं। पुलिस जांच में हर बार यही हवाला दिया जाता है कि चालक की लापरवाही के कारण हादसा हुआ। चालक के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज की गई लेकिन कभी भी सड़क में लचर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। यही कारण है कि सड़क से जुड़े विभाग की जवाबदेही न होने से हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
चंबा-खज्जियार, साहो, धुलाड़ा, भरमौर, सिढ़कुंड, मसरूंड, भाला सहित कई अन्य ऐसी सड़कें हैं जहां चौड़ाई के काम पर करोड़ों रुपये खर्चे गए लेकिन कटिंग करने के बाद भी ब्लैक स्पाॅट पूरी तरह नहीं हटाए गए। तीखे मोड़ पर कटिंग का मलबा दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। न तो संबंधित ठेकेदार उस मलबे को हटा रहे हैं और न ही संबंधित विभाग इस दिशा में कोई कार्रवाई कर रहे हैं।
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वर्ष 2021 में चंबा मंडल की दस से अधिक सड़कों पर ब्लैक स्पॉट हटाने व क्रैश बेरियर लगाने पर एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सुरक्षा व मरम्मत कार्य करने के लिए 80 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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-- जब सड़क का निर्माण किया जाता है तो संबंधित विभाग ठेकेदार से सभी नियमों की पालना नहीं करवाता। यही वजह है कि उस सड़क पर आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। - दिनेश कुमार
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सड़क को चौड़ा करने पर तो प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन उसी सड़क में वाहन दुर्घटनाएं रोकने के लिए क्रैश बैरियर नहीं लगाए जा रहे हैं। - सोनू ठाकुर
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यदि दुर्घटना संभावित सड़कों पर क्रैश बैरियर लगा दिए जाएं तो साल में होने वाली वाहन दुर्घटनाओं को 60 फीसदी तक रोका जा सकता है। - नागेशवर ठाकुर
-- सरकार और प्रशासन को वाहन दुर्घटना होने पर यह भी जांच करवानी चाहिए कि हादसा चालक की लापरवाही से हुआ या सड़क में सुरक्षा की कमी के कारण। - रिशु ठाकुर
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जिले की सड़कों में उन सभी स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं जहां दुर्घटना होने की संभावना रहती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बन रहीं सभी सड़कों में जरूरी स्थानों पर क्रैश बैरियर निर्माण के समय ही लगाए जा रहे हैं। - जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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कब, कितने हादसे हुए
वर्ष 2020 में 98 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 71 लोगों की मौत हो गई। 188 घायल हुए। 2021 में 93 वाहन दुर्घटनाओं में 85 की मौत और 166 घायल, 2022 में 98 दुर्घटनाओं में 73 की मौत और 172 घायल, 2023 में 94 दुर्घटनाओं में 62 की मौत और 128 घायल, 2024 में 79 वाहन दुर्घटनाओं में 66 लोगों की मौत और 114 लोग घायल हुए।
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जिले में चिह्नित हैं 953 ब्लैक स्पॉट
जिले में कुल 953 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें 846 संभावित, 63 एचआरटीसी और 44 जीवीके से संबंधित हैं। इन ब्लैक स्पॉट को सुधारने का कार्य प्रगति पर है।
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क्रैश बैरियर लगाने के लिए सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि वे आपदा प्राधिकरण और सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजें। ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। मुख्य ब्लैक स्पॉट को सुधारा जा चुका है। अन्य स्पॉट भी जल्द सुधार दिए जाएंगे। - जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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हर बार हादसे वाले स्थान पर सामने आती है क्रैश बैरियर और पैरापिट न होने की बात
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले की सड़कों में क्रैश बैरियर और ब्लैक स्पॉट में सुधार की कमी से डेढ़ साल में 92 लोगों की मौत हो चुकी है। 162 लोगों को गहरे जख्म मिले हैं। हर माह जिले में कोई न कोई ऐसी बड़ी वाहन दुर्घटना होती है जिसमें पांच से छह लोगों की मौत की खबर सुनने को मिलती है। हर बार दुर्घटना वाले स्थान पर क्रैश बैरियर या पैरापिट की कमी सामने आती है। कुछ जगह ब्लैक स्पॉट भी हादसे का कारण बनते हैं। डेढ़ साल में 98 वाहन दुर्घटनाएं जिले में हुईं। पुलिस जांच में हर बार यही हवाला दिया जाता है कि चालक की लापरवाही के कारण हादसा हुआ। चालक के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज की गई लेकिन कभी भी सड़क में लचर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। यही कारण है कि सड़क से जुड़े विभाग की जवाबदेही न होने से हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।
चंबा-खज्जियार, साहो, धुलाड़ा, भरमौर, सिढ़कुंड, मसरूंड, भाला सहित कई अन्य ऐसी सड़कें हैं जहां चौड़ाई के काम पर करोड़ों रुपये खर्चे गए लेकिन कटिंग करने के बाद भी ब्लैक स्पाॅट पूरी तरह नहीं हटाए गए। तीखे मोड़ पर कटिंग का मलबा दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है। न तो संबंधित ठेकेदार उस मलबे को हटा रहे हैं और न ही संबंधित विभाग इस दिशा में कोई कार्रवाई कर रहे हैं।
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वर्ष 2021 में चंबा मंडल की दस से अधिक सड़कों पर ब्लैक स्पॉट हटाने व क्रैश बेरियर लगाने पर एक करोड़ रुपये खर्च किए गए। पठानकोट-भरमौर राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर सुरक्षा व मरम्मत कार्य करने के लिए 80 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
सड़क को चौड़ा करने पर तो प्रदेश सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर रही है लेकिन उसी सड़क में वाहन दुर्घटनाएं रोकने के लिए क्रैश बैरियर नहीं लगाए जा रहे हैं। - सोनू ठाकुर
यदि दुर्घटना संभावित सड़कों पर क्रैश बैरियर लगा दिए जाएं तो साल में होने वाली वाहन दुर्घटनाओं को 60 फीसदी तक रोका जा सकता है। - नागेशवर ठाकुर
जिले की सड़कों में उन सभी स्थानों पर क्रैश बैरियर लगाए जा रहे हैं जहां दुर्घटना होने की संभावना रहती है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में बन रहीं सभी सड़कों में जरूरी स्थानों पर क्रैश बैरियर निर्माण के समय ही लगाए जा रहे हैं। - जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
कब, कितने हादसे हुए
वर्ष 2020 में 98 दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 71 लोगों की मौत हो गई। 188 घायल हुए। 2021 में 93 वाहन दुर्घटनाओं में 85 की मौत और 166 घायल, 2022 में 98 दुर्घटनाओं में 73 की मौत और 172 घायल, 2023 में 94 दुर्घटनाओं में 62 की मौत और 128 घायल, 2024 में 79 वाहन दुर्घटनाओं में 66 लोगों की मौत और 114 लोग घायल हुए।
जिले में चिह्नित हैं 953 ब्लैक स्पॉट
जिले में कुल 953 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। इनमें 846 संभावित, 63 एचआरटीसी और 44 जीवीके से संबंधित हैं। इन ब्लैक स्पॉट को सुधारने का कार्य प्रगति पर है।
क्रैश बैरियर लगाने के लिए सभी अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए हैं। उन्हें कहा गया है कि वे आपदा प्राधिकरण और सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजें। ब्लैक स्पॉट को सुधारने के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। मुख्य ब्लैक स्पॉट को सुधारा जा चुका है। अन्य स्पॉट भी जल्द सुधार दिए जाएंगे। - जीत सिंह ठाकुर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग