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Chamba News: कामगारों के सात मुद्दे निपटाए, कंपनी को साप्ताहिक अवकाश देने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 20 Mar 2026 10:43 PM IST
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प्रबंधन और कामगारों के बीच मुद्दे सुलझाने के लिए जिला श्रम अधिकारी के साथ बैठक
शिवालिक एनर्जी प्रोजेक्ट को न्यूनतम वेतन, छुट्टियां देने और आईडी कार्ड बनाने के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शिवालिक एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड चिरचिंड-2 के प्रबंधन और कामगारों के बीच चल रहे विभिन्न मुद्दों को लेकर समझौता अधिकारी चंबा जोन की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें कामगारों की ओर से यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी और प्रबंधन से निदेशक अंबरीश सिंह उपस्थित रहे। बैठक में कामगारों के 11 मुख्य मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें 7 मुद्दों का मौके पर ही निपटारा किया। शेष 4 मुद्दों पर अगली बैठक में विचार होगा। जांच में पाया कि 56 कामगारों के रिकॉर्ड में से 47 को सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। जिला श्रम एवं समझौता अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनकुशल कामगार 17,212 रुपये प्रति माह वेतन के हकदार हैं। उन्होंने प्रबंधन को शेष 178 कामगारों का रिकॉर्ड 21 मार्च तक जमा करने का आदेश दिया। यह भी पाया गया कि कंपनी ने 234 कामगारों में से केवल 77 के पहचान पत्र जमा किए हैं। प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी शेष आईडी कार्ड जमा करने के निर्देश दिए। पाया गया कि कामगारों को साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया जा रहा था। प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से रोटेशन के आधार पर छुट्टी और अवकाश वाले दिन काम करवाने पर दोगुना वेतन देने के आदेश दिए गए। साल में 7 दिन की कैजुअल लीव, 7 दिन की बीमार छुट्टी और 7 राष्ट्रीय अवकाश देना अनिवार्य किया गया। जम्मू-कश्मीर के डोडा में दो कामगारों की मृत्यु के मामलों में प्रबंधन को 48 घंटे के भीतर निर्धारित फॉर्म में दुर्घटना रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रबंधन ने दावा किया कि परियोजना प्रभावित क्षेत्र के 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया है। कामगारों की सहमति के बाद इस मुद्दे को बंद कर दिया गया। जिला श्रम अधिकारी ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के प्रावधानों विशेषकर छंटनी के मामलों में कड़ाई से पालन करें। कामगारों को भी अनुशासन रखने की सलाह दी गई। जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि प्रबंधन और कामगारों के बीच चल रहे विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। 11 में से 7 मुद्दों का निपटारा किया गया है। शेष के निपटारे के लिए निर्देश दिए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। शिवालिक एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड चिरचिंड-2 के प्रबंधन और कामगारों के बीच चल रहे विभिन्न मुद्दों को लेकर समझौता अधिकारी चंबा जोन की अध्यक्षता में बैठक हुई।
इसमें कामगारों की ओर से यूथ इंटक के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र पुजारी और प्रबंधन से निदेशक अंबरीश सिंह उपस्थित रहे। बैठक में कामगारों के 11 मुख्य मुद्दों पर चर्चा की गई। इनमें 7 मुद्दों का मौके पर ही निपटारा किया। शेष 4 मुद्दों पर अगली बैठक में विचार होगा। जांच में पाया कि 56 कामगारों के रिकॉर्ड में से 47 को सरकार की ओर से निर्धारित न्यूनतम वेतन नहीं मिल रहा है। जिला श्रम एवं समझौता अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनकुशल कामगार 17,212 रुपये प्रति माह वेतन के हकदार हैं। उन्होंने प्रबंधन को शेष 178 कामगारों का रिकॉर्ड 21 मार्च तक जमा करने का आदेश दिया। यह भी पाया गया कि कंपनी ने 234 कामगारों में से केवल 77 के पहचान पत्र जमा किए हैं। प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी शेष आईडी कार्ड जमा करने के निर्देश दिए। पाया गया कि कामगारों को साप्ताहिक अवकाश नहीं दिया जा रहा था। प्रबंधन को तत्काल प्रभाव से रोटेशन के आधार पर छुट्टी और अवकाश वाले दिन काम करवाने पर दोगुना वेतन देने के आदेश दिए गए। साल में 7 दिन की कैजुअल लीव, 7 दिन की बीमार छुट्टी और 7 राष्ट्रीय अवकाश देना अनिवार्य किया गया। जम्मू-कश्मीर के डोडा में दो कामगारों की मृत्यु के मामलों में प्रबंधन को 48 घंटे के भीतर निर्धारित फॉर्म में दुर्घटना रिपोर्ट जमा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में प्रबंधन ने दावा किया कि परियोजना प्रभावित क्षेत्र के 80 प्रतिशत से अधिक लोगों को रोजगार दिया गया है। कामगारों की सहमति के बाद इस मुद्दे को बंद कर दिया गया। जिला श्रम अधिकारी ने प्रबंधन को चेतावनी दी है कि औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के प्रावधानों विशेषकर छंटनी के मामलों में कड़ाई से पालन करें। कामगारों को भी अनुशासन रखने की सलाह दी गई। जिला श्रम अधिकारी अनुराग शर्मा ने बताया कि प्रबंधन और कामगारों के बीच चल रहे विभिन्न विषयों पर चर्चा के बाद प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। 11 में से 7 मुद्दों का निपटारा किया गया है। शेष के निपटारे के लिए निर्देश दिए हैं।
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