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Hamirpur (Himachal) News: दो बार शिलान्यास, चार साल इंतजार... फिर भी वीरभूमि का युद्ध स्मारक अधूरा
Thu, 30 Jul 2026 01:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 30 Jul 2026 01:10 AM IST
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कैप्टन बलदेव राज शर्मा, निवासी मसियाना
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हमीरपुर। देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों की धरती कहे जाने वाले हमीरपुर में युद्ध स्मारक का निर्माण चार साल बाद भी अधूरा है। दो बार मुख्यमंत्री स्तर पर शिलान्यास होने के बावजूद यह परियोजना अभी तक पूरी नहीं हो पाई है।
दो दिन पहले इसी स्थल पर कारगिल विजय दिवस का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन समारोह के बाद निर्माणाधीन स्मारक की स्थिति फिर चर्चा में आ गई।
युद्ध स्मारक का पहला शिलान्यास 26 जुलाई 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था, जबकि सत्ता परिवर्तन के बाद 9 जुलाई 2023 को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दोबारा इसका शिलान्यास किया।
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सैनिक कल्याण विभाग की ओर से जारी 14 लाख रुपये की पहली किस्त से भूमि समतलीकरण, डंगा और शुरुआती कार्य किए गए, लेकिन इसके बाद बजट जारी न होने से करीब 75 लाख रुपये की यह परियोजना अधर में लटक गई।
निर्माण स्थल पर बना डंगा कई जगह धंसने लगा है, सीढ़ियों की टाइलें टूट चुकी हैं और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। प्रस्तावित स्मारक शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा स्मारक के साथ बनाया जाना है, जहां ग्रेनाइट की पट्टिका पर जिला हमीरपुर के विभिन्न युद्धों और सैन्य अभियानों में बलिदान हुए करीब 345 वीर जवानों के नाम अंकित किए जाने हैं।
पूर्व सैनिकों ने सरकार से युद्ध स्मारक का निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देने वाला स्थल है।
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हमीरपुर को वीर भूमि कहा जाता है। यहां पर सबसे अधिक सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है। ऐसे स्मारक का निर्माण अधर में रखना बलिदानियों का अपमान करना है। -कैप्टन जगदीश वर्मा सेवानिवृत्त, चेयरमैन यूनाइटिड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन, हिमाचल प्रदेश
बलिदानियों की याद में स्मारक का निर्माण न होना बेहद ही शर्मनाक है। सरकार को चाहिए कि वह इसके लिए बजट उपलब्ध करवाए और बलिदानियों को सम्मान दे। -सूबेदार मेजर रोशन लाल चौहान, निवासी वार्ड नंबर छह, हाउसिंग कॉलोनी हमीरपुर
देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को सम्मान देने के लिए स्मारक का निर्माण होना बहुत ही जरूरी है। प्रदेश सरकार को जल्द बजट उपलब्ध करवाना चाहिए। -कैप्टन बलदेव राज शर्मा, निवासी मसियाणा
कोट
युद्ध स्मारक के शेष निर्माण के लिए सरकार को बजट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही राशि लोक निर्माण विभाग को जारी कर दी जाएगी, ताकि निर्माण पूरा करवाया जा सके। -स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा, उपनिदेशक, सैनिक कल्याण विभाग, हमीरपुर
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दो दिन पहले इसी स्थल पर कारगिल विजय दिवस का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई, लेकिन समारोह के बाद निर्माणाधीन स्मारक की स्थिति फिर चर्चा में आ गई।
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युद्ध स्मारक का पहला शिलान्यास 26 जुलाई 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने किया था, जबकि सत्ता परिवर्तन के बाद 9 जुलाई 2023 को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दोबारा इसका शिलान्यास किया।
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सैनिक कल्याण विभाग की ओर से जारी 14 लाख रुपये की पहली किस्त से भूमि समतलीकरण, डंगा और शुरुआती कार्य किए गए, लेकिन इसके बाद बजट जारी न होने से करीब 75 लाख रुपये की यह परियोजना अधर में लटक गई।
निर्माण स्थल पर बना डंगा कई जगह धंसने लगा है, सीढ़ियों की टाइलें टूट चुकी हैं और निर्माण सामग्री बिखरी पड़ी है। प्रस्तावित स्मारक शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा स्मारक के साथ बनाया जाना है, जहां ग्रेनाइट की पट्टिका पर जिला हमीरपुर के विभिन्न युद्धों और सैन्य अभियानों में बलिदान हुए करीब 345 वीर जवानों के नाम अंकित किए जाने हैं।
पूर्व सैनिकों ने सरकार से युद्ध स्मारक का निर्माण जल्द पूरा करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह स्मारक केवल एक भवन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देने वाला स्थल है।
हमीरपुर को वीर भूमि कहा जाता है। यहां पर सबसे अधिक सैनिकों ने अपना बलिदान दिया है। ऐसे स्मारक का निर्माण अधर में रखना बलिदानियों का अपमान करना है। -कैप्टन जगदीश वर्मा सेवानिवृत्त, चेयरमैन यूनाइटिड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विसमैन, हिमाचल प्रदेश
बलिदानियों की याद में स्मारक का निर्माण न होना बेहद ही शर्मनाक है। सरकार को चाहिए कि वह इसके लिए बजट उपलब्ध करवाए और बलिदानियों को सम्मान दे। -सूबेदार मेजर रोशन लाल चौहान, निवासी वार्ड नंबर छह, हाउसिंग कॉलोनी हमीरपुर
देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को सम्मान देने के लिए स्मारक का निर्माण होना बहुत ही जरूरी है। प्रदेश सरकार को जल्द बजट उपलब्ध करवाना चाहिए। -कैप्टन बलदेव राज शर्मा, निवासी मसियाणा
कोट
युद्ध स्मारक के शेष निर्माण के लिए सरकार को बजट उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही राशि लोक निर्माण विभाग को जारी कर दी जाएगी, ताकि निर्माण पूरा करवाया जा सके। -स्क्वाड्रन लीडर मनोज राणा, उपनिदेशक, सैनिक कल्याण विभाग, हमीरपुर

कैप्टन बलदेव राज शर्मा, निवासी मसियाना

कैप्टन बलदेव राज शर्मा, निवासी मसियाना