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Chamba News: खेतों में बिछ गई मेहनत की फसल
Wed, 22 Jul 2026 11:04 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 22 Jul 2026 11:04 PM IST
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बारिश से मक्की के खेतो में बिछी मक्की की फ़सल : जागरूक पाठक
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भारी बारिश और अंधड़ ने बढ़ाई किसानों की चिंता, बोले- मौसम ने तोड़ दीं उम्मीदें
पकने के चरण में थी फसल, विभाग बोला- निरीक्षण कर बनाई जाएगी नुकसान की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भारी बारिश और अंधड़ ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में लहलहा रही मक्की की फसल अब कई क्षेत्रों में जमीन पर बिछ गई है। चंबा, सलूणी, मैहला और चुराह इलाकों में मक्की की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। जिस फसल को किसान आने वाले समय में काटकर घर लाने की तैयारी कर रहे थे, वही अब मौसम की मार से प्रभावित हो गई है।
किसानों की मानें तो उन्होंने महीनों तक कड़ी मेहनत कर मक्की की फसल तैयार की थी। बीज, खाद, मेहनत और समय लगाने के बाद इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। कई खेतों में खड़ी फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण पूरी तरह जमीन से लग गई है। इससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
किसानों में दीपक कुमार, राज कुमार, खेम राज, मनोहर लाल, विक्रम कुमार, दलीप कुमार ने कहा कि उनके लिए मक्की एक महत्वपूर्ण फसल है। कई परिवारों की आय और घरेलू जरूरतें इसी फसल पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में कटाई से ठीक पहले फसल के गिरने से किसानों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है। मक्की की फसल अभी पकने के चरण में थी और करीब दो माह बाद इसकी कटाई शुरू होनी थी। किसान बेहतर उत्पादन को लेकर आश्वस्त थे लेकिन बारिश और अंधड़ ने अचानक हालात बदल दिए। बारिश से मक्की की फसल को हुए नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जाकर खेतों का निरीक्षण किया जाएगा और फसल को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन तैयार किया जाएगा। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जहां-जहां नुकसान हुआ है, वहां की जानकारी जुटाकर रिपोर्ट बनाई जाएगी।
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पकने के चरण में थी फसल, विभाग बोला- निरीक्षण कर बनाई जाएगी नुकसान की रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। भारी बारिश और अंधड़ ने जिले के किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में लहलहा रही मक्की की फसल अब कई क्षेत्रों में जमीन पर बिछ गई है। चंबा, सलूणी, मैहला और चुराह इलाकों में मक्की की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों की मेहनत पर संकट खड़ा हो गया है। जिस फसल को किसान आने वाले समय में काटकर घर लाने की तैयारी कर रहे थे, वही अब मौसम की मार से प्रभावित हो गई है।
किसानों की मानें तो उन्होंने महीनों तक कड़ी मेहनत कर मक्की की फसल तैयार की थी। बीज, खाद, मेहनत और समय लगाने के बाद इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी लेकिन अचानक बदले मौसम ने उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। कई खेतों में खड़ी फसल तेज हवाओं और बारिश के कारण पूरी तरह जमीन से लग गई है। इससे उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
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किसानों में दीपक कुमार, राज कुमार, खेम राज, मनोहर लाल, विक्रम कुमार, दलीप कुमार ने कहा कि उनके लिए मक्की एक महत्वपूर्ण फसल है। कई परिवारों की आय और घरेलू जरूरतें इसी फसल पर निर्भर रहती हैं। ऐसे में कटाई से ठीक पहले फसल के गिरने से किसानों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो सकती है। मक्की की फसल अभी पकने के चरण में थी और करीब दो माह बाद इसकी कटाई शुरू होनी थी। किसान बेहतर उत्पादन को लेकर आश्वस्त थे लेकिन बारिश और अंधड़ ने अचानक हालात बदल दिए। बारिश से मक्की की फसल को हुए नुकसान को देखते हुए कृषि विभाग ने स्थिति पर नजर रखनी शुरू कर दी है। विभाग की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में जाकर खेतों का निरीक्षण किया जाएगा और फसल को हुए नुकसान का वास्तविक आकलन तैयार किया जाएगा। उधर, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. भूपेंद्र सिंह ने कहा कि जहां-जहां नुकसान हुआ है, वहां की जानकारी जुटाकर रिपोर्ट बनाई जाएगी।
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