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Hamirpur (Himachal) News: सेना से रिटायर कैप्टन ने बंजर जमीन पर उगाया मौसंबी का बगीचा
Mon, 26 Oct 2026 01:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 26 Oct 2026 01:35 AM IST
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सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन किशन दयाल मौसंबी के फल तोड़ते हुए। स्रोत जागरूक पाठक
भोटा (हमीरपुर)। सेना से सेवानिवृत्त कैप्टन किशन दयाल ने बंजर पड़ी चार कनाल भूमि में मौसंबी के करीब 200 पौधे लगाकर उसे उपजाऊ बना दिया है। अब उनके बगीचे में मौसंबी की बंपर पैदावार हो रही है।
दड़योटा पंचायत के निवासी किशन दयाल ने सेना से सेवानिवृत्ति के बाद बागवानी अपनाकर क्षेत्र के अन्य किसानों के सामने मिसाल पेश की है। सेना में वर्षों तक सेवाएं देने के बाद किशन दयाल ने खाली पड़ी भूमि का सदुपयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने चार कनाल जमीन पर मौसंबी के पौधे लगाकर बगीचा तैयार किया।
पौधों की नियमित देखभाल और मेहनत के चलते अब बगीचे में अच्छी फसल तैयार हो रही है। उनकी इस पहल से लंबे समय से खाली पड़ी जमीन का उपयोग भी शुरू हो गया है।
किशन दयाल ने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ बागवानी अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। इसके लिए उपलब्ध भूमि का सही उपयोग करना जरूरी है। वह क्षेत्र के अन्य किसानों को भी खाली और बंजर पड़ी जमीन पर फलदार पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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दड़योटा पंचायत के निवासी किशन दयाल ने सेना से सेवानिवृत्ति के बाद बागवानी अपनाकर क्षेत्र के अन्य किसानों के सामने मिसाल पेश की है। सेना में वर्षों तक सेवाएं देने के बाद किशन दयाल ने खाली पड़ी भूमि का सदुपयोग करने का निर्णय लिया। उन्होंने चार कनाल जमीन पर मौसंबी के पौधे लगाकर बगीचा तैयार किया।
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पौधों की नियमित देखभाल और मेहनत के चलते अब बगीचे में अच्छी फसल तैयार हो रही है। उनकी इस पहल से लंबे समय से खाली पड़ी जमीन का उपयोग भी शुरू हो गया है।
किशन दयाल ने कहा कि किसान पारंपरिक खेती के साथ बागवानी अपनाकर अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। इसके लिए उपलब्ध भूमि का सही उपयोग करना जरूरी है। वह क्षेत्र के अन्य किसानों को भी खाली और बंजर पड़ी जमीन पर फलदार पौधे लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
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