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Hamirpur (Himachal) News: बागवानी विकास के लिए 2180.87 लाख की वार्षिक कार्ययोजना तैयार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 29 Jan 2026 08:25 AM IST
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धर्मशाला। जिला कांगड़ा में बागवानी को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए उपायुक्त हेमराज बैरवा की अध्यक्षता में आयोजित एकीकृत बागवानी विकास मिशन की बैठक हुई। इसमें 2180.87 लाख रुपये की वार्षिक कार्ययोजना (2026-27) को हरी झंडी देकर मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेज गया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य जिले में आधुनिक खेती, यंत्रीकरण और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
योजना के तहत 206 लाख रुपये की लागत से जिले के विभिन्न विकास खंडों में 11 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन उद्यान स्थापित किए जाएंगे। 25-25 कनाल के इन आधुनिक उद्यानों में फलों की नई और वैज्ञानिक किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि स्थानीय किसान उन्नत तकनीकों को करीब से देख और सीख सकें।
जिला उद्यान उप निदेशक डॉ. कमल शील नेगी ने कार्ययोजना के प्रमुख बिंदुओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती के तहत 690 लाख रुपये से फूलों और सब्जियों की आधुनिक खेती के लिए 1.18 लाख वर्गमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। 505 लाख रुपये से श्रमिकों की कमी को दूर करने और खेती में दक्षता बढ़ाने के लिए बागवानी मशीनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होनें कहा कि खुंब एवं फसलोत्तर प्रबंधन पर 451 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। खुंब की खेती के लिए 249 लाख और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन के लिए 202 लाख रुपये का प्रावधान है। 40 लाख रुपये जिले के 500 किसानों को विशेष प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से आधुनिक बागवानी के गुर सिखाने पर खर्च किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि जिला कांगड़ा में पिछले तीन वर्षों में बागवानी विकास पर लगभग 405 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इससे 1461 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं।
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योजना के तहत 206 लाख रुपये की लागत से जिले के विभिन्न विकास खंडों में 11 अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन उद्यान स्थापित किए जाएंगे। 25-25 कनाल के इन आधुनिक उद्यानों में फलों की नई और वैज्ञानिक किस्मों का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि स्थानीय किसान उन्नत तकनीकों को करीब से देख और सीख सकें।
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जिला उद्यान उप निदेशक डॉ. कमल शील नेगी ने कार्ययोजना के प्रमुख बिंदुओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि संरक्षित खेती के तहत 690 लाख रुपये से फूलों और सब्जियों की आधुनिक खेती के लिए 1.18 लाख वर्गमीटर क्षेत्र को कवर किया जाएगा। 505 लाख रुपये से श्रमिकों की कमी को दूर करने और खेती में दक्षता बढ़ाने के लिए बागवानी मशीनों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होनें कहा कि खुंब एवं फसलोत्तर प्रबंधन पर 451 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान किया है। खुंब की खेती के लिए 249 लाख और फसल कटाई के बाद के प्रबंधन के लिए 202 लाख रुपये का प्रावधान है। 40 लाख रुपये जिले के 500 किसानों को विशेष प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से आधुनिक बागवानी के गुर सिखाने पर खर्च किए जाएंगे।
बैठक में बताया गया कि जिला कांगड़ा में पिछले तीन वर्षों में बागवानी विकास पर लगभग 405 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इससे 1461 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित हुए हैं।
