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Hamirpur (Himachal) News: जिले में 71% सामान्य प्रसव, जागरूकता का दिखा असर
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 15 Jun 2026 12:40 AM IST
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हमीरपुर। जिले में महिलाओं के खानपान और स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता का सकारात्मक असर प्रसव के आंकड़ों में देखने को मिला है। गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर चिकित्सकीय सलाह के चलते सामान्य प्रसव की संभावनाएं बढ़ी हैं।
अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक जिले में कुल 4,653 प्रसव दर्ज किए गए। इनमें 3,302 सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) और 1,351 सिजेरियन प्रसव (सी-सेक्शन) शामिल हैं। इस तरह कुल प्रसवों में सामान्य प्रसव की हिस्सेदारी लगभग 71 प्रतिशत रही, जबकि सिजेरियन प्रसव का प्रतिशत करीब 29 प्रतिशत रहा।
गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां, नियमित टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से चलाए जा रहे कार्यक्रमों से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, जिसका सीधा असर प्रसव संबंधी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
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बॉक्स
चिकित्सीय कारणों से हुए सिजेरियन प्रसव
चिकित्सकों के अनुसार सिजेरियन प्रसव मरीज की हालत पर निर्भर करता है। गर्भस्थ शिशु की स्थिति, प्रसव में जटिलता, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व में सीजेरियन प्रसव का इतिहास और अन्य चिकित्सीय कारणों के चलते ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। जिले में हुए 1,351 सिजेरियन प्रसव ऐसे ही चिकित्सीय कारणों के आधार पर हुए हैं।
कोट
गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण, नियमित जांच और सुरक्षित प्रसव सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। समय-समय पर उन्हें परामर्श दिया जाता है। -डॉ.अजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर
अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक जिले में कुल 4,653 प्रसव दर्ज किए गए। इनमें 3,302 सामान्य प्रसव (नॉर्मल डिलीवरी) और 1,351 सिजेरियन प्रसव (सी-सेक्शन) शामिल हैं। इस तरह कुल प्रसवों में सामान्य प्रसव की हिस्सेदारी लगभग 71 प्रतिशत रही, जबकि सिजेरियन प्रसव का प्रतिशत करीब 29 प्रतिशत रहा।
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गर्भवती महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां, नियमित टीकाकरण और प्रसव पूर्व जांच के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य संस्थानों के माध्यम से चलाए जा रहे कार्यक्रमों से महिलाओं के स्वास्थ्य में सुधार हुआ है, जिसका सीधा असर प्रसव संबंधी आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
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चिकित्सीय कारणों से हुए सिजेरियन प्रसव
चिकित्सकों के अनुसार सिजेरियन प्रसव मरीज की हालत पर निर्भर करता है। गर्भस्थ शिशु की स्थिति, प्रसव में जटिलता, उच्च रक्तचाप, मधुमेह, पूर्व में सीजेरियन प्रसव का इतिहास और अन्य चिकित्सीय कारणों के चलते ऑपरेशन की आवश्यकता पड़ सकती है। जिले में हुए 1,351 सिजेरियन प्रसव ऐसे ही चिकित्सीय कारणों के आधार पर हुए हैं।
कोट
गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण, नियमित जांच और सुरक्षित प्रसव सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं। समय-समय पर उन्हें परामर्श दिया जाता है। -डॉ.अजय कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी हमीरपुर