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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   ESMA won't fill bellies; the government hasn't met our demands, so the strike will go ahead: Vinay.

एस्मा से नहीं भरता पेट, सरकार ने नहीं मानी मांगें, हड़ताल होगी : विनय

Wed, 24 Jun 2026 01:36 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Wed, 24 Jun 2026 01:36 AM IST
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हमीरपुर। एस्मा से पेट नहीं भरता है। सरकार ने मांगें नहीं मानी हैं, हमीरपुर डिपो में हड़ताल तय समय पर ही होगी। एस्मा लागू होने के बाद भी मीडिया को दिए बयान में कंडक्टर यूनियन हमीरपुर के प्रधान विनय राणा ने यह बात कही।
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उन्होंने बताया कि हम हड़ताल के लिए तैयार हैं। प्रदेश सरकार ने हिमाचल पथ परिवहन निगम कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल से पहले बड़ा कदम उठाते हुए पूरे प्रदेश में इसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट लागू कर दिया है। परिवहन विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, एचआरटीसी कर्मचारियों पर अगले छह महीने तक हड़ताल करने पर रोक रहेगी।
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इस नोटिफकेशन के बाद भी चालक-परिचालक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। चालक-परिचालकों ने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में 24 जून की रात 12 बजे से हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है।
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यदि हड़ताल तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू होती है तो हमीरपुर जिले में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है। हजारों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हमीरपुर डिपो में करीब 184 रूटों पर 150 से अधिक बसों का संचालन किया जाता है।
ये बसें रोजाना जिले के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर प्रमुख शहरों तक यात्रियों को आवाजाही की सुविधा प्रदान करती हैं। डिपो में टायरों की पर्याप्त उपलब्धता नहीं होने के कारण पहले से ही करीब 15 रूट प्रभावित हैं।
ऐसे में यदि हड़ताल होती है तो पहले से दबाव झेल रही परिवहन व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो सकती है। रोजाना बसों पर निर्भर रहने वाले विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।

चालक-परिचालकों की ये हैं मांगें
चालक-परिचालकों ने बताया कि उनकी कई आर्थिक मांगें लंबे समय से लंबित हैं। कर्मचारियों के अनुसार उन्हें 75 माह का एरियर, वर्ष 2016 से लंबित महंगाई भत्ते (डीए) का बकाया, 4-9-14 पे स्केल का लाभ तथा 50 हजार रुपये की वित्तीय राशि अभी तक नहीं मिली है। प्रदेश के अन्य विभागों के कर्मचारियों को यह 50 हजार रुपये की राशि लगभग चार वर्ष पहले प्रदान की जा चुकी है। वेतन और एरियर के अलावा कर्मचारियों ने ओवरटाइम भुगतान, नाइट ड्यूटी भत्ता, वर्दी भत्ता, पदोन्नति (प्रमोशन) और अन्य सेवा संबंधी मांगें भी उठाई हैं।

कोट
मामला ध्यान में है। निगम प्रबंधन के उच्चाधिकारियों से बात की जा रही है। -राजकुमार पाठक, डीएम, एचआरटीसी मंडल, हमीरपुर
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