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Hamirpur (Himachal) News: मंजूरी में उलझा धलोट पंचायत का मल्टीपर्पज कैफेटेरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sun, 01 Feb 2026 11:17 PM IST
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एनएच किनारे कैहडरू में संचालन के लिए नहीं मिली मंजूरी
डीआरडीए ने निदेशालय भेजा था1.12 करोड़ रुपये का प्रस्ताव
स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उत्पाद के लिए मिलना है स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित मल्टीपर्पज कैफेटेरिया मंजूरी ने मिलने से उलझ गया है। सात माह बाद भी निर्माण कार्य को लेकर मंजूरी नहीं मिल पाई है। ऐसे में अब कैफेटेरिया के संचालन की योजना कागजी कार्रवाई तक सिमट कर रह गई है। मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण को लेकर कार्य होगा। सात माह पूर्व जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की ओर से धलोट पंचायत क्षेत्र में मल्टीपर्पज कैफेटेरिया के निर्माण और संचालन के लिए करीब 1.12 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर निदेशालय को भेजी गई थी।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना,महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराना और एनएच से गुजरने वाले यात्रियों को स्थानीय उत्पादों से जोड़ना है लेकिन अभी तक प्रपोजल को लेकर मंजूरी नहीं मिल पाई है। जिससे कार्य अधर में रुका हुआ है। प्रपोजल में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्किंग शैडए ग्रामीण कैफे में काउंटर का कार्य करना है। वर्तमान में जिले में सैकड़ों स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे है। यह समूह जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक अपने उत्पादों को बेचने के लिए कार्य कर रहे हैं। मंच न मिलने से कई दफा उत्पादों की बिक्री में दिक्कत आती है, लेकिन इस योजना के सिरे चढ़ने से यह स्थायी ठिकाना समूहों को मिलेगा।
बाक्स:
जिले में 2738 स्वयं सहायता समूह
जिले में 2738 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। हजारों महिलाएं इन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये समूह स्थानीय पारंपरिक उत्पादों संबर्द्धन में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। ये समूह आचार, मुरब्बा, पपीते की बर्फी के साथ दिनचर्या के हैंडीक्राफ्ट से जुड़े उत्पाद भी बना रहे हैं। कैहडरू में मल्टीपर्पज कैफेटेरिया बनने से इन उत्पादों को बेचने में भी आसानी होगी।
कोट
प्रपोजल तैयार कर संबंधित विभाग ने निदेशालय को भेजी है अभी तक प्रपोजल को मंजूरी नहीं मिल पाई है। मंजूरी मिलने के बाद ही मल्टीपर्पज कैफेटेरिया का कार्य किया जाएगा।- अभिषेक गर्ग, एडीसी, हमीरपुर
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स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को उत्पाद के लिए मिलना है स्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
हमीरपुर। ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए प्रस्तावित मल्टीपर्पज कैफेटेरिया मंजूरी ने मिलने से उलझ गया है। सात माह बाद भी निर्माण कार्य को लेकर मंजूरी नहीं मिल पाई है। ऐसे में अब कैफेटेरिया के संचालन की योजना कागजी कार्रवाई तक सिमट कर रह गई है। मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण को लेकर कार्य होगा। सात माह पूर्व जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) की ओर से धलोट पंचायत क्षेत्र में मल्टीपर्पज कैफेटेरिया के निर्माण और संचालन के लिए करीब 1.12 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर निदेशालय को भेजी गई थी।
प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना,महिला स्वयं सहायता समूहों को स्थायी बाजार उपलब्ध कराना और एनएच से गुजरने वाले यात्रियों को स्थानीय उत्पादों से जोड़ना है लेकिन अभी तक प्रपोजल को लेकर मंजूरी नहीं मिल पाई है। जिससे कार्य अधर में रुका हुआ है। प्रपोजल में महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए वर्किंग शैडए ग्रामीण कैफे में काउंटर का कार्य करना है। वर्तमान में जिले में सैकड़ों स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे है। यह समूह जिला मुख्यालय से लेकर तहसील स्तर तक अपने उत्पादों को बेचने के लिए कार्य कर रहे हैं। मंच न मिलने से कई दफा उत्पादों की बिक्री में दिक्कत आती है, लेकिन इस योजना के सिरे चढ़ने से यह स्थायी ठिकाना समूहों को मिलेगा।
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जिले में 2738 स्वयं सहायता समूह
जिले में 2738 स्वयं सहायता समूह कार्य कर रहे हैं। हजारों महिलाएं इन स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं। ये समूह स्थानीय पारंपरिक उत्पादों संबर्द्धन में अहम भूमिका अदा कर रहे हैं। ये समूह आचार, मुरब्बा, पपीते की बर्फी के साथ दिनचर्या के हैंडीक्राफ्ट से जुड़े उत्पाद भी बना रहे हैं। कैहडरू में मल्टीपर्पज कैफेटेरिया बनने से इन उत्पादों को बेचने में भी आसानी होगी।
कोट
प्रपोजल तैयार कर संबंधित विभाग ने निदेशालय को भेजी है अभी तक प्रपोजल को मंजूरी नहीं मिल पाई है। मंजूरी मिलने के बाद ही मल्टीपर्पज कैफेटेरिया का कार्य किया जाएगा।- अभिषेक गर्ग, एडीसी, हमीरपुर
