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Chamba News: कर्मचारियों ने सीएम को फूलमालाओं से लादा
Sun, 02 Aug 2026 10:54 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 02 Aug 2026 10:54 PM IST
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चंबा दौरे के दौरान ज्ञापन सौंपकर उठाईं कर्मचारियों से जुड़ीं विभिन्न समस्याएं
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एनपीएसईए जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल की अगुवाई ने कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का फूलमालाओं से स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों का ज्ञापन भी सीएम को सौंपा।
राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की शीघ्र बहाली की मांग उठाई गई। जिला परिषद कर्मचारियों का विभागीय मर्जर कर उन्हें भी सरकार की पहली गारंटी के तहत ओपीएस का लाभ देने की मांग की। संगठन ने 15 मई 2003 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को ओपीएस का विकल्प देने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया। इसका दायरा बढ़ाकर उन कर्मचारियों को भी शामिल करने की मांग की जो 15 मई 2003 से पहले दैनिक वेतनभोगी या अनुबंध आधार पर कार्यरत थे और बाद में नियमित हुए। अनुबंध सेवाकाल को पेंशन के लिए मान्य करने का भी आग्रह किया। करुणामूलक आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 22 जून 2026 के कार्यालय ज्ञापन के अनुरूप ओपीएस का लाभ देने, शिक्षा विभाग में लंबित बीआरसीसी भर्ती प्रक्रिया का परिणाम घोषित कर नियुक्तियां करने, सरकारी विभागों के 15 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके चालकों को सुपरवाइजर पदनाम देने की मांग उठाई। अंतर-जिला तबादला नीति के तहत पांच प्रतिशत कोटे में स्थानांतरण पर प्रतिबंध हटाने, 3 जनवरी 2022 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को उच्च ग्रेड-पे का लाभ देने, नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभ देने की मांग भी रखी गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। एनपीएसईए जिला अध्यक्ष सुनील जरियाल की अगुवाई ने कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री का फूलमालाओं से स्वागत किया। प्रतिनिधिमंडल ने कर्मचारियों की विभिन्न मांगों का ज्ञापन भी सीएम को सौंपा।
राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की शीघ्र बहाली की मांग उठाई गई। जिला परिषद कर्मचारियों का विभागीय मर्जर कर उन्हें भी सरकार की पहली गारंटी के तहत ओपीएस का लाभ देने की मांग की। संगठन ने 15 मई 2003 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त कर्मचारियों को ओपीएस का विकल्प देने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया। इसका दायरा बढ़ाकर उन कर्मचारियों को भी शामिल करने की मांग की जो 15 मई 2003 से पहले दैनिक वेतनभोगी या अनुबंध आधार पर कार्यरत थे और बाद में नियमित हुए। अनुबंध सेवाकाल को पेंशन के लिए मान्य करने का भी आग्रह किया। करुणामूलक आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को केंद्र सरकार के 22 जून 2026 के कार्यालय ज्ञापन के अनुरूप ओपीएस का लाभ देने, शिक्षा विभाग में लंबित बीआरसीसी भर्ती प्रक्रिया का परिणाम घोषित कर नियुक्तियां करने, सरकारी विभागों के 15 वर्ष का सेवाकाल पूरा कर चुके चालकों को सुपरवाइजर पदनाम देने की मांग उठाई। अंतर-जिला तबादला नीति के तहत पांच प्रतिशत कोटे में स्थानांतरण पर प्रतिबंध हटाने, 3 जनवरी 2022 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को उच्च ग्रेड-पे का लाभ देने, नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता और अन्य सेवा लाभ देने की मांग भी रखी गई।
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