HPBOSE Exam 2027: हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बदला परीक्षा पैटर्न, जानें 10वीं-12वीं में कैसे आएंगे प्रश्न
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2027 से 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में नया प्रश्नपत्र पैटर्न लागू करेगा। प्रश्नपत्र में 20% कठिन, 30% आसान और 50% औसत प्रश्न होंगे, जबकि 20% सवाल MCQ होंगे। केस स्टडी और कम्पीटेंसी आधारित प्रश्न भी शामिल किए जाएंगे। बोर्ड ने नए पैटर्न के मॉडल प्रश्नपत्र वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
स्कूल शिक्षा बोर्ड मार्च 2027 में होने वाली 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्रों के पैटर्न में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। नई व्यवस्था में प्रश्नपत्रों में 20 प्रतिशत कठिन, 30 प्रतिशत आसान और 50 प्रतिशत औसत स्तर के प्रश्न शामिल किए जाएंगे। इसके साथ ही लगभग 20 प्रतिशत बहुविकल्पीय प्रश्न (एमसीक्यू) आधारित होंगे। वहीं इस बार शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों के लिए केस स्टडी आधारित और कम्पीटेंसी आधारित प्रश्नों को पूछा जाएगा। शिक्षा बोर्ड ने नए परीक्षा पैटर्न के अनुरूप विषयवार मॉडल प्रश्नपत्र भी तैयार किया है, जिसे अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया गया है।
शिक्षा बोर्ड के अनुसार विद्यार्थियों की केवल रटने की क्षमता नहीं, बल्कि विषय की समझ, विश्लेषणात्मक सोच और वास्तविक परिस्थितियों में ज्ञान के प्रयोग का मूल्यांकन करना है। नए प्रश्नपत्रों में आसान, औसत और कठिन प्रश्नों का संतुलित मिश्रण रहेगा, जिससे सभी स्तर के विद्यार्थियों को अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन का अवसर मिल सके। नई व्यवस्था के अनुसार करीब 20 प्रतिशत प्रश्न बहुविकल्पीय रहेंगे। इसके अलावा केस स्टडी आधारित प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की तार्किक सोच, समस्या समाधान क्षमता और अवधारणात्मक समझ का आकलन किया जाएगा। दक्षता आधारित प्रश्न राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) और परख के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किए जाएंगे। स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुविधा के लिए संशोधित परीक्षा पैटर्न के अनुरूप मॉडल प्रश्नपत्र अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करवा दिए हैं।
शिक्षा बोर्ड ने मॉडल पेपर के अभ्यास से परीक्षार्थियों को प्रश्नों की प्रकृति, कठिनाई स्तर और उत्तर लिखने की शैली बारे विस्तार से बताया है। वार्षिक परीक्षाओं के दौरान 20 प्रतिशत कठिन, 30 प्रतिशत आसान और 50 फीसदी पूछे जाएंगे औसत प्रश्न पूछे जाएंगे। - डॉ. राजेश शर्मा, अध्यक्ष, स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला