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Chamba News: आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को नहीं मिल रहीं विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Thu, 02 Apr 2026 10:46 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को वरिष्ठ आयुर्वेदिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं नहीं मिल रही हैं। कहने के लिए सरकार ने दो विशेषज्ञ वरिष्ठ चिकित्सकों के पद स्वीकृत किए हैं लेकिन ये पद पिछले कई महीनों से खाली हैं।
इस कारण मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का संपूर्ण लाभ नहीं मिल रहा है। गंभीर बीमारी के उपचार से लेकर अन्य जटिल मामलों में इन चिकित्सकों की भूमिका अहम रहती है। जरूरत पड़ने पर ये चिकित्सक जूनियर चिकित्सकों को भी परामर्श दे सकते हैं। आकांक्षी जिले के आयुर्वेदिक अस्पताल में इन चिकित्सकों की तैनाती को लेकर सरकार जरा भी गंभीर नहीं दिख रही है।
जिले के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों और डिस्पेंसरियों में चिकित्सकों की भारी कमी है। इसके चलते आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली से बीमारी का इलाज करवाने वाले मरीज जिला आयुर्वेदिक अस्पताल का रुख करते हैं। यही वजह है कि रोजाना की ओपीडी 100 से अधिक है। इसके अलावा गंभीर मरीजों को उपचार के लिए भर्ती करने के लिए 50 बिस्तरों की सुविधा है लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते प्रबंधन 50 बिस्तरों को चालू नहीं करवा पा रहा है।
दस से 15 बिस्तर ही मरीजों के लिए वार्ड में रखे गए हैं। जिला आयुष अधिकारी डॉ. शरद त्रिवेदी ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बारे में विभाग के उच्चाधिकारी और सरकार को अवगत करवा दिया है। जल्द इन पदों पर तैनाती होने की उम्मीद है।
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चंबा। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में मरीजों को वरिष्ठ आयुर्वेदिक विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं नहीं मिल रही हैं। कहने के लिए सरकार ने दो विशेषज्ञ वरिष्ठ चिकित्सकों के पद स्वीकृत किए हैं लेकिन ये पद पिछले कई महीनों से खाली हैं।
इस कारण मरीजों को आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति का संपूर्ण लाभ नहीं मिल रहा है। गंभीर बीमारी के उपचार से लेकर अन्य जटिल मामलों में इन चिकित्सकों की भूमिका अहम रहती है। जरूरत पड़ने पर ये चिकित्सक जूनियर चिकित्सकों को भी परामर्श दे सकते हैं। आकांक्षी जिले के आयुर्वेदिक अस्पताल में इन चिकित्सकों की तैनाती को लेकर सरकार जरा भी गंभीर नहीं दिख रही है।
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जिले के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्रों और डिस्पेंसरियों में चिकित्सकों की भारी कमी है। इसके चलते आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली से बीमारी का इलाज करवाने वाले मरीज जिला आयुर्वेदिक अस्पताल का रुख करते हैं। यही वजह है कि रोजाना की ओपीडी 100 से अधिक है। इसके अलावा गंभीर मरीजों को उपचार के लिए भर्ती करने के लिए 50 बिस्तरों की सुविधा है लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के चलते प्रबंधन 50 बिस्तरों को चालू नहीं करवा पा रहा है।
दस से 15 बिस्तर ही मरीजों के लिए वार्ड में रखे गए हैं। जिला आयुष अधिकारी डॉ. शरद त्रिवेदी ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के बारे में विभाग के उच्चाधिकारी और सरकार को अवगत करवा दिया है। जल्द इन पदों पर तैनाती होने की उम्मीद है।