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Chamba News: कंटीली झाड़ियों ने ढक दिए हरियाली के सपने
Sun, 12 Jul 2026 11:29 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sun, 12 Jul 2026 11:29 PM IST
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पूर्व वन मंत्री ने करियां में किया था पौधरोपण, आज मिट चुका है पौधों का नामोनिशान
हर साल वन महोत्सव पर खर्चे जाते हैं करोड़ों रुपये, धरातल पर नहीं दिख रहे नतीजे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वन विभाग वन महोत्सव वाले दिन पौधरोपण तो बैंड-बाजे के साथ करता है लेकिन वहां दोबारा मुड़कर नहीं देखता। ऐसा ही नजारा करियां पंचायत के टीआरटी क्षेत्र में वर्ष 2014-15 में किए गए पौधरोपण में देखने को मिला। तत्कालीन वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने वन महोत्सव का शुभारंभ किया था और पौधरोपण किया था। उस दौरान वन विभाग से लेकर अन्य सरकारी विभागों के आला अधिकारियों ने पौधरोपण किया था। आज वहां पेड़ों के बजाय पंजफुली की झाड़ियाें और अनावश्यक घास ने कब्जा कर रखा है। इसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि यहां कभी वन महोत्सव भी मनाया गया था।
न मंत्री ने पौधरोपण के बाद वहां की वस्तुस्थिति जानने की जहमत उठाई और न ही कभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने दस्तक दी। यही वजह है कि आज वहां पाैधों का नामोनिशान मिट चुका है। सरकार हर वर्ष वन महोत्सव के दौरान पौधरोपण करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है। ऐसे में यदि लगाए जाने वाले पौधों की नियमित देखभाल नहीं की जाएगी तो सरकारी पैसे की बर्बादी होगी। प्रदेश सरकार 2027 तक प्रदेश में वन क्षेत्रफल बढ़ाने का दावा कर रही है लेकिन विभाग की ऐसी लापरवाही सरकार के मंसूबे पर पानी फेर सकती है। यदि एक मंत्री के पौधरोपण को विभागीय कर्मचारी नियमित रूप से नहीं संभल सकते तो आम लोगों ने जिन पौधों का लगाया है, उनकी देखभाल राम भरोसे रहेगी। टेक चंद, महिंद्र सिंह, संजय शर्मा, अजय कुमार, शराफत अली, रवि कुमार और सुनील कुमार ने बताया कि जहां पौधरोपण किया जाता है, वहां वन विभाग का दायित्व बनता है कि उन पौधों की नियमित देखभाल करे। जहां बड़े-बड़े पेड़ नजर आने चाहिए थे, वहां सिर्फ कंटीली झाड़ी ही दिखाई दे रही है।
मुख्य वन अरण्यपाल राकेश कुमार ने बताया कि करियां में पौधरोपण की उन्हें जानकारी नहीं है। इसका पता लगाने के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे। जहां पौधरोपण किया जाता है, वन रक्षक उनकी पूरी देखभाल करते हैं।
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हर साल वन महोत्सव पर खर्चे जाते हैं करोड़ों रुपये, धरातल पर नहीं दिख रहे नतीजे
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। वन विभाग वन महोत्सव वाले दिन पौधरोपण तो बैंड-बाजे के साथ करता है लेकिन वहां दोबारा मुड़कर नहीं देखता। ऐसा ही नजारा करियां पंचायत के टीआरटी क्षेत्र में वर्ष 2014-15 में किए गए पौधरोपण में देखने को मिला। तत्कालीन वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने वन महोत्सव का शुभारंभ किया था और पौधरोपण किया था। उस दौरान वन विभाग से लेकर अन्य सरकारी विभागों के आला अधिकारियों ने पौधरोपण किया था। आज वहां पेड़ों के बजाय पंजफुली की झाड़ियाें और अनावश्यक घास ने कब्जा कर रखा है। इसे देखकर कोई नहीं कह सकता कि यहां कभी वन महोत्सव भी मनाया गया था।
न मंत्री ने पौधरोपण के बाद वहां की वस्तुस्थिति जानने की जहमत उठाई और न ही कभी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने दस्तक दी। यही वजह है कि आज वहां पाैधों का नामोनिशान मिट चुका है। सरकार हर वर्ष वन महोत्सव के दौरान पौधरोपण करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करती है। ऐसे में यदि लगाए जाने वाले पौधों की नियमित देखभाल नहीं की जाएगी तो सरकारी पैसे की बर्बादी होगी। प्रदेश सरकार 2027 तक प्रदेश में वन क्षेत्रफल बढ़ाने का दावा कर रही है लेकिन विभाग की ऐसी लापरवाही सरकार के मंसूबे पर पानी फेर सकती है। यदि एक मंत्री के पौधरोपण को विभागीय कर्मचारी नियमित रूप से नहीं संभल सकते तो आम लोगों ने जिन पौधों का लगाया है, उनकी देखभाल राम भरोसे रहेगी। टेक चंद, महिंद्र सिंह, संजय शर्मा, अजय कुमार, शराफत अली, रवि कुमार और सुनील कुमार ने बताया कि जहां पौधरोपण किया जाता है, वहां वन विभाग का दायित्व बनता है कि उन पौधों की नियमित देखभाल करे। जहां बड़े-बड़े पेड़ नजर आने चाहिए थे, वहां सिर्फ कंटीली झाड़ी ही दिखाई दे रही है।
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मुख्य वन अरण्यपाल राकेश कुमार ने बताया कि करियां में पौधरोपण की उन्हें जानकारी नहीं है। इसका पता लगाने के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे। जहां पौधरोपण किया जाता है, वन रक्षक उनकी पूरी देखभाल करते हैं।
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