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Hamirpur (Himachal) News: नादौन के भलूं गांव में रेबीज से मौत की पुष्टि, स्वास्थ्य विभाग सतर्क
Wed, 24 Jun 2026 01:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 24 Jun 2026 01:35 AM IST
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नादौन(हमीरपुर)। उपमंडल नादौन के गांव भलूं में रह रहे जम्मू के एक व्यक्ति की डॉ. राजेंद्र प्रसाद राजकीय मेडिकल कॉलेज टांडा में रेबीज से मौत की पुष्टि हुई है। इसकी सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत एहतियाती कदम उठाए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि रेबीज से मौत की पुष्टि के बाद विभागीय टीम ने परिजनों से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें चिकित्सीय परामर्श दिया। साथ ही रेबीज के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने गांव का दौरा किया है तथा पब्लिक हेल्थ प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक कदम उठाए गए हैं। गांव में सक्रिय निगरानी (एक्टिव सर्विलांस) सुनिश्चित की गई है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि कुत्तों या अन्य जानवरों के काटने के मामलों की तुरंत सूचना दें और पीड़ितों को तत्काल रेबीज रोधी टीकाकरण के लिए भेजें। पशुपालन विभाग से संदिग्ध जानवरों की जांच कराने का भी आग्रह किया गया है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार करवाएं और रेबीजरोधी टीके अवश्य लगवाएं।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय अत्री ने बताया कि रेबीज से मौत की पुष्टि के बाद विभागीय टीम ने परिजनों से संपर्क कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की और उन्हें चिकित्सीय परामर्श दिया। साथ ही रेबीज के कारणों, लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया।
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उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेरा के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी ने गांव का दौरा किया है तथा पब्लिक हेल्थ प्रोटोकॉल के तहत आवश्यक कदम उठाए गए हैं। गांव में सक्रिय निगरानी (एक्टिव सर्विलांस) सुनिश्चित की गई है।
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मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं और फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि कुत्तों या अन्य जानवरों के काटने के मामलों की तुरंत सूचना दें और पीड़ितों को तत्काल रेबीज रोधी टीकाकरण के लिए भेजें। पशुपालन विभाग से संदिग्ध जानवरों की जांच कराने का भी आग्रह किया गया है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उपचार करवाएं और रेबीजरोधी टीके अवश्य लगवाएं।