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Himachal News: पुनर्मूल्यांकन, पुनर्निरीक्षण में 15 से 20 अंक बढ़े तो नपेंगे शिक्षक, शिक्षा बोर्ड सख्त; जानें

अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Mon, 06 Apr 2026 11:27 AM IST
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सार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि पुनर्मूल्यांकन या पुनर्निरीक्षण के दौरान किसी छात्र के अंकों में 15 से 20 अंकों की बढ़ोतरी पाई जाती है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...

Himachal Teachers to Face Action if Marks Increase by 15–20 Points During Revaluation or Re-examination
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार

हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त रुख अपनाने जा रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि पुनर्मूल्यांकन या पुनर्निरीक्षण के दौरान किसी छात्र के अंकों में 15 से 20 अंकों की बढ़ोतरी पाई जाती है, तो संबंधित शिक्षक के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

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बोर्ड का यह फैसला पिछले कुछ वर्षों में पुनर्मूल्यांकन के लिए आने वाले आवेदनों की बाढ़ को देखते हुए लिया गया है। बड़ी संख्या में आवेदन न केवल मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि इससे बोर्ड की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठती हैं। अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में अंकों का अंतर आना शिक्षकों की घोर लापरवाही को दर्शाता है।

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देखा गया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों के अंक 50 से सीधे 85 तक पहुंच जाते हैं। इससे न केवल मूल परिणाम की विश्वसनीयता कम होती है, बल्कि राज्य की मेरिट सूची भी प्रभावित होती है। बोर्ड ने सभी मूल्यांकनकर्ताओं को निर्देश दिए हैं कि वे उत्तरपुस्तिकाओं की जांच पूरी ईमानदारी और सतर्कता के साथ करें ताकि छात्रों को उनके परिश्रम का सही फल मिल सके और बेवजह के विवादों से बचा जा सके। बोर्ड अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में इस बार पारदर्शिता लाई जा रही है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ अंकों का निर्धारण करें। अगर पुनर्मूल्यांकन के दौरान 15 से 20 अंक बढ़ते हैं, तो मूल्यांकन करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। 

शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा मूल्यांकन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा एवं मूल्यांकन प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी व्यवस्थाएं सुदृढ़ एवं व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही हैं। डॉ. शर्मा ने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शिक्षकों को अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा एवं गोपनीयता के साथ करने के लिए कहा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल्यांकन प्रक्रिया अत्याधुनिक सर्विलांस प्रणाली के अंतर्गत संचालित हो रही है, जिससे प्रत्येक गतिविधि पर सतत निगरानी रखी जा रही है और किसी भी प्रकार की अनियमितता की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने कहा कि मूल्यांकन कार्य 41 केंद्रों पर चल रहा है, जहां पर 10वीं और 12वीं कक्षा की 11 विभिन्न विषयों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पांच हजार से अधिक शिक्षक कर रहे हैं। 

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