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Chamba News: अचार, चुख और शीरा ने बदली महिलाओं की तकदीर
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Mon, 06 Apr 2026 11:01 PM IST
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स्वयं सहायता समूह की महिला
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घरेलू उत्पादों से जीवन ज्योति स्वयं सहायता समूह कुंराह की महिलाएं बनीं आत्मनिर्भर
लोगों के बीच बनाई उत्पादों ने पहचान, मिंजर मेले समेत बाजार में बढ़ी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। जीवन ज्योति स्वयं सहायता समूह कुंराह से जुड़ीं छह महिलाओं ने घरेलू उत्पादों के जरिये आत्मनिर्भरता की मजबूत राह बनाई है।
रीता देवी, पूजा देवी, महिमा देवी, सिमरन और मीनाक्षी देवी सहित समूह की सदस्य पिछले पांच वर्षों से मिलकर अचार, चुख, शीरा, जरीस और ऊनी स्वेटर तैयार कर रही हैं। पारंपरिक स्वाद और गुणवत्ता के चलते उनके उत्पादों ने स्थानीय लोगों के बीच खास पहचान बना ली है। इन महिलाओं की मेहनत का नतीजा है कि अब उनके बनाए उत्पाद सिर्फ गांव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मिंजर मेले सहित जिले के विभिन्न मेलों और चंबा बाजार में भी खूब बिक रहे हैं। खासकर उनके अचार और शीरा की मांग लगातार बढ़ रही है जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हुआ है। समूह की महिलाएं बताती हैं कि शुरुआत में संसाधनों की कमी और बाजार तक पहुंच एक बड़ी चुनौती थी लेकिन आपसी सहयोग और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने हर मुश्किल को पार किया। आज यह समूह न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुका है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मैहला (चंबा)। जीवन ज्योति स्वयं सहायता समूह कुंराह से जुड़ीं छह महिलाओं ने घरेलू उत्पादों के जरिये आत्मनिर्भरता की मजबूत राह बनाई है।
रीता देवी, पूजा देवी, महिमा देवी, सिमरन और मीनाक्षी देवी सहित समूह की सदस्य पिछले पांच वर्षों से मिलकर अचार, चुख, शीरा, जरीस और ऊनी स्वेटर तैयार कर रही हैं। पारंपरिक स्वाद और गुणवत्ता के चलते उनके उत्पादों ने स्थानीय लोगों के बीच खास पहचान बना ली है। इन महिलाओं की मेहनत का नतीजा है कि अब उनके बनाए उत्पाद सिर्फ गांव तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मिंजर मेले सहित जिले के विभिन्न मेलों और चंबा बाजार में भी खूब बिक रहे हैं। खासकर उनके अचार और शीरा की मांग लगातार बढ़ रही है जिससे उनकी आमदनी में भी इजाफा हुआ है। समूह की महिलाएं बताती हैं कि शुरुआत में संसाधनों की कमी और बाजार तक पहुंच एक बड़ी चुनौती थी लेकिन आपसी सहयोग और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने हर मुश्किल को पार किया। आज यह समूह न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुका है।