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Hamirpur (Himachal) News: कागजों में विकास, आपदा प्रभावित हिमाचल खाली हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:23 PM IST
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सुनील कुमार दुकानदार
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केंद्र सरकार के बजट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया, किसी ने सराहना की तो किसी ने नाराजगी जताई
शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और उद्योग से जुड़ी नई घोषणाओं का स्वागत किया
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026-27 को लेकर जिले में मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। जहां राष्ट्रीय स्तर पर बजट से कुछ वर्गों को उम्मीदें जगी हैं, वहीं आपदाओं से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लिए यह बजट कई मायनों में निराशाजनक साबित हुआ है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और उद्योग से जुड़ी नई घोषणाओं का लोगों ने स्वागत किया है, लेकिन आयकर टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव न होना आम वर्ग को खटक रहा है। बीते कुछ वर्षों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे पर्वतीय राज्य हिमाचल के लिए बजट में किसी विशेष राहत पैकेज की घोषणा न होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बजट के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आपदा प्रभावित प्रदेश को उबारने के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जबकि भाजपा नेताओं ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए दवाओं के सस्ता होने और रक्षा बजट में बढ़ोतरी को बड़ी उपलब्धि करार दिया है।
लोगों की प्रतिक्रिया
पहाड़ी राज्यों की खेती को लेकर बजट में कुछ खास नहीं है। मछली पालन को बढ़ावा देने की बात जरूर की गई है, जिससे कुछ जिलों को लाभ मिलेगा, लेकिन किसानों को नकदी फसलों से जोड़ने के लिए ठोस नीति की जरूरत है। -कृष्ण देव शर्मा, किसान, स्वाहल
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शी-मार्ट योजना अच्छी पहल है, लेकिन इसके लिए राज्यों को आर्थिक संबल भी मिलना चाहिए। अगर योजना जमीनी स्तर पर लागू होती है तो महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। -सपना देवी, महिला, स्वाहल
मेडिकल एजुकेशन और तकनीक से युवाओं को जोड़ने का प्रयास सराहनीय है। कंटेंट क्रिएटर लैब्स जैसी योजनाएं अच्छी हैं, लेकिन जरूरी है कि इनका लाभ वास्तव में जमीनी स्तर तक पहुंचे। -यशवंत सिंह, शिक्षक, ठाणा
आयुर्वेदिक एम्स, मेडिकल टूरिज्म हब और कंटेंट क्रिएटर लैब्स युवाओं के लिए नए अवसर लाएंगी। स्वास्थ्य बजट बढ़ाना अच्छा कदम है, लेकिन सेना में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।-उमेश चंद, युवा, बगवाड़ा
पर्यटन गाइडों को प्रशिक्षित करने की योजना से हिमाचल को लाभ मिलेगा। नेशनल फाइबर स्कीम और हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को फायदा होगा, लेकिन ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना अभी तक कागजों तक सीमित है।-सुनील कुमार, कारोबारी, अवाहदेवी
बजट में बागवानी को लेकर कोई विशेष प्रोत्साहन नजर नहीं आता। बाजार व्यवस्था मजबूत न होने से बागवानों को परेशानी हो रही है, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं दिखती। -प्रीतम चंद, बागवान, संगरोह
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शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और उद्योग से जुड़ी नई घोषणाओं का स्वागत किया
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट 2026-27 को लेकर जिले में मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। जहां राष्ट्रीय स्तर पर बजट से कुछ वर्गों को उम्मीदें जगी हैं, वहीं आपदाओं से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लिए यह बजट कई मायनों में निराशाजनक साबित हुआ है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, तकनीक और उद्योग से जुड़ी नई घोषणाओं का लोगों ने स्वागत किया है, लेकिन आयकर टैक्स स्लैब में किसी तरह का बदलाव न होना आम वर्ग को खटक रहा है। बीते कुछ वर्षों से लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे पर्वतीय राज्य हिमाचल के लिए बजट में किसी विशेष राहत पैकेज की घोषणा न होने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।
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बजट के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि आपदा प्रभावित प्रदेश को उबारने के लिए बजट में कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया, जबकि भाजपा नेताओं ने बजट को ऐतिहासिक बताते हुए दवाओं के सस्ता होने और रक्षा बजट में बढ़ोतरी को बड़ी उपलब्धि करार दिया है।
लोगों की प्रतिक्रिया
पहाड़ी राज्यों की खेती को लेकर बजट में कुछ खास नहीं है। मछली पालन को बढ़ावा देने की बात जरूर की गई है, जिससे कुछ जिलों को लाभ मिलेगा, लेकिन किसानों को नकदी फसलों से जोड़ने के लिए ठोस नीति की जरूरत है। -कृष्ण देव शर्मा, किसान, स्वाहल
महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शी-मार्ट योजना अच्छी पहल है, लेकिन इसके लिए राज्यों को आर्थिक संबल भी मिलना चाहिए। अगर योजना जमीनी स्तर पर लागू होती है तो महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। -सपना देवी, महिला, स्वाहल
मेडिकल एजुकेशन और तकनीक से युवाओं को जोड़ने का प्रयास सराहनीय है। कंटेंट क्रिएटर लैब्स जैसी योजनाएं अच्छी हैं, लेकिन जरूरी है कि इनका लाभ वास्तव में जमीनी स्तर तक पहुंचे। -यशवंत सिंह, शिक्षक, ठाणा
आयुर्वेदिक एम्स, मेडिकल टूरिज्म हब और कंटेंट क्रिएटर लैब्स युवाओं के लिए नए अवसर लाएंगी। स्वास्थ्य बजट बढ़ाना अच्छा कदम है, लेकिन सेना में युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने पर भी ध्यान देना चाहिए।-उमेश चंद, युवा, बगवाड़ा
पर्यटन गाइडों को प्रशिक्षित करने की योजना से हिमाचल को लाभ मिलेगा। नेशनल फाइबर स्कीम और हैंडलूम पॉलिसी से कारीगरों को फायदा होगा, लेकिन ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना अभी तक कागजों तक सीमित है।-सुनील कुमार, कारोबारी, अवाहदेवी
बजट में बागवानी को लेकर कोई विशेष प्रोत्साहन नजर नहीं आता। बाजार व्यवस्था मजबूत न होने से बागवानों को परेशानी हो रही है, लेकिन बजट में इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं दिखती। -प्रीतम चंद, बागवान, संगरोह

सुनील कुमार दुकानदार

सुनील कुमार दुकानदार

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सुनील कुमार दुकानदार

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