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जनगणना ड्यूटी : शिक्षक और प्रशासन आमने-सामने
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ऊना। जिले में जनगणना के कार्य को लेकर अध्यापकों और प्रशासन के बीच स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं हो पाई है। स्कूलों में नियमित शिक्षण कार्य के बाद अध्यापकों को जनगणना ड्यूटी देने के निर्देशों को लेकर संशय बरकरार है। अध्यापक संगठनों ने स्कूल समय समाप्त होने के बाद जनगणना कार्य करने पर आपत्ति जताते हुए इससे इन्कार किया है, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल जारी व्यवस्था के तहत ही अध्यापकों को निर्धारित दायित्वों का निर्वहन करना होगा।
मंगलवार को टीजीटी संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ और स्कूल प्रवक्ता (लेक्चरर) संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उपायुक्त से मुलाकात कर अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत करवाया। अध्यापक प्रतिनिधियों ने कहा कि स्कूलों में पहले ही शिक्षण कार्य, परीक्षा संबंधी गतिविधियों, रिकॉर्ड संधारण सहित अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बोझ है। ऐसे में स्कूल समय समाप्त होने के बाद जनगणना का अतिरिक्त कार्य करना उनके लिए कठिन साबित हो रहा है। शिक्षक संगठनों ने मांग उठाई कि जनगणना का कार्य स्कूल समय के दौरान ही करवाया जाए या फिर इसके लिए अलग से समय निर्धारित किया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षकों के दायित्वों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसा महत्वपूर्ण कार्य पूरी गंभीरता और सटीकता के साथ किया जाना चाहिए, जिसके लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होती है।
क्या कहता है प्रशासन
प्रशासन का कहना है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसके लिए लगाए गए कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार फिलहाल जनगणना ड्यूटी को लेकर पूर्व में लागू व्यवस्था ही प्रभावी रहेगी। ऐसे में अध्यापकों को आवश्यकता अनुसार स्कूल समय के बाद भी जनगणना कार्य करना पड़ सकता है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को स्कूल खुलने के बाद स्थिति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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Iउपायुक्त जतिन लाल ने अध्यापक प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी लेकिन अध्यापकों की समस्याओं के समाधान और जनगणना के कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार-विमर्श जारी है।I
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मंगलवार को टीजीटी संघ, प्राथमिक शिक्षक संघ और स्कूल प्रवक्ता (लेक्चरर) संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने उपायुक्त से मुलाकात कर अपनी मांगों और समस्याओं से अवगत करवाया। अध्यापक प्रतिनिधियों ने कहा कि स्कूलों में पहले ही शिक्षण कार्य, परीक्षा संबंधी गतिविधियों, रिकॉर्ड संधारण सहित अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बोझ है। ऐसे में स्कूल समय समाप्त होने के बाद जनगणना का अतिरिक्त कार्य करना उनके लिए कठिन साबित हो रहा है। शिक्षक संगठनों ने मांग उठाई कि जनगणना का कार्य स्कूल समय के दौरान ही करवाया जाए या फिर इसके लिए अलग से समय निर्धारित किया जाए ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और शिक्षकों के दायित्वों पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि जनगणना जैसा महत्वपूर्ण कार्य पूरी गंभीरता और सटीकता के साथ किया जाना चाहिए, जिसके लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता होती है।
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क्या कहता है प्रशासन
प्रशासन का कहना है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसके लिए लगाए गए कर्मचारियों को अपनी जिम्मेदारियां निभानी होंगी। प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार फिलहाल जनगणना ड्यूटी को लेकर पूर्व में लागू व्यवस्था ही प्रभावी रहेगी। ऐसे में अध्यापकों को आवश्यकता अनुसार स्कूल समय के बाद भी जनगणना कार्य करना पड़ सकता है। इस मुद्दे को लेकर बुधवार को स्कूल खुलने के बाद स्थिति पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।
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Iउपायुक्त जतिन लाल ने अध्यापक प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों और सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी लेकिन अध्यापकों की समस्याओं के समाधान और जनगणना के कार्य को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार-विमर्श जारी है।I